चुनावी हिंसा से भड़की कांग्रेस, डीजीपी से मिले

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 May 2014 11:22 AM IST
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Voilence in Elections, Congress Leader Meets DGP

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चुनावी हिंसा से भड़की पंजाब कांग्रेस ने बुधवार को डीजीपी को मांग पत्र सौंपा। सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ की अगुवाई में कांग्रेस के दल ने डीजीपी सुरेश अरोड़ा से मुलाकात की।
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उन्होंने चुनाव के दौरान कांग्रेसियों पर झूठे परचे दर्ज करने व नाजायज हिरासत में रखने के आरोप लगाए हैं। साथ ही चुनाव के दौरान अकालियों के असलहे न जमा कराने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जाखड़ ने डीजीपी को बताया कि मलोट में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट कैप्टन परमजीत सिंह को अकालियों ने घेर लिया। ऑर्ब्जवर को बताने के बाद पुलिस ने उसे निकाला, लेकिन थाने में बंद कर दिया। देर रात थाने के घेराव के बाद उसे छोड़ा गया।
सुबह कैप्टन समेत छह लोगों पर 307 का परचा दर्ज कर पूरे परिवार को पुलिस ने पकड़ लिया। गांव चक्क जानीसर में मामूली झड़प पर कांग्रेस वर्कर हरचरन सिंह और उसकी पत्नी व बेटे पर परचा दर्ज किया। अस्पताल से जबरन छुट्टी दिलाकर उस पर धारा 307 भी लगा दी गई। गांव शेरखाह में भी कांग्रेसियों के साथ पुलिस ने धक्केशाही की।

जाखड़ ने बताया कि गिदड़बाहा में कांग्रेस विधायक के साथ डीएसपी ने बदसलूकी की। जालंधर में प्रदेश कांग्रेस सचिव वीरेंदर शर्मा को शिअद उम्मीदवार ने सरेआम जान से मारने की धमकी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुरदासपुर में कांग्रेसी को गोली मारने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। फतेहगढ़ चूड़ियां में कांग्रेसियों पर झूठे परचे दर्ज किए गए।

बाघापुराना में कांग्रेसी के घर रात को घुसकर फायरिंग करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। कांग्रेस ने डीजीपी से मांग की कि इन मामलों की जांच करा कर पीड़ितों को इंसाफ दिलाया जाए। दल में जोगिंदर सिंह पंजगराईं, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, परमिंदर पिंकी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दर्शन बराड़ व कुशलदीप ढिल्लों शामिल थे।

बाजवा ने सीएम को लिखा पत्र

चंडीगढ़। प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने पुलिस ज्यादती को लेकर सीएम प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि चुनाव एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसमें लोगों की मर्जी का सम्मान किया जाता है, लेकिन शिअद लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने में नाकाम रही।

शिअद ने कांग्रेसियों के खिलाफ दुश्मनी की सियासत शुरू कर दी है। इससे लगता है कि शिअद ने हार मान ली है। चुनाव के बाद रामपुरा फूल, गुरदासपुर, मोगा व खडूर साहिब में कांग्रेस वर्करों के साथ मारपीट हुई। पुलिस की शह पर अकालियों द्वारा की गई गुंडागर्दी को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।

आशंका है कि 16 मई के बाद ऐसे हमले और बढ़ जाएंगे। बाजवा ने अपने पत्र में राज्य में नशों की समस्या, बेरोजगारी, शिक्षा के गिरते स्तर जैसे मुद्दे भी उठाए। ड्रग रैकेट की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
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