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‘अपने कमरे में जानबूझ कर बुलाता था कालरा’
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Dec 2013 10:56 PM IST
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पेक में पढ़ाने वाली एसोसिएट महिला प्रोफेसर को अब न्याय की उम्मीद बंध गई है।
उनकी शिकायत पर घटना के चार साल बाद पूर्व डायरेक्टर मनोज दत्ता और मौजूदा डिप्टी डायरेक्टर एएम कालरा के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया गया है।
पीड़िता ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि 2009 में एचओडी रहते हुए ही कालरा का व्यवहार ठीक नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि टाइम टेबल इंचार्ज होने के कारण उन्हें कालरा एचओडी कमरे की जगह अपने अलग कमरे में जानबूझ कर बार-बार बुलाता था।
कई बार उन्होंने गलत तरीके से इशारे भी किए और पास से गुजरते हुए उन्हें छूने की कोशिश की भी। पेक कैंपस ही कालरा खूब स्मोकिंग करता था।
प्रो. कालरा को हटाया था एचओडी पद से
एसोसिएट महिला प्रोफेसर का कहना है कि कालरा पर 2009 से पहले पेक डायरेक्टर रहे विजय गुप्ता ने कार्रवाई की थी।
उन्होंने पूरे पेक में से सिर्फ कालरा को ही एचओडी पद से हटाया था। लेकिन उसके बाद पेक डायरेक्टर बने प्रो. मनोज दत्ता ने कालरा को नियमों की अनदेखी करते हुए पेक डिप्टी डायरेक्टर बना दिया।
शिक्षिका ने बताया कि 30 नवंबर को कालरा की डिप्टी डायरेक्टर पद से एक्टेंशन खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद वह अभी भी डिप्टी डायरेक्टर के तहत सभी मीटिंग में हिस्सा लेेता है।
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शिकायत अब कार्रवाई
शिक्षिका का कहना है कि उन्होंने कालरा के खिलाफ 2010 में पेक के वुमेन सेल में यौन उत्पीड़न और मानसिक तौर पर तंग करने को लेकर शिकायत दर्ज थी। लेकिन मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा उन्होंने इस मामले में नेशनल कमीशन फॉर वुमेन को, दो जनवरी 2012 को चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल को और 3 अक्तूबर 2013 को नए डायरेक्टर प्रो. मनोज कुमार अरोड़ा को भी लिखित में शिकायत दी थी। इसके बावजूद कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।
सोमवार को पेक पहुंचेंगे शिवराज पाटिल
एसोसिएट महिला प्रोफेसर का मामला अब तूल पकड़ चुका है। एफआईआर दर्ज होने के बाद कालरा और पूर्व डायरेक्टर मनोज दत्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
सोमवार को चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल पेक में एक ब्लॉक का नींव पत्थर रखने के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में पाटिल के सामने भी यह मुद्दा उठ सकता है।
पूर्व डायरेक्टर प्रो.मनोज दत्ता ने नहीं की कार्रवाई
पीड़ित शिक्षिका ने साफ किया कि यौन उत्पीड़न मामले में उनकी बार-बार शिकायत पर भी पूर्व पेक डायरेक्टर डा. मनोज दत्ता ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कई बार उनकी शिकायतों को भी दबा लिया और उसे प्रो. कालरा के खिलाफ कोई भी चिट्ठी नहीं लिखने की हिदायत दे दी।
उन्होंने बताया कि अभी तक पेक के चार प्रोफेसर के खिलाफ चार्जशीट जारी हुई, लेकिन सिर्फ उनके खिलाफ ही सस्पेंशन की कार्रवाई की गई।
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उनकी शिकायत पर घटना के चार साल बाद पूर्व डायरेक्टर मनोज दत्ता और मौजूदा डिप्टी डायरेक्टर एएम कालरा के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया गया है।
पीड़िता ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि 2009 में एचओडी रहते हुए ही कालरा का व्यवहार ठीक नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि टाइम टेबल इंचार्ज होने के कारण उन्हें कालरा एचओडी कमरे की जगह अपने अलग कमरे में जानबूझ कर बार-बार बुलाता था।
कई बार उन्होंने गलत तरीके से इशारे भी किए और पास से गुजरते हुए उन्हें छूने की कोशिश की भी। पेक कैंपस ही कालरा खूब स्मोकिंग करता था।
प्रो. कालरा को हटाया था एचओडी पद से
एसोसिएट महिला प्रोफेसर का कहना है कि कालरा पर 2009 से पहले पेक डायरेक्टर रहे विजय गुप्ता ने कार्रवाई की थी।
उन्होंने पूरे पेक में से सिर्फ कालरा को ही एचओडी पद से हटाया था। लेकिन उसके बाद पेक डायरेक्टर बने प्रो. मनोज दत्ता ने कालरा को नियमों की अनदेखी करते हुए पेक डिप्टी डायरेक्टर बना दिया।
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शिक्षिका ने बताया कि 30 नवंबर को कालरा की डिप्टी डायरेक्टर पद से एक्टेंशन खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद वह अभी भी डिप्टी डायरेक्टर के तहत सभी मीटिंग में हिस्सा लेेता है।
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शिकायत अब कार्रवाई
शिक्षिका का कहना है कि उन्होंने कालरा के खिलाफ 2010 में पेक के वुमेन सेल में यौन उत्पीड़न और मानसिक तौर पर तंग करने को लेकर शिकायत दर्ज थी। लेकिन मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा उन्होंने इस मामले में नेशनल कमीशन फॉर वुमेन को, दो जनवरी 2012 को चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल को और 3 अक्तूबर 2013 को नए डायरेक्टर प्रो. मनोज कुमार अरोड़ा को भी लिखित में शिकायत दी थी। इसके बावजूद कोई भी कार्रवाई नहीं हुई।
सोमवार को पेक पहुंचेंगे शिवराज पाटिल
एसोसिएट महिला प्रोफेसर का मामला अब तूल पकड़ चुका है। एफआईआर दर्ज होने के बाद कालरा और पूर्व डायरेक्टर मनोज दत्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
सोमवार को चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल पेक में एक ब्लॉक का नींव पत्थर रखने के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में पाटिल के सामने भी यह मुद्दा उठ सकता है।
पूर्व डायरेक्टर प्रो.मनोज दत्ता ने नहीं की कार्रवाई
पीड़ित शिक्षिका ने साफ किया कि यौन उत्पीड़न मामले में उनकी बार-बार शिकायत पर भी पूर्व पेक डायरेक्टर डा. मनोज दत्ता ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कई बार उनकी शिकायतों को भी दबा लिया और उसे प्रो. कालरा के खिलाफ कोई भी चिट्ठी नहीं लिखने की हिदायत दे दी।
उन्होंने बताया कि अभी तक पेक के चार प्रोफेसर के खिलाफ चार्जशीट जारी हुई, लेकिन सिर्फ उनके खिलाफ ही सस्पेंशन की कार्रवाई की गई।