डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए दाखिल बबीता फौगाट की याचिका खारिज, दोबारा दाखिल करने की दी छूट
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रेसलर बबीता फौगाट की डीएसपी बनाने से जुड़ी याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए खारिज कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने याची को बेहतर तथ्यों और दस्तावेजों के साथ दोबारा याचिका दाखिल करने की छूट दे दी है।
बबीता फौगाट ने छह साल से प्रमोशन न मिलने पर हरियाणा सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में सवाल उठाया गया था कि गीता फौगाट डीएसपी हैं, लेकिन बहन से ज्यादा मेडल जीतने के बावजूद एसआई पद से याची का प्रमोशन हो रहा है। मामले की सुनवाई पर हाईकोर्ट ने गीता फौगाट की नियुक्ति पत्र भी तलब किया था।
चरखी दादरी जिले के गांव बलाली की बबीता फौगाट ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इस उपलब्धि के आधार पर सरकार ने बबीता को 2013 में हरियाणा पुलिस में एसआई बनाया था। वर्तमान में बबीता मधुबन में तैनात हैं, लेकिन छह साल की नौकरी के बावजूद प्रमोशन नहीं मिला, जबकि एसआई बनने के बाद भी वह देश के लिए लगातार मेडल जीत रही हैं।
सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याची के वकील से पूछा कि बबीता इस समय किस पद पर नियुक्त हैं और किस आधार पर डीएसपी पद पर नियुक्ति की मांग कर रही हैं, तो बबीता के वकील कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
इस पर बेंच ने कहा कि यह याचिका तथ्यहीन व सही नहीं हैं। याचिका में पूर्ण जानकारी व सही खेल नीति व सही दस्तावेज का प्रयोग नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने याचिका को नए सिरे से दाखिल करने की छूट देते हुए याचिका को खारिज कर दिया।