फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

चंडीगढ़ में वेब कैब सर्विस, हकीकत चौंका देगी आपको

Thu, 11 Dec 2014 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 11 Dec 2014 10:46 AM IST
विज्ञापन
Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

उबर कैब रेप केस के बाद देश भर में वेब कैब सर्विस पर शिकंजा कसा जाने लगा है। चंडीगढ़ में जांच शुरू हो गई है, लेकिन यहां पर वेब कैब सर्विस की हकीकत जानकर आप चौंक जाएंगे। चंडीगढ़ में वेब कैब ऑपरेटर्स ने अभी तक अपनी सेवाएं बंद नहीं की हैं। उनका दावा है कि पुलिस सिर्फ वेरीफिकेशन कर रही है और उनका काम चलता रहेगा।

विज्ञापन


केंद्रीय गृहमंत्री की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सलाह जारी की गई है कि वेब आधारित टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाएं। भारत में वेब कैब का आइडिया ही फिलहाल नया है, इसलिए अभी किसी नियम के दायरे में भी नहीं आता।
विज्ञापन


ये कंपनियां खुद को टैक्सी सेवा प्रोवाइडर न कहकर टैक्सी राइड शेयरिंग सर्विस कहती हैं। सिर्फ रेडियो कैब के लिए ही जीपीएस और ड्रेस अनिवार्य है, पर टूरिस्ट टैक्सी और अन्य टैक्सी पर यह नियम लागू नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिर्फ तीन कैब हैं शहर में रजिस्टर्ड

Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

केवल तीन कंपनियां मेगा कैब, फैब कैब और आरबीटीएस ही एसटीए से रजिस्टर्ड हैं। इनकी करीब 200 कैब शहर में चल रही हैं।

करीब 150 कैब हैं अनरजिस्टर्ड
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से अनरजिस्टर्ड करीब 150 कैब शहर में चल रही हैं। इनकी धरपकड़ शुरू कर दी गई है। इनमें 70 कैब ओला की हैं। करीब 30 कैब ऊबर और 50 मेरू और टैक्सी फॉर श्योर की चल रही हैं। इनमें ओला कैब को एसटीए ने सितंबर माह में ही बंद कर दिया था। ओला कंपनी ने फिर हाईकोर्ट से स्टे ले ली। इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को है।

किसी में भी जीपीएस सिस्टम
एसटीए ने नाके लगाकर जितनी भी कैब रोकी, किसी में भी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम(जीपीएस) सिस्टम नहीं लगा था। वहीं, अधिकतर ड्राइवरों के पास कंपनी का कोई आईकार्ड भी नहीं था।

कैब ऑपरेटर्स ने कहा, नहीं बंद हुई हैं उनकी सर्विस
बुधवार को अमर उजाला ने चंडीगढ़ में वेब कैब सर्विस मुहैया करा रही कंपनियों की हेल्पलाइन पर कॉल कर हकीकत पता की। हेल्पलाइन पर यही बताया जा रहा है कि टैक्सी सर्विसेज बंद नहीं हुई हैं।

मेरू कैब की हेल्पलाइन पर हुई बात

Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

(समय 07:35 पीएम से 07:38 पीएम तक)
रिपोर्टर: मुझे टैक्सी चाहिए?
एग्जीक्यूटिव: सर, कहां से कहां तक के लिए चाहिए?
रिपोर्टर: सेक्टर-9 से सेक्टर-29 तक के लिए।
एग्जीक्यूटिव: सर, कितने बजे तक टैक्सी चाहिए?
रिपोर्टर: आठ बजे तक।
एग्जीक्यूटिव: सॉरी सर, अभी रात को 9 बजे तक कोई टैक्सी अवेलबल नहीं है?
रिपोर्टर: ऐसा क्यों?
एग्जीक्यूटिव: अभी सभी कैब बुक हैं?
रिपोर्टर: मैंने अखबारों में पढ़ा है कि आपकी सर्विस बंद हो रही है?
एग्जीक्यूटिव: नहीं सर, ऐसा नहीं है। हमारी सर्विस बंद नहीं हुई है। आप पहले कस्टमर हो जो ऐसा कह रहे हो।

