सोम नदी में नहाने गए पांच लड़कों में दो चचेरे भाई डूबे, गांव में मातम, परिवार में कोहराम
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पहाड़ों पर हुई बारिश से उफान पर आई सोम नदी के कनालसी घाट पर नहाने गए पांच लड़कों में से दो चचेरे भाई डूब गए। उनको डूबता देख अन्य लड़के किनारे पर ही खड़े रहे।
उन्होंने नदी में नहाने का प्रयास नहीं किया। देर रात जब दोनों चचेरे भाई घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने अन्य लड़कों से उनके बारे में पूछा तो उन्होंने पहले डर के मारे बहाने बनाए और बाद में उनके डूबने की जानकारी दी।
चचेरे भाइयों के डूबने की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे। कुछ ही देर बाद बुड़िया पुलिस मौके पर पहुंची। नदी में डूबे चचेरे भाइयों की तलाश के लिए पुलिस ने एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया।
आठ घंटे के सर्च अभियान के बाद दोपहर करीब दो बजे एक किशोर का शव मिला। जबकि देर रात तक दूसरे किशोर का कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस ने नहर से निकाले किशोर से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। गांव में एक ही परिवार के दो किशोरों के डूबने से मातम छाया हुआ है।
सुनील को बचाने में सैंटी भी डूबा
कनालसी निवासी सैंटी (16), उसके चाचा का लड़का सुनील उर्फ सिल्ला (14), उनका मामा पंचकूला के कक्कड़ माजरा निवासी टिंकू, कनालसी गांव के ही साहिल व सचिन रविवार शाम करीब चार बजे नहाने के लिए सोम नदी में गए थे। नदी के नहाने के लिए पांचों लड़के तैयार थे।
सबसे पहले नहाने के लिए नदी में सैंटी व उसका चचेरा भाई सुनील उतरे। लेकिन सुनील अधिक पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके पीछे सैंटी गया, उसे बचाते हुए वह भी पानी में डूब गया। दोनों किशोरों को डूबता देख किनारे खड़े टिंकू, साहिल व सचिन की नदी में छलांग लगाने की हिम्मत नहीं हुई। देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में समा गए।
डूबने के तीन घंटे बाद परिजनों को बताया
परिजनों के अनुसार दोनों चचेरे भाई करीब साढ़े चार बजे नदी में डूब गए थे। उनके डूबने के बाद तीनों अन्य लड़के घबरा गए। लेकिन उन्होंने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी। देर शाम करीब साढ़े सात बजे तीनों लड़के गांव पहुंचे।
परिजनों ने जब उनसे सैंटी व सुनील के बारे में पूछा तो पहले तो उन्होंने कोई जानकारी न होने की बता कही। जोर देकर पूछने पर उन्होंने उनके नदी में डूबने की बात बताई। इसके बाद ग्रामीण नदी की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने सोम नदी से लेकर यमुना नदी तक उनकी तलाश की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा।
दो किशोरों के सोम नदी में डूबने की सूचना पर बुड़िया पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम सदस्यों ने रस्सी की मदद से सोम नदी में दोनों को खंगाला।
इस दौरान नदी के एक सिरे से लेकर दूसरे सिरे तक रस्सी व रस्सी के जाल से दोनों किशोरों की तलाश की गई। लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। दोपहर करीब पौने दो बजे जिस स्थान पर सुनील डूबा था, वहीं पर बने कुंड से उसका शव निकाला गया। लेकिन दूसरे किशोर का सोमवार रात तक कोई सुराग नहीं लग पाया था।
खनन माफिया ने बनाए हुए हैं कुंड, समा जाता है हाथी भी
बता दें कि सोम नदी में पहाड़ी इलाकों में बारिश होने पर ही अधिक पानी आता है। बिना बारिश के इसमें दादूपुर हेड से बहुत कम मात्रा में पानी छोड़ा जाता है। कनालसी के पास सोम नदी यमुना नदी में मिल जाती है। आम दिनों में इसमें खनन माफिया का राज होता है।
खनन माफिया द्वारा नदी में जगह जगह रेत निकाला जाता है। इससे इसमें कुंड बने हुए हैं। बारिश के बाद नदी में काफी मात्रा में पानी आता है। ऐसे में खनन माफिया द्वारा बनाए गए इन कुंडों में हाथी तक समा सकते हैं। बता दें कि नदी व नहरों में नहाने पर प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाया हुआ है। फिर भी युवा नहर व नदी में नहा रहे हैं।
नदी किनारे डटे रहे सैकड़ों ग्रामीण, छाया रहा मातम
नदी में दो किशोरों के डूबने की सूचना मिलने पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण घाट की तरफ दौड़े। ग्रामीणों ने एनडीआरएफ की टीम के साथ नदी में डूबे किशोरों की तलाश करवाई। परिजन नदी किनारे खड़े होकर ही विलाप करने लगे। धीरे धीरे सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ नदी किनारे लग गई। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों में शोक है।
सोम नदी में डूबे लड़कों की सूचना पर मैं मौके पर गया था। एनडीआरएफ की टीम के साथ दोनों लड़कों की तलाश की गई। एक लड़के का शव मिल गया है। जिसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। दूसरे किशोर की तलाश की जा रही है। मंगलवार को भी उसकी तलाश की जाएगी। - रामकुमार, एसएचओ, थाना बुड़िया।