{"_id":"4d5e20a1ea661ab4168e61695b207cdf","slug":"vc-blockade-do-not-get-out-of-the-office-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीसी का घेराव, नहीं निकल पाए ऑफिस से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीसी का घेराव, नहीं निकल पाए ऑफिस से
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 19 Aug 2014 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाजिरी लगाने से मना करने पर आउटसोर्सिंग कर्मियों ने वीसी को ऑफिस में ही नजरबंद कर दिया। कार्यालय से बाहर निकले वीसी की गाड़ी प्रदर्शनकारियों ने आगे नहीं बढ़ने दी।
मजबूरन वीसी डॉ. डीडीएस संधू वापस ऑफिस लौट गए। कुलपति के बाहर आते ही प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और अपनी भड़ास निकाली।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को आउटसोर्सिंग कर्मी सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिले थे। उनसे मिले आश्वासन के बाद मंगलवार को सुबह कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे।
लेकिन जब उन्हें हाजिरी नहीं लगाने दी गई तो वे भड़क उठे। इसके बाद देखते ही देखते कर्मी वीसी कार्यालय के बाहर केयू में सड़क पर धरने पर बैठ गए।
बात उस समय बिगड़ी जब लगभग 11 बजे कुलपति डॉ. संधू ऑफिस से बाहर आए और गाड़ी में बैठकर कहीं जाने लगे। जब उनकी कार सड़क तक पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते गाड़ी का घेराव कर लिया।
काफी समय तक वहां रुकने के बाद गाड़ी वापस चली गई और कार से उतरकर वीसी डॉ. संधू ऑफिस लौट गए। कुछ समय तक प्रतीक्षा करने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी रास्ते से नहीं हटें, तो वीसी कार्यालय के वैकल्पिक रास्ते से निकले गए और कर्मी नारेबाजी करते रहे।
विज्ञापन
दूसरी गाड़ी में निकले वीसी
कुलपति डॉ. डीडीएस संधू को जब काफी समय तक कर्मियों ने रास्ता नहीं दिया, तो वे मजबूरन दूसरे मार्ग से निकले। उन्होंने कार्यालय के वैकल्पिक रास्ते पर एक अन्य गाड़ी मंगवाई, जिसमें बैठकर वीसी निकल गए।
चालक ने उतारी गाड़ी से बत्ती और झंडी
बताया गया है कि जब वीसी दूसरी गाड़ी से निकले तो चालक वहां आया और उसने गाड़ी पर लगी बत्ती तथा झंडी उतार दी। यह सब करने के बाद चालक गाड़ी लेकर वहां से निकल गया और कर्मियों ने भी इसका विरोध नहीं किया।
पुलिस बल भी रहा तैनात
कर्मियों का अक्रोश देखते ही वीसी ऑफिस के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा। थर्ड चौकी प्रभारी चानन राम ने बताया कि हालत संभालने के लिए मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद थे।
जब वीसी को कर्मियों ने रास्ता नहीं दिया तो पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वीसी कार्यालय में बैठे और फिर कुछ समय बाद वहां से एक अन्य रास्ते का प्रयोग कर निकल गए।
हाजिरी न लगाने देने का विरोध
कुंटिया प्रेस सचिव रविंद्र तोमर ने बताया कि कुंटिया कार्यकताओं की बैठक वरिष्ठ उपाध्यक्ष पोली राम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ठेके पर लगे कर्मचारियों की उनके विभागों में हाजरी ना लगाने के कारण प्रशासन का विरोध किया गया।
गौरतलब है कि सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल मान सिंह के नेतृत्व में सीएम से मिला व उनके आश्वासन के बाद सभी ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया।
लेकिन प्रशासन के आदेशानुसार किसी भी कर्मचारी की हाजरी नहीं लगाई गई और सभी को काम से वापस लौटा दिया।
जिस कारण सभी ठेका कर्मचारियों ने वीसी कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। वहीं कुंटिया महासचिव सुनील कक्कड़, सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संत कुमार, चंदन सिंह, रामलाल व सर्व कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष रामेश्वर सैनी, ब्लाक अध्यक्ष आनंद सिंह व अन्य नेताओं ने ठेका कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केयू प्रशासन की मनमानी सहन नहीं की जाएगी।
उनके अनुसार ठेके पर लगे कर्मचारियों को बुधवार से उनके काम पर लगाया जाए अन्यथा कुंटिया कार्यकारिणी व आम सभा की बैठक बुलाकर भविष्य के लिए ठोस निर्णय लिया जाएगा। अगर आंदोलन करने की नौबत आती है तो जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
युवा इनेलो नेता हिमांशु अरोड़ा भी पहुंचे कर्मियों से मिलने
