इस अहम पॉलिसी पर केंद्र के निर्णय का इंतजार कर रहा यूटी
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सिंगल गर्ल चाइल्ड को प्रोविजनल एडमिशन न देने के एक मामले में चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्ट व कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एडिशनल सीट का प्रावधान किए जाने को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपना जवाब सौंपा है।
प्रशासन ने बताया है कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप उन्होंने अतिरिक्त सीट बनाने केलिए केंद्र सरकार व एआईसीटीई को प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव पर अभी तक दोनों की ओर से निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके चलते सीट नहीं बनाई जा सकी है।
इससे पहले डीन कॉलेज एडमिशन को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। मामले में याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी कृतिका वर्मा ने कहा था कि वह सिंगल गर्ल चाइल्ड है।
केंद्र और एआईसीटीई की मंजूरी का इंतजार
उसने चार वर्षीय इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन दिया था। जब प्रवेश के लिए काउंसलिंग का दौर आरंभ हुआ तो उसे सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटा के तहत प्रवेश देने से इंकार कर दिया गया।
इस फैसले को उसने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में चुनौती दी थी परंतु उसकी याचिका खारिज कर दी गई। सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती दी गई। डिवीजन बेंच ने अतिरिक्त सीट बनाने के आदेश दिए थे और आदेशों की पालना केलिए प्रशासन से जवाब तलब किया था।
अब प्रशासन की ओर से जवाब दाखिल करते हुए सीट की मंजूरी का जिम्मा केंद्र व एआईसीटीआई का बताया है।