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खुदाई में मिले प्रमाण, मसौल में दफन हैं प्राचीन सभ्यता के अवशेष
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 24 May 2016 07:33 PM IST
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मोहाली में दफन प्राचीन सभ्यता के अवशेष
- फोटो : amar ujala
शिवालिक की पहाड़ियों में मोहाली जिले के अंतर्गत आने वाले गांव मसोल में प्राचीन सभ्यता के अवशेष दफन हैं। इसके प्रमाण फ्रांस व भारत के पुरातत्वविदों की टीम को पहाड़ पर की गई खुदाई से मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें रुचि दिखाई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को इस दिशा में काम करने के लिए कहा गया है।
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सर्दियों में फ्रांसीसी और भारतीय अधिकारियों को पहाड़ों पर खुदाई के दौरान जीवाश्म मिले थे। कुछ समय पहले जब फ्रांस के राष्ट्रपति चंडीगढ़ के दौरे पर आए थे तो उनके सामने इन जीवाश्मों को प्रदर्शित किया गया था। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने संबंधित विभाग को जमीन अधिग्रहीत करने के लिए पत्र लिखा था।
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प्राचीन सभ्यता के अवशेष जिस इलाके में मिले हैं वह पिछड़ा है। गांव के ज्यादातर लोग दूसरे इलाकों में बस गए हैं। उनके मकान अब खंडहर नजर आते हैं। इलाके में एक सरकारी स्कूल हैं, बरसात में यह गांव शहर के अन्य हिस्सों से कट जाता है। जिस इलाके में जीवाश्म मिले हैं, बहुत समय पहले उसके पास से राव नदी बहती थी। नदी अब केवल बरसात में ही अपने रूप में दिखती है। यहां लोग पानी ढोने व अन्य कार्यों के लिए ऊंट का प्रयोग करते हैं।
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बीएस रावत (सुपरिटेडेंट, पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) ने बताया कि ‘जमीन का रिकॉर्ड मुहैया कराने के लिए डीसी को पत्र लिखा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है जिला प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद उनके द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।’