हल्की बूंदाबांदी से लुधियाना में बदला मौसम का मिजाज, कम हुआ स्मॉग, विजिबिलिटी भी बढ़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पराली जलाने की वजह से पिछले कई दिनों से हो रही स्मॉग की समस्या से लुधियाना वासियों को कुछ राहत मिली। शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद जहां आसमान में फैली स्मॉग की चादर हट गई, वहीं विजिबिलिटी भी बढ़ी। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से महानगर स्मॉग की चादर में लिपटा रहा। जिससे विजिबिलिटी कम रहने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
तापमान की बात करें तो पिछले दिनों अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि शनिवार को हुई बूंदाबांदी के बाद दिन का तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि पिछले दिनों रात का तापमान 3.7 डिग्री दर्ज किया गया है। शनिवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद मौसम में बदलाव आ गया। लोग हॉफ टी शर्ट से फुल बाजू और गर्म कपड़े पहनने लगे
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटो में लुधियाना व आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना है। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर लुधियाना के वैज्ञानिक डॉ. अनिल सूद ने बताया कि इस समय जो मौसम के हालात हैं, वह बेहतर नहीं है।
पंजाब में पराली जलाने के मामले संबंधी पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आसमान में स्मॉग व कुछ इलाकों में बादलों के छाए रहने से सैटेलाइट सिस्टम रिकॉर्ड नहीं कर पाया। बीते कल भी केवल 5 मामले ही पराली जलाने के सैटेलाइट में कैद हो पाए।
फाजिल्काः बारिश से हजारों क्विंटल धान भीगा, किसान परेशान
फाजिल्का में भी बारिश का सिलसिला शुक्रवार देर रात से शुरू है, जो शनिवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा। खुले आसमान के नीचे पड़ा हजारों क्विंटल धान पूरी तरह से भीग गया। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। शुक्रवार शाम के समय अचानक मौसम खराब हो गया। रात को रुक-रुककर बारिश होती रही। सुबह करीब आठ बजे बारिश तेज हो गई।
आनन-फानन में किसान व आढ़ती धान को तिरपालों से ढकने लगे लेकिन फिर भी हजारों क्विंटल धान पानी से भीग हो गया। मंडियों में पहुंचे धान को भीगने से बचाने के लिए मजूदर और किसान दौड़ते हुए दिखाई दिए। जिले की मंडियों में धान की आवक तेजी से हो रही है और मंडी की सड़कों पर ही धान बिखरा पड़ा है।
उधर बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया और कई जगह कीचड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। फाजिल्का की अनाज मंडी में भी कीचड़ जैसी स्थिति पैदा होने से आने व जाने वाले वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।