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प्रशासन भेजेगा एलांते का नोटिस, जानिए क्यों

Wed, 30 Apr 2014 10:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 30 Apr 2014 10:00 AM IST
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UT Administration will Sent legle Notice to Elante Mall

पिछले साल इंडस्ट्रियल एरिया में शुरू हुए एलांते मॉल के संशोधित कंप्लीशन प्लान में न तो मॉल के किसी अधिकारी के हस्ताक्षर हैं और न ही प्रशासन के किसी अधिकारी के। इसका खुलासा तब हुआ जब शनिवार को एसडीएम (साउथ) कशिश मित्तल के नेतृत्व में एक टीम ने जांच की।

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नियमों के हिसाब से इस संशोधित कंप्लीशन प्लान में मॉल के स्ट्रक्चल इंजीनियर, आर्किटेक्ट और मालिक के हस्ताक्षर होने चाहिए थे। साथ ही बिल्डिंग प्लान के अधिकारियों के भी हस्ताक्षर होने चाहिए थे। लेकिन, जांच टीम को कंप्लीशन प्लान एक कोरे कागज में मिला। इससे मित्तल ने उपायुक्त मोहम्मद शाईन को सौंपी रिपोर्ट में इसकी जांच कराने की सिफारिश की है।
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इससे यह स्पष्ट है कि बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा हुआ है। वहीं प्रशासन बिल्डिंग मालिकों को वॉयलेशन हटाने के लिए नोटिस भेजेगा। इसके बावजूद भी दिए गए समय में यदि वॉयलेशन नहीं हटाया गया तो प्रशासन कार्रवाई करेगा।
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एलांते के कॉरीडोर में भी वॉयलेशन
इसके साथ ही एलांते मॉल ने हयात होटल के लिए संपदा विभाग से पार्शियल एनओसी मांगी है। लेकिन, जब अधिकारियों की टीम ने वहां निरीक्षण किया तो पता चला कि होटल अभी तक तैयार ही नहीं हुआ है। ऐसे में मॉल प्रबंधकों ने पार्शियल एनओसी के लिए कैसे आवेदन कर दिया?

एलांते मॉल के कॉरीडोर में भी बड़े स्तर पर वॉयलेशन मिले हैं। लोगों के चलने के लिए बनाए गए कॉरीडोर्स में टेंपरेरी शॉप्स खोल दी गई हैं। नक्शे में जो सरफेस पार्किग दिखाई गई है वह वहां है ही नहीं। एलांते मॉल में जिस तरह से बड़े स्तर पर वॉयलेशन मिले हैं उससे यह स्पष्ट है कि संशोधित कंप्लीशन प्लान और असलियत में काफी अंतर है।

रिपोर्ट सौंपी, अब डीसी करेंगे कार्रवाई
एसडीएम (साउथ) कशिश मित्तल, एसडीएम (ईस्ट) दानिश अशरफ और सहायक  संपदा अधिकारी राहुल गुप्ता ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में कामर्शियल साइट्स की जांच कर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी है। अब उपायुक्त इन रिपोर्ट के आधार पर यह चेक कराएंगे कि जहां-जहां वॉयलेशन पाई गई है वह कंपाउडेबल है या नॉन कंपाउडेबल।

कंपाउडेबल वॉयलेशन के तहत कंपाउंडिंग फीस देकर वॉयलेशन को नियमित कराया जाता है। सूत्रों का कहना है कि कई बिल्डिंगों में जो कंपाउंडेबल वॉयलेशन मिला है। वह बड़े स्तर पर है। लेकिन, बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों ने कागजों में इसे माइनर वॉयलेशन बताकर नाम मात्र ही कंपाउंडिंग फीस वसूली है, जिससे प्रशासन को लाखों रुपये का चूना लगा है।

डीसी ने अधिकारियों पर एफआईआर के लिए एसएसपी को लिख पत्र
यूटी के उपायुक्त और संपदा अधिकारी मोहम्मद शाईन की ओर से गत बुधवार को शहर की पांच कामर्शियल साइट्स के बिल्डिंग प्लान की मंजूरी देने में गड़बड़ी करने पर एसएसपी को एसडीओ (बिल्डिंग), जूनियर इंजीनियर और कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा गया था। लेकिन, एसएसपी ने इस मामले में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है और इस मामले में कानूनी राय मांगी गई है। कानूनी राय आने के बाद ही कार्रवाई होगी।


कोट

रिपोर्ट मिल गई है। इसे अभी मैं स्टडी कर रहा हूं। रिपोर्ट के आधार पर जो भी कार्रवाई बनती होगी की जाएगी। बिल्डिंग वॉयलेशन को या तो तोड़ा जाएगा या जो भी जुर्माना बनता होगा लगाया जाएगा।
मोहम्मद शाईन, उपायुक्त और संपदा अधिकारी

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