केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने किसानों से किया संवाद, बोले- एमएसपी खत्म नहीं होगी, विरोधी फैला रहे भ्रम
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केंद्र ने कृषि कानूनों को लेकर आंदोलनरत पंजाब के किसानों को मनाने का जिम्मा आठ केंद्रीय मंत्रियों को सौंपा है। यह केंद्रीय मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये किसानों के सवालों का जवाब देंगे। सवाल और जवाब का यह दौर 13 अक्तूबर यानि आज से शुरू होकर 20 तक जारी रहेगा। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमृतसर और तरनतारन के किसानों से संवाद किया।
हरदीप सिंह पुरी ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत नए कृषि कानूनों के बारे में पंजाब व हरियाणा के किसानों में भय की स्थिति पैदा की जा रही है। इन कानूनों के विरोध में देश के दूसरे राज्यों में भी किसानों को भड़काने की साजिश के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को भंग करने की कोशिशें की गई हैं। पुरी मंगलवार को भाजपा मुख्यालय खन्ना स्मारक में एक वर्चुअल बैठक में किसानों से मुखातिब थे। पुरी ने किसानों को विश्वास दिलाते हुए तीन बार दोहराया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खत्म नहीं होगा।
मंडी की व्यवस्था जिस ढंग से चल रही है, उसी तरह चलती रहेगी। किसान की जमीन न खरीदी जा सकती है, न ही गिरवी रखी जा सकती है और न ही बेची जा सकती है। किसान से कोई भी वसूली नहीं हो सकती। इस बात का आश्वासन संसद में प्रधानमंत्री व कृषि मंत्री ने भी दिया है। इन कानूनों में कहीं भी अंबानी-अडानी का जिक्र नहीं है। किसानों को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर जानलेवा हमला करने वाले कौन हैं, इसकी पहचान होनी चाहिए। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और दफ्तरों पर हो रहे हमले साजिश हैं। इन हमलों के पीछे युवा कांग्रेस के नेताओं के हाथ हैं। पंजाब सरकार इसकी जांच करवाए।
पुरी ने कहा कि इन कानूनों की मांग खुद कांग्रेस द्वारा की गई थी। केंद्र में जब डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब इन कृषि सुधारों के बारे में डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा था कि किसानों के पक्ष में इस प्रकार के फैसले करने का समय आ गया है। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र और उनके नेताओं के बयान में जमीन आसमान का फर्क है।
कांग्रेस यदि इन कानूनों के विरोध में थी तो राज्यसभा में विरोध करना चाहिए था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है। ये कानून इसी दिशा में लाए गए हैं। किसानों के लिए केंद्र के दरवाजे सदा खुले हैं। लोकतंत्र में विरोध करने का हक सभी को है लेकिन किसान कभी ट्रैक्टर नहीं जला सकते, हिंसा नहीं करते।
किसानों के साथ दोबारा बातचीत को तैयार
पुरी ने कहा कि वह किसानों के साथ आगामी कुछ दिनों में एक बार फिर बातचीत करने को तैयार हैं। उन्होंने भाजपा नेता राजिंदर मोहन सिंह छीना से कहा कि वह इस कानून की कापियों का पंजाबी में अनुवाद करवाकर किसानों में बांटें। पंजाब का मेहनती, पढ़ा-लिखा किसान विरोधियों की साजिश को बेनकाब कर देगा।