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गजब का डिवाइसः पल्स बदलते ही परिजनों और डॉक्टर को करेंगे कॉल, ‘लाइफ सेविंग ग्लव्ज’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Oct 2018 02:17 PM IST
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गजब का डिवाइस
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इंजीनियरिंग के छात्रा नें हृदय रोगियों के लिए एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो उनके परिजनों व रिश्तेदारों को उनकी पल्स में आने वाली चेंज के बारे में बताती रहेगी। लाइफ सेविंग ग्लव्ज, इनको तैयार करने में नर्सिंग स्टाफ की मदद भी ली गई है। यह एक तरह का दस्ताना है जो हृदय रोगी को पहना दिया जाता है।
लाइफ सेविंग ग्लव्ज डिवाइस को आर्यन्स ग्रुप ऑफ कालेजेज के स्टूडेंट शौकत, दानिश, अशफाक और आदिल ने तैयार किया है। इन छात्रों ने बताया कि इस डिवाइस को बनाने का आइडिया उन्हें चंडीगढ़ के एक कैफे में हुई मुलाकात के दौरान आया। उन्होंने बताया कि देश में बढ़ते हृदय रोगियों की संख्या पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक खास तरह की डिवाइस को बनाने का फैसला किया ताकि समय रहते ऐसे रोगियों को इलाज मुहैया कराया जा सके।
डाक्टरों की सलाह लेकर बनाया डिवाइस
शौकत ने बताया कि मरीज जब उनके द्वारा बनाया गया लाइफ सेविंग ग्लव्ज डिवाइस पहन लेता है तो थोड़े-थोड़े समय में पल्स रेट को चेक करना आसान हो जाता है। पल्स रेट सीधे हृदय से कनेक्ट होता है। जैसे ही पल्स रेट में कोई चेंज आता है डिवाइस रोगी के डाक्टर और परिजनों को कॉल और एसएमएस कर सूचित कर देगा। इससे मरीज को तुरंत मदद मिल जाएगी।
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स्टूडेंट्स ने बताया कि इस डिवाइस को तैयार करने के पहले डाक्टरों की सलाह ली गई और रिसर्च के बाद ही इसे तैयार किया गया। शौकत ने बताया कि यह डिवाइस बैटरी और पॉवर सप्लाई दोनों पर काम कर रहा है। इसमें एक सिम कार्ड है जो कि जीजीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फार मोबाइल) सिस्टम पर काम करेगा। इस माइक्रो कंट्रोलर में पहले से ही मरीज के परिजनों और डाक्टर का मोबाइल नंबर होगा। यदि इसको चेंज करना है तो वह चेंज भी हो जाएगा।
दानिश ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में एक एलसीडी डिस्प्ले भी होगा जो कि अंकों में मरीज की हार्ट बीट को डिस्प्ले करेगा। आर्यंस ग्रुप आफ कालेजेज राजपुरा के चेयरमैन अंशु कटारिया ने बताया कि यह स्टूडेंट्स काफी क्रिएटिव हैं और इसी वजह से जब इस प्रोजेक्ट को उन्होंने बताया तो उन्होंने इसके संबंध में डाक्टरों से सलाह लेने को कहा। इसके बाद उन स्टूडेंट्स नें बेहतरीन डिवाइस तैयार कर डाली।
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लाइफ सेविंग ग्लव्ज डिवाइस को आर्यन्स ग्रुप ऑफ कालेजेज के स्टूडेंट शौकत, दानिश, अशफाक और आदिल ने तैयार किया है। इन छात्रों ने बताया कि इस डिवाइस को बनाने का आइडिया उन्हें चंडीगढ़ के एक कैफे में हुई मुलाकात के दौरान आया। उन्होंने बताया कि देश में बढ़ते हृदय रोगियों की संख्या पर चर्चा के दौरान उन्होंने एक खास तरह की डिवाइस को बनाने का फैसला किया ताकि समय रहते ऐसे रोगियों को इलाज मुहैया कराया जा सके।
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डाक्टरों की सलाह लेकर बनाया डिवाइस
शौकत ने बताया कि मरीज जब उनके द्वारा बनाया गया लाइफ सेविंग ग्लव्ज डिवाइस पहन लेता है तो थोड़े-थोड़े समय में पल्स रेट को चेक करना आसान हो जाता है। पल्स रेट सीधे हृदय से कनेक्ट होता है। जैसे ही पल्स रेट में कोई चेंज आता है डिवाइस रोगी के डाक्टर और परिजनों को कॉल और एसएमएस कर सूचित कर देगा। इससे मरीज को तुरंत मदद मिल जाएगी।
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स्टूडेंट्स ने बताया कि इस डिवाइस को तैयार करने के पहले डाक्टरों की सलाह ली गई और रिसर्च के बाद ही इसे तैयार किया गया। शौकत ने बताया कि यह डिवाइस बैटरी और पॉवर सप्लाई दोनों पर काम कर रहा है। इसमें एक सिम कार्ड है जो कि जीजीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फार मोबाइल) सिस्टम पर काम करेगा। इस माइक्रो कंट्रोलर में पहले से ही मरीज के परिजनों और डाक्टर का मोबाइल नंबर होगा। यदि इसको चेंज करना है तो वह चेंज भी हो जाएगा।
दानिश ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में एक एलसीडी डिस्प्ले भी होगा जो कि अंकों में मरीज की हार्ट बीट को डिस्प्ले करेगा। आर्यंस ग्रुप आफ कालेजेज राजपुरा के चेयरमैन अंशु कटारिया ने बताया कि यह स्टूडेंट्स काफी क्रिएटिव हैं और इसी वजह से जब इस प्रोजेक्ट को उन्होंने बताया तो उन्होंने इसके संबंध में डाक्टरों से सलाह लेने को कहा। इसके बाद उन स्टूडेंट्स नें बेहतरीन डिवाइस तैयार कर डाली।