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शोधार्थियों को छात्रावास में लाने के लिए क्या तरकीब निकाल रहा पीयू.. जरूर पढ़ें

Sun, 24 Jan 2021 02:26 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2021 02:26 AM IST
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What is PU doing to get researchers to hostel .. definitely read
चंडीगढ़। पीयू यूनिवर्सिटी ने द्वितीय व तृतीय वर्ष के शोधार्थियों का डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। साथ ही एमफिल वाले विद्यार्थियों के भी आंकड़े एकत्रित किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इन शोधार्थियों की संख्या 600 से कम होगी तो इनके लिए पीयू प्रशासन छात्रावासों के दरवाजे खोल देगा। उसके बाद पीयू का रिसर्च और गति पकड़ेगा।
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इस तरह बनी योजना
पीयू में तीन वर्ष से ज्यादा समय से रिसर्च कर रहे शोधार्थियों को तो पीयू छात्रावासों में बुला चुकी है, लेकिन बाकी शोधार्थियों के बुलाने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। शोधार्थियों का शोध समय पर पूरी तरह निर्भर है। जो तिथि शोधार्थियों को थीसिस जमा करने के लिए दी गई है, उसी समय वह जमा करनी होगी। शोधार्थियों को पीयू की ओर न बुलाने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। इसके कारण वे परेशान हैं। इसी को लेकर रिसर्च स्कॉलर ने दो दिन पहले प्रदर्शन किया और पीयू प्रशासन पर दबाव बनाया। अब जाकर पीयू प्रशासन शोधार्थियों का डाटा एकत्रित कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि 27 जनवरी तक यह डाटा एकत्रित करके फैसला लेना है कि छात्रावास खोले जाएंगे या नहीं। यदि इस तिथि तक निर्णय नहीं हो पाता है तो फिर शोधार्थिी फिर से प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।
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शिक्षकों का भी पीयू प्रशासन पर है दबाव
प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर के पास शोधार्थी हैं, जिन्हें गाइड करना पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक दो हजार से अधिक शोधार्थी इस समय शोध में लगे हैं। कोरोना के कारण इनका रिसर्च प्रभावित हो गया था। लगातार प्रभावित होते रिसर्च से शिक्षकों पर भी दबाव बन रहा था। लगभग 700 शिक्षक रिसर्च में जुटे हैं, क्योंकि उन्हें समय से रिसर्च का काम पूरा करवाना था। गाइडेंस आदि देनी थी। इसके लिए पीयू प्रशासन को शिक्षकों ने भी कहा कि शोधार्थियों को बुलाया जाए। चारों ओर से दबाव पड़ने के बाद काम शुरू हुआ।
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इनसेट----
अलग से बनेंगी गाइडलाइन
सूत्रों का कहना है कि सभी शोधार्थी यदि छात्रावासों में पहुंचेंगे तो उनकी संख्या अधिक होगी। ऐसे में कोरोना का भी खतरा हो सकता है। इसके लिए पीयू फिर से नई गाइडलाइन बनाएगी। उसका पालन सभी को करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए पीयू को मेस व कैंटीन भी खोलनी होंगी और खाने की व्यवस्था आदि देखनी होगी। इनको खाना टिफिन में मिलेगा या फिर मेस में जाकर खाएंगे, यह भी पीयू को तय करना होगा। सफाई व्यवस्था का भी ध्यान रखना होगा। अभिभावकों के कांटेक्ट नंबर भी अलग से शोधार्थियों को देने होंगे। इसके अलावा कोविड की जांच रिपोर्ट भी पीयू मांग सकती है। हालांकि यह बाद की बात है लेकिन आंकड़े आने के बाद छात्रावास खुलेंगे तो इन बातों की ओर गंभीरता से सोचना होगा।
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