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पीयू शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में डाला खालिस्तानी समर्थक वीडियो, हड़कंप
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के लगभग 300 शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में रविवार शाम को एक शिक्षक ने खालिस्तानी समर्थक वीडियो शेयर कर दिए। इससे पूरे ग्रुप में हड़कंप मच गया। इसके बाद ग्रुप में शिक्षकों ने इस पर आपत्ति जताई तो बाद में उस शिक्षक ने ग्रुप में माफी मांग ली और कहा कि गलती से वीडियो शेयर हो गया था। फिलहाल शिक्षक को ग्रुप से नहीं हटाया गया है।
जानकारी के अनुसार वीडियो शेयर करने वाले शिक्षक पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं। इस मुद्दे पर पुटा के सचिव प्रो. अमरजीत सिंह ने बताया कि वे इस ग्रुप के सदस्य नहीं थे। देर शाम उन्हें शिक्षकों ने इस ग्रुप में जोड़ा। तब तक वीडियो वहां से हटा दिया गया था। वीडियो शेयर करने के बाद शिक्षक ने माफी मांग ली है। शिक्षक से वीडियो गलती से शेयर हो गया था।
पहले भी शेयर की जा चुकी है आपत्तिजनक वीडियो, पीयू प्रशासन साध लेता है चुप्पी
पीयू में व्हाट्सएप ग्रुप में पहले भी आपत्तिजनक वीडियो शेयर की जा चुकी है, लेकिन पीयू प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। शिक्षक द्वारा इस तरह की हरकत निंदनीय है। बता दें पहले भी शिक्षकों के ऐसे ही एक व्हाट्सएप ग्रुप में किसी शिक्षक ने आपत्तिजनक वीडियो शेयर कर दी थी। इसके बाद ग्रुप एडमिन को ग्रुप ही डिलीट करना पड़ा था। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, साइबर विशेषज्ञ का कहना है कि ऐसे में मामले में साइबर सेल आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करती है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
शिक्षकों का यह निजी व्हाट्सएप ग्रुप हो सकता है। इसमें पीयू का कोई लेना-देना नहीं है। -रेणुका सालवान, जनसंपर्क अधिकारी, पीयू
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जानकारी के अनुसार वीडियो शेयर करने वाले शिक्षक पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं। इस मुद्दे पर पुटा के सचिव प्रो. अमरजीत सिंह ने बताया कि वे इस ग्रुप के सदस्य नहीं थे। देर शाम उन्हें शिक्षकों ने इस ग्रुप में जोड़ा। तब तक वीडियो वहां से हटा दिया गया था। वीडियो शेयर करने के बाद शिक्षक ने माफी मांग ली है। शिक्षक से वीडियो गलती से शेयर हो गया था।
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पहले भी शेयर की जा चुकी है आपत्तिजनक वीडियो, पीयू प्रशासन साध लेता है चुप्पी
पीयू में व्हाट्सएप ग्रुप में पहले भी आपत्तिजनक वीडियो शेयर की जा चुकी है, लेकिन पीयू प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। शिक्षक द्वारा इस तरह की हरकत निंदनीय है। बता दें पहले भी शिक्षकों के ऐसे ही एक व्हाट्सएप ग्रुप में किसी शिक्षक ने आपत्तिजनक वीडियो शेयर कर दी थी। इसके बाद ग्रुप एडमिन को ग्रुप ही डिलीट करना पड़ा था। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, साइबर विशेषज्ञ का कहना है कि ऐसे में मामले में साइबर सेल आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करती है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
शिक्षकों का यह निजी व्हाट्सएप ग्रुप हो सकता है। इसमें पीयू का कोई लेना-देना नहीं है। -रेणुका सालवान, जनसंपर्क अधिकारी, पीयू