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साल 2020 का पहला तोहफा 'रोज गार्डन अंडरपास', प्रशासक वीपी सिंह बदनौर करेंगे उद्घाटन
Fri, 03 Jan 2020 11:41 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 03 Jan 2020 11:41 AM IST
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VP Singh Badnore
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चंडीगढ़ को साल 2020 का पहला तोहफा मिलने जा रहा है। 10 जनवरी को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर उसे लोगों को समर्पित करेंगे। दरअसल, सेक्टर-17 को सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन से जोड़ने वाले अंडरपास का निर्माण कार्य और सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो चुका है। वैसे 9 करोड़ की लागत से तैयार हुआ यह अंडरपास कई बार विवादों में रह चुका है।
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-17 को रोज गार्डन को जोड़ने के मकसद से इस अंडरपास का निर्माण किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस अंडरपास के बनने से सेक्टर-17 का भी विकास होगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अंडरपास आने वाले समय में शहर की पहचान बन जाएगा। युवाओं के बीच यह अंडरपास से पहले ही लोकप्रिय हो चुका है।
हालांकि इस अंडरपास को लेकर पंजाब चैप्टर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्किटेक्ट (आईआईए) सवाल उठा चुका है। आईआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जन मार्ग पर रोजाना करीब 42,488 गाड़ियां गुजरती हैं और सिर्फ 133 लोग पैदल सड़क को पार करते हैं। आईआईए ने इस प्रोजेक्ट को पैसों की बर्बादी करार दिया था।
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इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-17 को रोज गार्डन को जोड़ने के मकसद से इस अंडरपास का निर्माण किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस अंडरपास के बनने से सेक्टर-17 का भी विकास होगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अंडरपास आने वाले समय में शहर की पहचान बन जाएगा। युवाओं के बीच यह अंडरपास से पहले ही लोकप्रिय हो चुका है।
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हालांकि इस अंडरपास को लेकर पंजाब चैप्टर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्किटेक्ट (आईआईए) सवाल उठा चुका है। आईआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जन मार्ग पर रोजाना करीब 42,488 गाड़ियां गुजरती हैं और सिर्फ 133 लोग पैदल सड़क को पार करते हैं। आईआईए ने इस प्रोजेक्ट को पैसों की बर्बादी करार दिया था।
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दिसंबर 2018 में पूरा होना था निर्माण कार्य
अप्रैल 2017 में सेक्टर-17 से सेक्टर 16 स्थित रोज गार्डन तक अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसे एक ही साल में पूरा करने की बात कही गई थी। इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग ने दिसंबर 2018 में अंडरपास के काम को पूरा करने की बात कही। फिर मार्च 2019 तक समय सीमा को बढ़ाया गया।
इसके बाद कहा गया कि जून 2019 तक काम को पूरा करने के बाद इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। अगस्त महीने में उद्घाटन की समय सीमा तय हो गई लेकिन काम में देरी होने की वजह से अब जाकर जनवरी 2020 में इस अंडरपास का उद्घाटन किया जाएगा।
पीजीआई से पीयू तक जाने के लिए बनेगा अंडरपास
आने वाले समय में पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच पैदल यात्री अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस प्रस्ताव को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी मंजूरी दे चुके हैं। पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदार का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं।
इससे निपटने के लिए पिछले साल यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी। इसके प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडर पास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडर पास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क पार करने की जरूरत नही होगी।
इसके बाद कहा गया कि जून 2019 तक काम को पूरा करने के बाद इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। अगस्त महीने में उद्घाटन की समय सीमा तय हो गई लेकिन काम में देरी होने की वजह से अब जाकर जनवरी 2020 में इस अंडरपास का उद्घाटन किया जाएगा।
पीजीआई से पीयू तक जाने के लिए बनेगा अंडरपास
आने वाले समय में पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच पैदल यात्री अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस प्रस्ताव को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी मंजूरी दे चुके हैं। पीजीआई में प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्थानीय और दूसरे राज्यों से मरीज व उनके तीमारदार का आना-जाना होता है। इन लोगों को मरीजों के साथ पीजीआई जाने और आने के लिए मध्य मार्ग की रोड को ट्रैफिक के बीच पार करना पड़ता है। इससे कई समस्याएं आती हैं।
इससे निपटने के लिए पिछले साल यूटी प्रशासन के अफसरों और पीजीआई डायरेक्टर की बीच एक बैठक हुई थी। इसके प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र का सर्वे किया गया और एक अंडर पास बनाने पर सहमति बनी। इस अंडर पास के बनने से पीयू आने व जाने वाले छात्रों को भी सड़क पार करने की जरूरत नही होगी।