हरियाणाः खनन माफिया पर शिकंजा नहीं कसने पर दो अफसर और चार कर्मचारी निलंबित
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हरियाणा सरकार ने खनन माफिया और अवैध खनन को संरक्षण देने वाले अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिंजौर क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर होने और उसे रोकने के लिए कोई कदम न उठाने पर सरकार ने पंचकूला के खनन अधिकारी, खनन निरीक्षक और चार गार्ड को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की मंजूरी के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव खनन व भूगर्भ विभाग पीके दास ने दो अधिकारियों व चार कर्मचारियों के निलंबन आदेश जारी किए हैं। खनन अधिकारी पंचकूला राजीव कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाई और खनन माफिया पर शिकंजा कसने में लापरवाही बरती। इसलिए उन्हें सस्पेंड किया जाता है।
निलंबन अवधि के दौरान जरूरी भत्ते समय-समय पर मिलते रहेंगे। पंचकूला के खनन निरीक्षक एके चौहान, खनन गार्ड बालम सिंह, देशराज, रमेश व लक्ष्य मेहता पर भी यही आरोप है कि उन्होंने अवैध खनन को नहीं रोका। ड्यूटी सत्यनिष्ठा से नहीं निभाई और भारी लापरवाही बरती। इसलिए जांच पूरी होने तक इन्हें निलंबित किया जाता है।
खनन राज्य मंत्री ने खुद संभाला मोर्चा
खनन माफिया पर कार्रवाई का मोर्चा खुद खनन व भूगर्भ राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने संभाला है। मंत्री ने शुक्रवार को पिंजौर एरिया के बीटन में औचक छापा मारा। उन्होंने मौके से एक जेसीबी मशीन और चार ट्रक जब्त किए।
खनन निरीक्षक एके चौहान को मंत्री ने मौके पर बुलाया व जब्त ट्रक और जेसीबी हवाले कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने मौके पर मौजूद खनन विभाग के अधिकारियों को खूब खरी-खोटी भी सुनाई। मंत्री को अवैध खनन की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं।
पूरे प्रदेश में होगी कार्रवाईः दास
खनन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि अवैध खनन करने वालों व संरक्षण देने वालों पर पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री व राज्य मंत्री ने खनन माफिया को न बख्शने के निर्देश दिए हैं। माफिया के साथ सांठगांठ रखने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।