दिल्ली-पंजाब सीएम का ट्विटर वार, केजरीवाल बोले- दोषियों को सजा देने में नाकाम रही सरकार
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दिल्ली और पंजाब के सीएम रविवार को एक बार फिर ट्विटर पर भिड़ गए। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाया तो कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तुरंत ही पलटवार किया। इससे पहले भी कई बार दोनों नेता ट्विटर पर आमने-सामने हो चुके हैं।
बरगाड़ी कांड की तीसरी बरसी पर केजरीवाल ने ट्वीट किया। उन्होंने तीन साल पहले हुई बेअदबी की घटनाओं और पुलिस फायरिंग में दो नौजवानों की मौत के दोषियों पर कार्रवाई के लिए पंजाब सरकार को घेरा। गौरतलब है कि 2015 में पुलिस फायरिंग में कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि वह कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह के परिजनों से शोक व्यक्त करते हैं। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और इन दोनों निर्दोष लोगों के कातिलों को सजा देने में बुरी तरह नाकाम रही है।
पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस ट्वीट के बाद तुरंत प्रतिक्रया जताई और केजरीवाल को बिक्रम मजीठिया से मांगी गई माफी तक याद दिला दी। कैप्टन ने ट्वीट किया कि अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे का सियासीकरण न करें। यह चौंकाने वाला है कि आप एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही कानून को नष्ट करने की बात कर रहे हैं। हम अराजकता में नहीं रहते हैं। आप से ज्यादा यह बात और कौन समझ सकता है कि जब कोई कानून के खिलाफ ज्यादा है तो क्या होता है। बादल परिवार से मांगी गई माफी याद है।
Stop politicking @ArvindKejriwal. It’s shocking a man in your position talks of subverting law instead of waiting for SIT’s findings. We don’t live in anarchy. In any case who better than you’d know what happens when one doesn’t go by law. Remember your apology to the Badal clan? https://t.co/IGg2CLli0Z
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) October 14, 2018
16 को होगी कोर कमेटी की मीटिंग
आम आदमी पार्टी की सूबे की सर्वोच्च्च कमेटी की पहली मीटिंग 16 अक्तूबर को रखी गई है। बागी सुखपाल खैरा गुट द्वारा बार-बार पंजाब इकाई को स्वायत्तता देने की मांग की जा रही थी। इसके जवाब में आप हाईकमान ने पिछले दिनों 22 मेंबरी कोर कमेटी गठित की थी। प्रदेश को लेकर सभी तरह के फैसले करने का अधिकार इसी कमेटी को दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के दौरान सबसे प्रमुख तौर पर खैरा गुट पर ही मंथन होगा। सात अक्तूबर को कोटकपूरा से रोष मार्च के दौरान खैरा गुट को जिले जन समर्थन के बाद से पार्टी बैकफुट पर है। पहले वे खैरा पर पंथक एजेंडा अपनाने के आरोप लगा रहे थे। लेकिन लोगों के रिस्पॉन्स के बाद आखिर रविवार को बरगाड़ी कांड की तीसरी बरसी पर हुए समागम में आप के सभी प्रमुख नेताओं को शामिल होना पड़ा। कोर कमेटी की मीटिंग में इस बात पर मंथन किया जाएगा कि खैरा के साथ गए वॉलंटियर्स को किस तरह वापस लाया जाए। मीटिंग में इसकी रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही लोकसभा चुनाव पर भी मंथन किया जाएगा।