{"_id":"ed2c94992fb7583047944a71a066e2a1","slug":"workshop-chandigarh-police-bank-fraud-case-investigation-icici-bank","type":"story","status":"publish","title_hn":" पुलिस को सिखाया, कैसे करे फ्रॉड केस की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को सिखाया, कैसे करे फ्रॉड केस की जांच
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 08 Dec 2013 11:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-14 स्थित पुलिस कम्यूनिटी हब में एक वर्कशाप आयोजित की गई, जिसमें बैंक फ्राड व साइबर क्राइम के बारे में पुलिस को टिप्स दिए गए।
आईसीआईसीआई बैंक व पुलिस के संयुक्त प्रयास से इस वर्कशाप का आयोजन किया गया, जिसमें कमिश्नर राजबीर देसवाल, डीसीपी अश्विन शेणवी सहित थाना प्रभारियों व अन्य जांच अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
साइबर क्राइम जांच एक्सपर्ट मनप्रीत सिंह ने पुलिस कर्मियों तकनीकी तौर पर कई गुर बताए। उन्होंने बताया कि हैकर कैसे बैंक खाते या वेबसाइट हैक करते हैं और उसके बाद किस तरह लोगों के खातों में सेंध मारकर पैसे गायब करते हैं।
सिंह ने जांच अधिकारियों को बताया कि ऐसे मामलों की जांच आईटी एक्ट का मामला दर्ज करने की जानी चाहिए और आईपी एड्रेस पता लगाने का भी तरीका बताया।
वर्कशाप में बताया कि साइबर क्राइम के मामले शहरी क्षेत्र में ही ज्यादा होते हैं। इसके अलावा सोशल साइट्स हैक होने पर उनकी जांच के तरीके भी बताए गए।
वर्कशाप के दौरान कई जांच अधिकारियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञास शांत की। कमिश्नर राजबीर देसवाल ने कहा कि इस तरह की वर्कशाप पुलिस के लिए फायदेमंद साबित होती हैं और भविष्य में भी ऐसी वर्कशाप की जाएंगी।
विज्ञापन
वहीं डीसीपी अश्विन शेणवी ने इसे एक सराहनीय और फायदेमंद प्रयास बताया।
विज्ञापन
आईसीआईसीआई बैंक व पुलिस के संयुक्त प्रयास से इस वर्कशाप का आयोजन किया गया, जिसमें कमिश्नर राजबीर देसवाल, डीसीपी अश्विन शेणवी सहित थाना प्रभारियों व अन्य जांच अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
साइबर क्राइम जांच एक्सपर्ट मनप्रीत सिंह ने पुलिस कर्मियों तकनीकी तौर पर कई गुर बताए। उन्होंने बताया कि हैकर कैसे बैंक खाते या वेबसाइट हैक करते हैं और उसके बाद किस तरह लोगों के खातों में सेंध मारकर पैसे गायब करते हैं।
विज्ञापन
सिंह ने जांच अधिकारियों को बताया कि ऐसे मामलों की जांच आईटी एक्ट का मामला दर्ज करने की जानी चाहिए और आईपी एड्रेस पता लगाने का भी तरीका बताया।
वर्कशाप में बताया कि साइबर क्राइम के मामले शहरी क्षेत्र में ही ज्यादा होते हैं। इसके अलावा सोशल साइट्स हैक होने पर उनकी जांच के तरीके भी बताए गए।
वर्कशाप के दौरान कई जांच अधिकारियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञास शांत की। कमिश्नर राजबीर देसवाल ने कहा कि इस तरह की वर्कशाप पुलिस के लिए फायदेमंद साबित होती हैं और भविष्य में भी ऐसी वर्कशाप की जाएंगी।
विज्ञापन
वहीं डीसीपी अश्विन शेणवी ने इसे एक सराहनीय और फायदेमंद प्रयास बताया।