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मोहालीः विशाल मार्ट में आग की जांच रिपोर्ट में खुलासा, फायर ब्रिगेड हादसों से निपटने में सक्षम नहीं
Thu, 19 Mar 2020 02:16 PM IST
खुशबू गोयल
अमित शर्मा, मोहाली
अमित शर्मा, मोहाली
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 19 Mar 2020 02:16 PM IST
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मोहाली में फेज-5 स्थित विशाल मेगा मार्ट में आग लगने से हुए हादसे संबंधी जांच रिपोर्ट एसडीएम की ओर से जिला प्रशासन को जमा करवाई गई है। इस रिपोर्ट फायर ब्रिगेड की कार्य कुशलता पर सवाल खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट में साफ शब्दों में कहा गया है कि विशाल मेगा मार्ट में लगी आग को फायर ब्रिगेड मोहाली की टीम सुबह साढ़े 8 बजे से अगले दिन सुबह साढ़े 4 बजे तक बुझाने में जुटी रही। करीब साढ़े 20 घंटे मोहाली फायर ब्रिगेड की टीम ने काम किया।
इस दौरान नगर काउंसिल खरड़, डेराबस्सी, चंडीगढ़, एनडीआरएफ और एयरफोर्स स्टेशन की मदद भी ली गई। इस दौरान यह बात साफ देखने को मिली कि मोहाली फायर विभाग में मुलाजिमों और अति आधुनिक फायर उपकरणों की कमी है। वहीं, हादसा होने की स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इसी स्थिति से बचने के लिए नगर निगम मोहाली को फायर सेफ्टी कर्मचारियों की भरती और ट्रेनिंग पहल के आधार पर करनी चाहिए। जिससे ऐसी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फायर विभाग की तरफ से 508 बिल्डिंगों की चेकिंग की गई है। लेकिन नोटिस देने के बाद भी न तो इनकी चेकिंग की गई है और न किसी भी तरह की कार्रवाई हुई। बता दें कि मोहाली फायर ब्रिगेड के पास अफसर, ड्राइवर और टेली ऑप्रेटर मिलाकर कुल 25 लोगों का स्टाफ है। जो अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं। कोई भी आगजनी का हादसा होने की स्थिति में सभी को काम करना पड़ता है।
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इस दौरान नगर काउंसिल खरड़, डेराबस्सी, चंडीगढ़, एनडीआरएफ और एयरफोर्स स्टेशन की मदद भी ली गई। इस दौरान यह बात साफ देखने को मिली कि मोहाली फायर विभाग में मुलाजिमों और अति आधुनिक फायर उपकरणों की कमी है। वहीं, हादसा होने की स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इसी स्थिति से बचने के लिए नगर निगम मोहाली को फायर सेफ्टी कर्मचारियों की भरती और ट्रेनिंग पहल के आधार पर करनी चाहिए। जिससे ऐसी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
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इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फायर विभाग की तरफ से 508 बिल्डिंगों की चेकिंग की गई है। लेकिन नोटिस देने के बाद भी न तो इनकी चेकिंग की गई है और न किसी भी तरह की कार्रवाई हुई। बता दें कि मोहाली फायर ब्रिगेड के पास अफसर, ड्राइवर और टेली ऑप्रेटर मिलाकर कुल 25 लोगों का स्टाफ है। जो अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं। कोई भी आगजनी का हादसा होने की स्थिति में सभी को काम करना पड़ता है।
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मेगा मार्ट वालों ने नियम तोड़ किया था निर्माण
मिली जानकारी के मुताबिक, एसडीएम की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि शोरूम के अंदर और बाहर आग से बचने के लिए लगाए गए फायर सेफ्टी उपकरण नहीं चल रहे थे। जिससे आग को काबू पाने में दिक्कत आई थी। इसके साथ ही आग फैलती ही चली गई। दूसरा विशाल मेगा मार्ट के प्रबंधकों ने स्टोर की सीढ़ियों पर भी सामान रखा हुआ था।
इस कारण भी आग को बुझाने में काफी दिक्कत आई। इतना ही नहीं शोरूम के संचालकों ने शोरूम का पिछला दरवाजा ईंटों से दीवार बनाकर बंद किया हुआ था। जिसे जेसीबी से तोड़ने के बाद आग बुझाने का प्रयास किया गया। यहां आग की शुरूआत बेसमेंट से हुई थी और ऊपर की ओर बढ़ती गई थी।
सुधार किया होता तो नहीं होता हादसा
एसडीएम की ओर से प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मेगा मार्ट के बेसमेंट के अंदर घी अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। जिससे आग तेजी से आगे बढ़ती चली गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर मेगा मार्ट के संचालकों को जब फायर सेफ्टी संबंधी खामियां को पूरा करने के लिए नोटिस दिए गए थे। उनमें भी उनकी तरफ से कोई सुधार नहीं किया गया था। अगर उस समय उनकी ओर से इसमें सुधार किया गया होता तो आग को आसानी से रोका जा सकता था।
इस कारण भी आग को बुझाने में काफी दिक्कत आई। इतना ही नहीं शोरूम के संचालकों ने शोरूम का पिछला दरवाजा ईंटों से दीवार बनाकर बंद किया हुआ था। जिसे जेसीबी से तोड़ने के बाद आग बुझाने का प्रयास किया गया। यहां आग की शुरूआत बेसमेंट से हुई थी और ऊपर की ओर बढ़ती गई थी।
सुधार किया होता तो नहीं होता हादसा
एसडीएम की ओर से प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मेगा मार्ट के बेसमेंट के अंदर घी अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था। जिससे आग तेजी से आगे बढ़ती चली गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर मेगा मार्ट के संचालकों को जब फायर सेफ्टी संबंधी खामियां को पूरा करने के लिए नोटिस दिए गए थे। उनमें भी उनकी तरफ से कोई सुधार नहीं किया गया था। अगर उस समय उनकी ओर से इसमें सुधार किया गया होता तो आग को आसानी से रोका जा सकता था।