युवा इनेलो नेता हिमांशु अरोड़ा भी मंगलवार को आउटसोर्सिंग कर्मियों से मिलने पहुंचे। कर्मियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए अरोड़ा ने केयू प्रशासन के रवैये को शोषण करने वाला बताया। वहीं दूसरी ओर इनसो नेता जसविंदर खैरा भी कर्मियों का समर्थन करने के लिए वीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे। उन्होंने भी कर्मियों को संबोधित करते हुए उनका साथ देने की बात कही।
विज्ञापन
मजबूरन वीसी डॉ. डीडीएस संधू वापस ऑफिस लौट गए। कुलपति के बाहर आते ही प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और अपनी भड़ास निकाली।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को आउटसोर्सिंग कर्मी सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिले थे। उनसे मिले आश्वासन के बाद मंगलवार को सुबह कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे।
लेकिन जब उन्हें हाजिरी नहीं लगाने दी गई तो वे भड़क उठे। इसके बाद देखते ही देखते कर्मी वीसी कार्यालय के बाहर केयू में सड़क पर धरने पर बैठ गए।
बात उस समय बिगड़ी जब लगभग 11 बजे कुलपति डॉ. संधू ऑफिस से बाहर आए और गाड़ी में बैठकर कहीं जाने लगे। जब उनकी कार सड़क तक पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते गाड़ी का घेराव कर लिया।
विज्ञापन
काफी समय तक वहां रुकने के बाद गाड़ी वापस चली गई और कार से उतरकर वीसी डॉ. संधू ऑफिस लौट गए। कुछ समय तक प्रतीक्षा करने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी रास्ते से नहीं हटें, तो वीसी कार्यालय के वैकल्पिक रास्ते से निकले गए और कर्मी नारेबाजी करते रहे।
विज्ञापन
दूसरी गाड़ी में निकले वीसी
कुलपति डॉ. डीडीएस संधू को जब काफी समय तक कर्मियों ने रास्ता नहीं दिया, तो वे मजबूरन दूसरे मार्ग से निकले। उन्होंने कार्यालय के वैकल्पिक रास्ते पर एक अन्य गाड़ी मंगवाई, जिसमें बैठकर वीसी निकल गए।
चालक ने उतारी गाड़ी से बत्ती और झंडी
बताया गया है कि जब वीसी दूसरी गाड़ी से निकले तो चालक वहां आया और उसने गाड़ी पर लगी बत्ती तथा झंडी उतार दी। यह सब करने के बाद चालक गाड़ी लेकर वहां से निकल गया और कर्मियों ने भी इसका विरोध नहीं किया।
पुलिस बल भी रहा तैनात
कर्मियों का अक्रोश देखते ही वीसी ऑफिस के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा। थर्ड चौकी प्रभारी चानन राम ने बताया कि हालत संभालने के लिए मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद थे।
जब वीसी को कर्मियों ने रास्ता नहीं दिया तो पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास भी किया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वीसी कार्यालय में बैठे और फिर कुछ समय बाद वहां से एक अन्य रास्ते का प्रयोग कर निकल गए।
हाजिरी न लगाने देने का विरोध
कुंटिया प्रेस सचिव रविंद्र तोमर ने बताया कि कुंटिया कार्यकताओं की बैठक वरिष्ठ उपाध्यक्ष पोली राम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ठेके पर लगे कर्मचारियों की उनके विभागों में हाजरी ना लगाने के कारण प्रशासन का विरोध किया गया।
गौरतलब है कि सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल मान सिंह के नेतृत्व में सीएम से मिला व उनके आश्वासन के बाद सभी ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया।
लेकिन प्रशासन के आदेशानुसार किसी भी कर्मचारी की हाजरी नहीं लगाई गई और सभी को काम से वापस लौटा दिया।
जिस कारण सभी ठेका कर्मचारियों ने वीसी कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। वहीं कुंटिया महासचिव सुनील कक्कड़, सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संत कुमार, चंदन सिंह, रामलाल व सर्व कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष रामेश्वर सैनी, ब्लाक अध्यक्ष आनंद सिंह व अन्य नेताओं ने ठेका कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केयू प्रशासन की मनमानी सहन नहीं की जाएगी।
उनके अनुसार ठेके पर लगे कर्मचारियों को बुधवार से उनके काम पर लगाया जाए अन्यथा कुंटिया कार्यकारिणी व आम सभा की बैठक बुलाकर भविष्य के लिए ठोस निर्णय लिया जाएगा। अगर आंदोलन करने की नौबत आती है तो जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
युवा इनेलो नेता हिमांशु अरोड़ा भी पहुंचे कर्मियों से मिलने
युवा इनेलो नेता हिमांशु अरोड़ा भी मंगलवार को आउटसोर्सिंग कर्मियों से मिलने पहुंचे। कर्मियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए अरोड़ा ने केयू प्रशासन के रवैये को शोषण करने वाला बताया। वहीं दूसरी ओर इनसो नेता जसविंदर खैरा भी कर्मियों का समर्थन करने के लिए वीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे। उन्होंने भी कर्मियों को संबोधित करते हुए उनका साथ देने की बात कही।