टैक्सी फॉर श्योर की हेल्पलाइन पर हुई बात

Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

(समय : 07:41 पीएम से 7:43 पीएम तक)
रिपोर्टर: मुझे रात को 8 बजे तक टैक्सी चाहिए।
एग्जीक्यूटिव: मैं चेक करता हूं, अगर अवेलबल हुई तो आपको टैक्सी मिल जाएगी। पिक-ड्रॉप कहां से है?
रिपोर्टर: सेक्टर-9 से रेलवे स्टेशन तक जाना है।
एग्जीक्यूटिव: सॉरी सर, 10 बजे तक कोई टैक्सी अवेलबल नहीं है।
रिपोर्टर: अभी क्यों नहीं मिलेगी टैक्सी?
एग्जीक्यूटिव: अभी सभी टैक्सियां बुक हैं और पुलिस वेरीफिकेशन भी चल रही है?
रिपोर्टर: आपकी कैब सर्विस क्या बंद हो रही है?
एग्जीक्यूटिव: नहीं सर, हमारी कंपनी रजिस्टर्ड नहीं है, लेकिन हमारी कंपनी टेक्नोलॉजी डिप्लॉइंग है। हमारी टैक्सी सर्विस बंद नहीं हो सकती।

पुलिस ने शुरू की धरपकड़

Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

वेब बेस्ड कैब की चंडीगढ़ में धरपकड़ शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार से मिले निर्देश के बाद बुधवार को कार्रवाई शुरू की गई। दूसरी ओर कैब्स ऑपरेटरों का दावा है कि उन्होंने चंडीगढ़ में सेवा बंद नहीं की है।

स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी(एसटीए)ने बुधवार को शहर में कई जगह नाके लगाए। इस दौरान उबर कंपनी की दो, मेरू की दो और टैक्सी फॉर श्योर कंपनी की एक कैब को इंपाउंड किया गया। इसके अलावा 17 वेब बेस्ड कैब के चालान भी काटे गए हैं।

एसटीए ने जिन गाड़ियों को इंपाउंड किया, ज्यादातर में सवारियां बैठी थीं। ऐसे में लोगों को टैक्सी छोड़कर ऑटो में सफर करना पड़ा।

गृह मंत्रालय ने देशभर में वेब बेस्ड कैब सर्विस को रोकने के आदेश दिए हैं। इन ऑर्डर्स की कॉपी बुधवार को स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को भी जारी हो गई।

तीन दिनों में होगी ड्राइवरों की वेरीफिकेशन

Web Cab Service in Chandigarh, Horrible Exposure

दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर द्वारा युवती से रेप की वारदात को अंजाम देने की घटना के बाद जिला पुलिस भी हरकत में आ गई। जिला पुलिस ने सभी टैक्सी ड्राइवरों, स्कूल बसों, आटो रिक्शा व अन्य कॉमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों की वेरीफिकेशन के आदेश दिए हैं। सभी थानों के एसएचओं को तीन में यह काम तीन दिनों में पूरा करने के लिए कहा गया है।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने वेरीफिकेशन के लिए बकायदा एक प्रोफार्मा तैयार किया है, जिसे सभी संस्थानों को दिया गया। इसे सभी को भरकर देना होगा। जानकारी के मुताबिक जिले में तीस के करीब टैक्सी स्टैंड है। जबकि सौ के करीब स्कूल बसे जिले में चलती है।

सभी एसएचओ को तय समय में वेरीफिकेशन की प्रक्रिया जल्दी पूरी करने के लिए कहा गया है। इस दौरान जो संस्थान कार्रवाई पूरी नहीं करेंगे। उनके खिलाफ पुलिस विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed