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Chhattisgarh: दिव्यांगजनों के लिए सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, विवाह पर मिलेगी एक लाख रुपये तक की सहायता
Sat, 02 Aug 2025 02:14 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 02 Aug 2025 02:14 PM IST
सार
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 'दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांग वर-वधु को विवाह के बाद एक लाख रुपए तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 'दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांग वर-वधु को विवाह के बाद एक लाख रुपए तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह के बाद शुरुआती जीवन में आर्थिक संबल देकर सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। विवाह में केवल एक पक्ष दिव्यांग हो, तो 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यदि दोनों वर-वधु दिव्यांग हों, तो एक लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। यह सहायता विवाह के छह माह के भीतर आवेदन करने पर उपलब्ध होगी। आयकर दाता न होने की शर्त के साथ 18 से 46 वर्ष तक के दिव्यांग पुरुष योजना के पात्र होंगे।
विभागों को दिया गया समन्वय का निर्देश
योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभागों के अंतर्गत चिन्हित दिव्यांग हितग्राहियों को इस योजना से जोड़ने हेतु समन्वय करें।
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इसके अतिरिक्त, यदि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'छत्तीसगढ़ विवाह योजना' या 'अंतरजातीय विवाह योजना' के तहत कोई जोड़ा दिव्यांग श्रेणी में आता है, तो वह भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
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योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह के बाद शुरुआती जीवन में आर्थिक संबल देकर सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। विवाह में केवल एक पक्ष दिव्यांग हो, तो 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। यदि दोनों वर-वधु दिव्यांग हों, तो एक लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। यह सहायता विवाह के छह माह के भीतर आवेदन करने पर उपलब्ध होगी। आयकर दाता न होने की शर्त के साथ 18 से 46 वर्ष तक के दिव्यांग पुरुष योजना के पात्र होंगे।
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विभागों को दिया गया समन्वय का निर्देश
योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभागों के अंतर्गत चिन्हित दिव्यांग हितग्राहियों को इस योजना से जोड़ने हेतु समन्वय करें।
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इसके अतिरिक्त, यदि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'छत्तीसगढ़ विवाह योजना' या 'अंतरजातीय विवाह योजना' के तहत कोई जोड़ा दिव्यांग श्रेणी में आता है, तो वह भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।