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फर्जी दस्तावेज से बेच दी सरकारी जमीन: भाजपा-कांग्रेस के पदाधिकारी, मंत्री के पूर्व सचिव, पटवारी सहित 21 पर FIR
Thu, 18 May 2023 03:21 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबिकापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबिकापुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 18 May 2023 03:21 PM IST
सार
सुनवाई में जमीन से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराने के अवसर भी दिए गए। किसी भी व्यक्ति ने ऐसा कोई राजस्व अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित खसरा नंबर की जमीन नियमों के तहत उनके नाम पर आई है।
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जमीन घोटाला (सांकेतिक फोटो)
विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में फर्जी दस्तावेज से सरकारी जमीन बेचने के मामले में 21 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। दो अलग-अलग अपराधिक प्रकरणों में क्षेत्र के पटवारी और तहसील कार्यालय में पदस्थ कानूनगो, भाजपा व कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी-कार्यकर्ता और प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का पूर्व निजी सचिव भी शामिल है। आरोप है कि, बतौली ब्लाक अंतर्गत ग्राम भटको, कालीपुर और करदना में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय जमीन का पट्टा बनवाया गया। प्रशासनिक जांच के बाद बतौली थाने में मामला दर्ज किया गया है।
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ग्रामीणों ने कलेक्टर से की थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, बतौली से लगे ग्राम पंचायत भटको के ग्रामीणों ने कलेक्टर के पास लिखित शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि शासकीय जमीन का फर्जी तरीके से पट्टा बनवा लिया गया है। क्रेता-विक्रेता के संबंध में गांव वालों को किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। शिकायत पर कलेक्टर कुंदन कुमार ने प्रकरण की जांच के लिए कमेटी का गठन किया था। राजस्व विभाग के टीम की जांच में बतौली ब्लाक के कई गांवों में जमीन घोटाला उजागर हुआ। ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर तहसील न्यायालय बतौली में राजस्व प्रकरण की सुनवाई की गई।
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सुनवाई के दौरान नहीं प्रस्तुत कर सके अभिलेख
सुनवाई में जमीन से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराने के अवसर भी दिए गए। किसी भी व्यक्ति ने ऐसा कोई राजस्व अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित खसरा नंबर की जमीन नियमों के तहत उनके नाम पर आई है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बतौली थाने में राजस्व अमले ने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर में चार और 19 लोगों को नामजद किया है। इसमें पटवारी व कानूनगो दोनों एफआईआर में नामजद है। इन सभी के विरुद्ध धारा 120 बी, 420 , 467, 468, 471 के तहत अपराध पंजीकृत किया गया है।
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इन लोगों के विरुद्ध हुई एफआइआर
जमीन घोटाले के एक प्रकरण में पुलिस ने पटवारी कंचन राम पैकरा, तहसील कार्यालय के कानूनगो जान बड़ा, रामानंद यादव, भगमनिया, शशांक गुप्ता, जगमोहन, हेमंत यादव, प्रेमलता, अश्वनी सिंह, भूपेंद्र यादव, अनूप गुप्ता , उदय राम, सुंदर राम, सुभग राम, रामप्रसाद, प्रदीप गुप्ता, अनीता यादव, बीना गुप्ता और दूसरे प्रकरण में बैगिन लोहार, अमित गुप्ता, पटवारी कंचन राम पैकरा व कानूनगो जान बड़ा के विरुद्ध अपराध पंजीकृत किया गया है।