फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Wife entitled to compensation for death of first husband even after remarriage

Haryana: दूसरे विवाह के बाद भी पहले पति की मौत पर पत्नी को मुआवजे का हक, हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Sat, 25 Nov 2023 12:06 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 25 Nov 2023 12:06 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि पति की मौत के बाद दोबारा विवाह करना उसका निजी निर्णय है जिसमें किसी को दखल का अधिकार नहीं है। दोबारा विवाह करने के बाद भी वह अपने पहले पति की मौत के लिए मिलने वाले मुआवजे से वंचित नहीं की जा सकती है।

विज्ञापन
Wife entitled to compensation for death of first husband even after remarriage
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

दूसरे विवाह के बाद भी पहले पति की मौत पर पत्नी को मुआवजे का हक है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने दूसरे विवाह को महिला का निजी निर्यण बताया है। हाईकोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल रेवाड़ी द्वारा मृतक की विधवा को पुनर्विवाह के बाद भी मुआवजे के लिए हकदार मानने को चुनौती देने वाली बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि पति की मौत के बाद दोबारा विवाह करना पूरी तरह से पत्नी का निजी निर्णय है जिसमें किसी को दखल का अधिकार नहीं है। 

विज्ञापन


पत्नी दूसरा विवाह करने के बाद भी पहले पति की मृत्यु के चलते मिलने वाले मुआवजे की हकदार है। याचिका दाखिल करते हुए बीमा कंपनी व मृतक के अभिभावकों ने मोटर वाहन क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेश में संशोधन की मांग की थी। याचिका में दलील दी गई थी कि स्कूल बस और मोटर साइकिल की टक्कर में जोगिंदर सिंह की 3 मार्च 2010 को मौत हो गई थी। इस मामले में एमएसीटी रेवाड़ी ने 18 लाख रुपये का मुआवजा तय किया और इसका 40 प्रतिशत मृतक की विधवा को देने का आदेश जारी किया। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट में दलील दी गई कि दोबारा विवाह करने के बाद मृतक की पत्नी उस पर निर्भर नहीं थी और ऐसे में उसे मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि मृतक की विधवा ने 2013 में दोबारा विवाह किया था। पहले पति के जीवित रहते वह उसके साथ रहती थी और पूरी तरह से उस पर निर्भर थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पति की मौत के बाद दोबारा विवाह करना उसका निजी निर्णय है जिसमें किसी को दखल का अधिकार नहीं है। दोबारा विवाह करने के बाद भी वह अपने पहले पति की मौत के लिए मिलने वाले मुआवजे से वंचित नहीं की जा सकती है। ऐसे में मृतक के परिजनों और बीमा कंपनी की इस मांग को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed