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Hindi News ›   Chandigarh ›   Ustad Rashid Khan, Ustad Rashid Khan special interview, Rashid Khan in chandigarh

बहुत मार खाई इस मुकाम तक पहुंचने के लिए: उस्ताद राशिद खान

Tue, 01 Nov 2016 01:24 AM IST
संजीव पंगोत्रा /अमर उजाला, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 01 Nov 2016 01:24 AM IST
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Ustad Rashid Khan, Ustad Rashid Khan special interview, Rashid Khan in chandigarh
प्रख्यात शास्त्रीय गायक उस्ताद राशिद खान - फोटो : अमर उजाला
क्लासिकल म्यूजिक की बात करें तो इसकी जडे़ं इतनी मजबूत हैं कि इसे कोई चाह कर भी हिला नहीं सकता लेकिन वेस्टर्न म्यूजिक की वजह से आज-कल के बच्चों में इसका रुझान कम होता जा रहा है। इसके लिए जरूरी है कि माता पिता अपने बच्चों को क्लासिकल म्यूजिक के बारे में जानकारी दें। यह कहना है प्रख्यात शास्त्रीय गायक उस्ताद राशिद खान का।
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सोमवार को टैगोर थिएटर में आयोजित सुर संगम कार्यक्रम के  तहत अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बदनौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत से पहले बातचीत में रामपुर-सहस्वान घराना कोलकाता के उत्साद राशिद खान ने कहा कि  बच्चाें की मर्जी को जानने के बाद ही मां बाप उन्हें उस फील्ड् में डालना चाहिए उनके साथ जोर जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए।
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राग मारवा से शुरूआत: राशिद खान ने टैगोर थिएटर में आयोजित  सुर संगम कार्यक्रम की शुरूआत राग मारवा से की। इसके बाद कई अन्य राग पर शानदार प्रस्तुति देते हुए वहां उपस्थित लोगों की खूब प्रशंसा लूटी।
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'वेस्टर्न म्यूजिक की वजह से बच्चाें में क्लासिकल संगीत का रुझान कम'

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प्रख्यात शास्त्रीय गायक उस्ताद राशिद खान - फोटो : अमर उजाला
हमने बहुत मार खाई तभी आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं, लेकिन अब के बच्चाें को न डांट पड़ रही है और न ही मार पड़ रही है। मुझे आज भी वह दिन याद है जब भुवनेश्वर एक कार्यक्रम से पहले कुछ समय के लिए सुस्ती के मूड में था। एक दम मेरे गुरू निसान हुसैन साहिब आए और उन्हाेंने एक जोरदार लात मारी। इसके बाद मेरे में इतनी चुस्ती आ गई कि मैने उस कार्यक्रम में सबसे बेहतरीन प्रस्तुति दे डाली। उन्हाेंने कहा कि गायकी का मुझे शुरू से ही शौक था और लगन भी। बाकी आज जो कुछ भी हूं अपने उस्तादाें की वजह से हूं। उनके और अपनी लगन के कारण आज इस मुकाम को हासिल किया है।

सभी घरानाें से बहुत कुछ सीखने को मिला- मात्र 11 वर्ष की उम्र में अपना पहला लाइव कंसर्ट पेश करने वाले राशिद शान ने मुड़कर पीछे नही देखा और आज देश ही नही विदेशाें में भी अपना अलग मुकाम बना चुके हैं। राशिद खान के कहा कि हर घराने की एक अलग खूबी है।  मुझे सभी को जानना था। इसलिए मैने सभी से कुछ न कुछ सीखा है और उनका आज भी आदर करता हूं। 
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