{"_id":"690233a1356576d5000ca1ff","slug":"youth-are-being-harassed-in-de-addiction-centres-surveillance-will-increase-chandigarh-news-c-16-1-knl1001-856900-2025-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: नशा मुक्ति केंद्रों में युवाओं को किया जा रहा प्रताड़ित, बढ़ेगी निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: नशा मुक्ति केंद्रों में युवाओं को किया जा रहा प्रताड़ित, बढ़ेगी निगरानी
विज्ञापन
-मनमर्जी से दी जाती हैं दवाइयां, पंजाब सरकार तक पहुंची कई शिकायतें
-नशे के खिलाफ छेड़े अभियान के दौरान भी रोजाना युवाओं को इन केंद्रों में भेजा जा रहा
-अब सरकार रखेगी कड़ी नजर, दवाओं की गुणवत्ता पर खरड़ स्थित सरकारी लैब रखेगी निगरानी
-- -
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस तरह की कई शिकायतें राज्य सरकार के पास पहुंची हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने इन केंद्रों की निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। इन केंद्रों में दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता और मात्रा पर भी पैनी नजर रखी जाएगी और इसकी जिम्मेदारी खरड़ स्थित सरकारी लैब को दी जाएगी।
राज्य में 36 सरकारी और 177 लाइसेंस प्राप्त निजी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र हैं। इस वक्त इन केंद्रों की उपयोगिता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि सरकार के नशे के विरुद्ध छेड़े गए अभियान के तहत उन लोगों को चिह्नित कर इन्हीं केंद्रों में भेजा जाता है जो नशा छोड़ने के लिए सरकारी मदद चाहते हैं। रोजाना पुलिस सभी जिलों में दबिश देकर नशा तस्करों के साथ-साथ कुछ संदिग्धों को भी पकड़ती है। इन्हीं में से कई ऐसे लोग भी सामने आते हैं जो नशा छोड़ना चाहते हैं।
पंजाब में तीन स्तरीय रणनीति
पंजाब सरकार ने राज्य में नशे के उन्मूलन के लिए तीन स्तरीय रणनीति प्रवर्तन, नशा मुक्ति और रोकथाम लागू की है। इसी रणनीति के तहत पंजाब पुलिस लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार प्राप्त करने के लिए राजी करते हैं और फिर उन्हें इन केंद्रों में भेज दिया जाता है। इसी के चलते इन केंद्रों में इन दिनों युवाओं की तादाद बढ़ रही है। सूत्र बताते हैं कि सरकार के पास इन केंद्रों में नशा छुड़वाने के लिए युवाओं को कई तरह की यातनाएं और मनमर्जी से दवाएं देने समेत कई तरह की शिकायतें पहुंची हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
सीएम भगवंत मान ने इस मसले पर बताया कि इन केंद्रों से आने वाली विभिन्न शिकायतों पर सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसलिए विभिन्न तरह के नियमों को फ्रेमवर्क कर इनकी निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नियमों में संशोधन कर इन्हें और मजबूत बनाया जाएगा। इन केंद्रों में होने वाले चेकअप व दवा वितरण और गुणवत्ता पर खरड़ स्थित सरकारी लैब निगरानी रखेगी।
विज्ञापन
-नशे के खिलाफ छेड़े अभियान के दौरान भी रोजाना युवाओं को इन केंद्रों में भेजा जा रहा
-अब सरकार रखेगी कड़ी नजर, दवाओं की गुणवत्ता पर खरड़ स्थित सरकारी लैब रखेगी निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस तरह की कई शिकायतें राज्य सरकार के पास पहुंची हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने इन केंद्रों की निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। इन केंद्रों में दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता और मात्रा पर भी पैनी नजर रखी जाएगी और इसकी जिम्मेदारी खरड़ स्थित सरकारी लैब को दी जाएगी।
राज्य में 36 सरकारी और 177 लाइसेंस प्राप्त निजी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र हैं। इस वक्त इन केंद्रों की उपयोगिता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि सरकार के नशे के विरुद्ध छेड़े गए अभियान के तहत उन लोगों को चिह्नित कर इन्हीं केंद्रों में भेजा जाता है जो नशा छोड़ने के लिए सरकारी मदद चाहते हैं। रोजाना पुलिस सभी जिलों में दबिश देकर नशा तस्करों के साथ-साथ कुछ संदिग्धों को भी पकड़ती है। इन्हीं में से कई ऐसे लोग भी सामने आते हैं जो नशा छोड़ना चाहते हैं।
विज्ञापन
पंजाब में तीन स्तरीय रणनीति
पंजाब सरकार ने राज्य में नशे के उन्मूलन के लिए तीन स्तरीय रणनीति प्रवर्तन, नशा मुक्ति और रोकथाम लागू की है। इसी रणनीति के तहत पंजाब पुलिस लोगों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार प्राप्त करने के लिए राजी करते हैं और फिर उन्हें इन केंद्रों में भेज दिया जाता है। इसी के चलते इन केंद्रों में इन दिनों युवाओं की तादाद बढ़ रही है। सूत्र बताते हैं कि सरकार के पास इन केंद्रों में नशा छुड़वाने के लिए युवाओं को कई तरह की यातनाएं और मनमर्जी से दवाएं देने समेत कई तरह की शिकायतें पहुंची हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
सीएम भगवंत मान ने इस मसले पर बताया कि इन केंद्रों से आने वाली विभिन्न शिकायतों पर सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसलिए विभिन्न तरह के नियमों को फ्रेमवर्क कर इनकी निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। नियमों में संशोधन कर इन्हें और मजबूत बनाया जाएगा। इन केंद्रों में होने वाले चेकअप व दवा वितरण और गुणवत्ता पर खरड़ स्थित सरकारी लैब निगरानी रखेगी।