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नई पार्टी की ‘सेना’ तैयार करेंगे बागी विधायक
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला सिटी
Updated Tue, 15 Apr 2014 01:10 PM IST
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कांग्रेस को अलविदा कहने के बाद शहर के विधायक विनोद शर्मा नई पार्टी बनाने की तैयारियां में जुटे हैं। उन्होंने पिछले महीने शहर में ही अलग नई राजनीतिक पार्टी बनाने की सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी।
अब इसी पार्टी के लिए सिटी विधायक अपनी सेना तैयार करेंगे। इससे पहले सिटी विधायक समर्थकों के बीच जाकर उनका और वर्तमान राजनीति हवा के रुख को भांप रहे हैं। इसलिए अभी तक विधायक ने नई राजनीतिक पार्टी के नाम की घोषणा नहीं की है।
उधर, विनोद शर्मा ने समर्थकों के साथ एक बैठक में फैसला किया है कि शर्मा और उसकी टीम अगले महीने एक मई से 31 मई तक विभिन्न शहरों में सदस्यता अभियान चलाएगी। इसमें नई पार्टी के लिए सदस्यता अभियान से कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाएगा। अभियान का आंकलन कर शर्मा पार्टी का नाम भी घोषित कर देंगे।
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मेयर, पार्षद कर गए किनारा
सिटी विधायक से अब म्यूनिसिपल कारपोरेशन के मेयर व उनके खास सिपहसालार सभी कांग्रेसी पार्षद किनारा कर गए लेकिन उनके साथ एक पार्षद पवन अग्रवाल डिंपी खुलकर चल रहे हैं। जबकि अन्य पार्षदों ने विधायक के पीछे कांग्रेस न छोड़ने का फैसला लिया है। विधायक के चहेते मेयर ने भी काफी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस में ही रहने का फैसला लिया है और सिटी विधायक से किनारा कर लिया है।
पार्टी बनाना बड़ी चुनौती
हरियाणा जैसे प्रांत में राष्ट्रीय पार्टियों के अलावा हजकां व इनेलो जैसी क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा तो है लेकिन नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर उसे चलाना सिटी विधायक के लिए बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि सिटी विधायक ने कांग्रेस इसलिए छोड़ी थी, क्योंकि वे भाजपा में जाना चाहते थे लेकिन सुषमा के पेंच से मामला बिगड़ गया।
यहां तक उनकी हजकां और फिर बसपा में शामिल होने की सुगबुगाहट भी शुरू हुई। अब सिटी विधायक ने खुद की पार्टी बनाने की घोषणा कर सभी अटकलों को विराम दे दिया। बिगड़े राजनीतिक समीकरणों में विधायक के लिए राजनीतिक पार्टी खड़ी करना बड़ी चुनौती होगी। बहरहाल, लोकसभा चुनावों में पार्टी बनाने की घोषणा करने के बावजूद उन्होंने नरेंद्र मोदी को समर्थन देने की अपील की है।
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अब इसी पार्टी के लिए सिटी विधायक अपनी सेना तैयार करेंगे। इससे पहले सिटी विधायक समर्थकों के बीच जाकर उनका और वर्तमान राजनीति हवा के रुख को भांप रहे हैं। इसलिए अभी तक विधायक ने नई राजनीतिक पार्टी के नाम की घोषणा नहीं की है।
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उधर, विनोद शर्मा ने समर्थकों के साथ एक बैठक में फैसला किया है कि शर्मा और उसकी टीम अगले महीने एक मई से 31 मई तक विभिन्न शहरों में सदस्यता अभियान चलाएगी। इसमें नई पार्टी के लिए सदस्यता अभियान से कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जाएगा। अभियान का आंकलन कर शर्मा पार्टी का नाम भी घोषित कर देंगे।
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मेयर, पार्षद कर गए किनारा
सिटी विधायक से अब म्यूनिसिपल कारपोरेशन के मेयर व उनके खास सिपहसालार सभी कांग्रेसी पार्षद किनारा कर गए लेकिन उनके साथ एक पार्षद पवन अग्रवाल डिंपी खुलकर चल रहे हैं। जबकि अन्य पार्षदों ने विधायक के पीछे कांग्रेस न छोड़ने का फैसला लिया है। विधायक के चहेते मेयर ने भी काफी जद्दोजहद के बाद कांग्रेस में ही रहने का फैसला लिया है और सिटी विधायक से किनारा कर लिया है।
पार्टी बनाना बड़ी चुनौती
हरियाणा जैसे प्रांत में राष्ट्रीय पार्टियों के अलावा हजकां व इनेलो जैसी क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा तो है लेकिन नई राजनीतिक पार्टी का गठन कर उसे चलाना सिटी विधायक के लिए बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि सिटी विधायक ने कांग्रेस इसलिए छोड़ी थी, क्योंकि वे भाजपा में जाना चाहते थे लेकिन सुषमा के पेंच से मामला बिगड़ गया।
यहां तक उनकी हजकां और फिर बसपा में शामिल होने की सुगबुगाहट भी शुरू हुई। अब सिटी विधायक ने खुद की पार्टी बनाने की घोषणा कर सभी अटकलों को विराम दे दिया। बिगड़े राजनीतिक समीकरणों में विधायक के लिए राजनीतिक पार्टी खड़ी करना बड़ी चुनौती होगी। बहरहाल, लोकसभा चुनावों में पार्टी बनाने की घोषणा करने के बावजूद उन्होंने नरेंद्र मोदी को समर्थन देने की अपील की है।