सारागढ़ी के शहीदों को नमन, मेमोरियल के लिए पंजाब सरकार ने दी एक करोड़ की ग्रांट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की दस सबसे महानतम लड़ाइयों में शामिल सारागढ़ी की लड़ाई में शहीद होने वाले सिख रेजीमेंट के जाबांज शूरवीरों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह विचार सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने गुरुवार को फिरोजपुर में सारागढ़ी दिवस पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की अगुवाई के दौरान व्यक्त किए।
उन्होंने इस दौरान सारागढ़ी मेमोरियल के सौंदर्यीकरण, विकास और नवीनीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करते हुए इसका आधिकारिक पत्र डीसी चंद्र गैंद को सौंपा। सेहत मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पहल पर इस कार्यक्रम को राज्य स्तरीय मनाने की प्रथा शुरू की गई है ताकि हमारे जांबाज शूरवीरों की शहादत के बारे में पूरा विश्व जान सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सारागढ़ी मेमोरियल के इंटरप्रटेशन सेंटर पर आधारित एक टूरिस्ट फेसिलिटेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिस पर दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसी तरह फिरोजपुर के ऐतिहासिक हुसैनीवाला रेलवे स्टेशन का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिसे लेकर मुख्यमंत्री की अगुवाई में हुई बैठक में फैसला ले लिया गया है। जल्द ही इन कामों के लिए ग्रांट जारी कर दी जाएगी।
सारागढ़ी के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए मुख्य अतिथि बलवीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पूरे विश्व में इस तरह की बहादुरी की मिसाल कहीं भी देखने को नहीं मिलती। जहां सिर्फ 21 जवानों ने दुश्मन दल की 10 हजार की तादाद वाली टुकड़ी का इतनी बहादुरी से मुकाबला किया हो। ये लड़ाई न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की ऐतिहासिक लड़ाइयों के इतिहास में सुनहरी अक्षरों में दर्ज है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सारागढ़ी की लड़ाई में शहीद हुए 21 जांबाजों के वारिसों को सम्मानित किया। इसके बाद कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के पारिवारिक सदस्यों को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए। कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि लोगों को बेहतरीन सेहत सेवाएं मुहैया करवाने के लिए कैप्टन सरकार वचनबद्ध है और इस कार्य के लिए फंड्स की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने फिरोजपुर सिविल अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड और गायनी वार्ड के आधुनिकीकरण को लेकर किए गए जिला प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाकी सभी वार्डों को भी नए सिरे से तैयार करके फिरोजपुर को मॉडल सिविल अस्पताल दिया जाएगा।
इसके अलावा सरकार की तरफ से डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए उच्च स्तर के प्रयास चल रहे हैं और जल्द ही सर्जन और अन्य माहिर डॉक्टरों की कमी दूर कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर में पीजीआई सेंटर को लेकर राज्य सरकार की तरफ से सारी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। पिछली सरकार की अनदेखी के कारण इस कार्य में देरी हो गई लेकिन जल्द ही फिरोजपुर को पीजीआई सेंटर शुरू करवा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की तरफ से मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के बाद बढ़ाए गए ट्रैफिक जुर्मानों पर सेहत मंत्री ने कहा कि ये मुद्दा काफी गंभीर है और इस पर पूरी तरह से सोच-विचार करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। सरकार जल्दबाजी में कोई भी एक तरफा फैसला नहीं लेगी। सेहत मंत्री ने कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों की तरफ से जन-हितैषी स्कीमों को लेकर लगाई गई प्रदर्शनियों का दौरा किया और अधिकारियों को इन स्कीमों का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर विधायक कुलबीर सिंह जीरा, सारागढ़ी मैमोरियल ट्रस्ट के चेयरमैन मेजर जनरल अमित लूंबा, डिवीजनल कमिश्नर सुमेर सिंह गुर्जर, आईजी बी. चंद्रशेखर, एसएसपी फिरोजपुर विवेक एस. सोनी समेत सिविल, पुलिस-प्रशासन और आर्मी के कई अधिकारी मौजूद थे।