मनीमाजरा। कलाग्राम में 29 नवंबर से होने जा रहे 14वें चंडीगढ़ नेशनल क्राफ्ट मेले में कारपेट के स्टॉल की बुधवार को बोली लगाई गई। बोली शुरू होने के कुछ ही देरी बाद हंगामा शुरू हो गया। बोली लगाने वाले व्यापारियों और दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बोली को बीच में रोक दिया गया। एक स्टॉल की बोली का न्यूनतम प्राइस 50 हजार रुपये रखा था। दुकानदारों ने 55 हजार तक बोली लगाकर स्टॉल लेना चाहा लेकिन नॉर्थ कलर जोन सेंटर के अधिकारियों ने रोक दिया। बोली में उत्तरप्रदेश के शहर माधो सिंह, जयरामपुर, तिलोकपुर, मिसरानी, भमहोरा, ओरैया, घोसिया व अन्य जगहों से पहुंचे व्यापारी फिरोज अहमद, हसनैन अहमद, मेराज आलम, सकील अहमद, मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद हसन, अली हसन, हस्लामुद्दीन, वलीउल्लाह, इमरान, सेराज अहमद, फिरोज, राहुल, मुन्नो, मासूम अली, इंतजार अली, सफाउल्लाह, नदीम अहमद, अकिलम अहमद, नसरूद्दीन, मोहम्मद समीम, नायाब आलम, जावेद आलम, मोहम्मद रफीक, मोहम्मद इस्लाम का कहना है कि एक तो मेला प्रबंधकों ने मेले में कारपेट की दुकानों की संख्या 7 कर दी है, जबकि पिछले साल यह संख्या पांच थी और उससे पहले तीन हुआ करती थी। वहीं, किराए का रेट बढ़ाकर 50 हजार कर दिया। यह बहुत ज्यादा था। एक दुकानदार का कहना है कि यह इतना बड़ा मेला नहीं है न ही इतने खरीदार यहां आते हैं। हरियाणा के फरीदाबाद में लगने वाले सूरजकुंड का सबसे बड़ा मेला होता है, वहां पर एक स्टॉल का किराया 18000 रुपये है। रहने खाने की मुफ्त सुविधा के साथ डीए, टीए भी दिया जाता है। उधर, बोली करवाने आए अधिकारी राधेश्याम का कहना कि स्टॉल लगाने वाले दुकानदार आपस में मिल गए थे। मिलकर बोली लगानी शुरू कर हंगामा किया। इस वजह से बोली को बीच में बंद करना पड़ा। अब नॉर्थ जोन कल्चर सेंटर के डायरेक्टर के साथ बैठक कर जानकारी दी जाएगी। उनके निर्देश के बाद वीरवार को बोली की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।