फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Vijilence arrest supervisier

विजलेंस ने 2500 की रिश्वत लेते सुपरवाइजरी वर्कर को पकड़ा

Sun, 18 Aug 2019 01:42 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 01:42 AM IST
विज्ञापन
Vijilence arrest supervisier
चंडीगढ़। विजलेंस टीम ने शनिवार दोपहर नगर निगम के एमओएच विंग में कार्यरत सुपरवाइजरी वर्कर को रिश्वत लेते रंगेहाथों दबोच लिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि ट्रांसफर रुकवाने के लिए सुपरवाइजरी वर्कर लगातार रुपये की मांग कर रहा था। इस पर उसने विजलेंस को शिकायत दे दी। इसके बाद विजलेंस टीम ने जाल बिछाकर सुपरवाइजरी वर्कर को सेक्टर-29 में बुलाने को कहा। योजना के अनुसार, सुपरवाइजरी वर्कर जैसे ही मौके पर पहुंचा विजलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।
विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, सुपरवाइजरी वर्कर नरेश कुमार नगर निगम के एमओएच विंग में तैनात है। शिकायतकर्ता अजय हार्टिकल्चर विंग में तैनात है। कुछ दिन पहले उसका तबादला एमओएच विंग से हॉर्टिकल्चर विंग में कर दिया गया था। अजय फिर से एमओएच विंग में आना चाहता था। इसके लिए उसने नरेश कुमार से बात की। नरेश ने स्थानांतरण रुकवाने के लिए 2500 रुपये की रिश्वत मांगी। चूंकि अजय रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने मामले की जानकारी विजलेंस को दे दी। विजलेंस टीम ने अजय के साथ योजना बनाकर सुपरवाइजरी वर्कर को सेक्टर-29 में आने को कहा। जैसे ही नरेश कुमार अजय से रुपये लेने वाला था, विजिलेंस टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। फिलहाल टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन

कर्मचारी बोले, हाजिरी लगाने के नाम पर लिए रुपये
नरेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद चर्चाओं का बाजार भी गर्म रहा। कुछ कर्मचारियों का मानना था कि अजय जब एमओएच विंग में तैनात था तो कुछ दिन के लिए छुट्टी पर गया था। छुट्टी न लगाने के एवज में नरेश कुमार ने उससे रुपये मांगे थे। उन्हीं रुपयों के लिए काफी दिनों से नरेश कह रहा था। कर्मचारियों का कहना था कि यह खेल अक्सर चलता रहता है। कर्मचारी आते नहीं और सुपरवाइजरी वर्कर उनकी उपस्थिति लगा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत के बाद कमिश्नर ने भी बढ़ाई सख्ती
घर बैठकर वेतन लेने और काम के समय पर कहीं और चले जाने की शिकायतें अक्सर नगर निगम कमिश्नर केके यादव के पास भी आती रही हैं। कई बार सख्ती के बावजूद जब यह खेल नहीं रुका तो कमिश्नर ने सुपरवाइजरी अफसरों को इसके लिए जिम्मेदारी दे दी थी। साथ ही लापरवाही मिलने पर पहले सुपरविजन ऑफिसर की सैलरी से 50 प्रतिशत, दूसरे सुपरविजन ऑफिसर की सैलरी से 30 प्रतिशत व तीसरे सुपरविजन ऑफिसर की सैलरी से 20 प्रतिशत काटने का निर्देश दिया था। उसके बाद लगातार चेकिंग के बाद 42 सफाई कर्मचारियों को काम पर न मिलने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

तीन अफसर बनाए, सप्ताह में चेकिंग अनिवार्य
कमिश्नर के निर्देशानुसार, पहले सुपरविजन ऑफिसर को प्रतिदिन हाजिरी चेक करनी है। साथ ही इस बात के लिए आश्वस्त करेंगे कि कहीं कोई गलत तरीके से तो हाजिरी नहीं भरी जा रही है। यदि ऐसा है तो तत्काल संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर कमिश्नर को सूचना देंगे। दूसरा सुपरविजन अफसर सप्ताह में दो बार कभी भी अचानक निरीक्षण कर हाजिरी चेक करेगा। इससे कि काम में कोई भी कर्मचारी लापरवाही न कर सके। वहीं तीसरा सुपरविजन अफसर एक बार औचक निरीक्षण करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed