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शराबी चालकों को पकड़ने के लिए अब चंडीगढ़ पुलिस अपनाएगी ये तरीका, देखिए
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Sep 2017 09:09 AM IST
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- फोटो : File Photo
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सिटी ब्यूटीफुल की सड़कों पर बढ़ रही ड्रंक एंड ड्राइविंग पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस मोबाइल नाके लगाएगी। सड़कों पर लगने वाले नाकों की जानकारी शराबी चालकों को पहले ही लग जाती थी, जिससे वे दूसरे रास्ते से निकल जाते थे। यही नहीं नाके लगे होने की जानकारी व्हाट्स ग्रुप पर वायरल हो जाती थी। इससे भी शराबी चालक सतर्क हो जाते थे। एसएसपी ने यह तोड़ निकाला है और मोबाइल नाकों की मानीटरिंग वह खुद करेंगे।
पुलिस के अपने कर्मचारी भी करते हैं जानकारी लीक
पुलिस के आला अधिकारी भी नाके की जानकारी लीक होने से नहीं रोक पा रहे हैं। यहां तक की निचले स्तर के कर्मचारियों को एक घंटे पहले ही नाके की लोकेशन बताई जाती है लेकिन इसके बावजूद जानकारी लीक हो रही है। मोबाइल नाके का फायदा यह होगा कि अगर एक जगह नाके की जानकारी लीक हो जाती है और पुलिस आधे घंटे बाद दूसरी जगह पर नाका लगा देती है तो ऐसे में जानकारी इतनी जल्दी से लीक नहीं होगी और ज्यादा से ज्यादा शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा जा सकेगा।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार मोबाइल नाकों के लिए 30 मार्शल भी अलग अलग टीम के साथ नियुक्त किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के नए एसएसपी ने शहर में ड्रंक एंड ड्राइविंग के नाकों की गिनती भी बढ़ा दी है। मोबाइल नाका लगने से लोकेशन की संख्या भी ज्यादा बढ़ जाएगी। मालूम हो कि जब से होटल और रेस्तराओं में शराब परोसना शुरू हुआ है, तब से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की तादाद भी बढ़ गई है। साथ ही हादसों में भी इजाफा हुआ है।
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एसएसपी ट्रैफिक शंशाक आनंद का कहना है कि सिस्टम को बेहतर किया जा रहा है। जिस कारण मोबाइल नाकों की व्यवस्था की गई। 5 मिनट पहले ही नाके की लोकेशन बदलने की सूचना दी जाएगी। इससे एक टीम एक से ज्यादा जगह पर नाके लगाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा जा सकता है। इस सारे सिस्टम को वह खुद ही मानीटरिंग करेंगे ताकि नाके की जानकारी लीक न हो।
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पुलिस के अपने कर्मचारी भी करते हैं जानकारी लीक
पुलिस के आला अधिकारी भी नाके की जानकारी लीक होने से नहीं रोक पा रहे हैं। यहां तक की निचले स्तर के कर्मचारियों को एक घंटे पहले ही नाके की लोकेशन बताई जाती है लेकिन इसके बावजूद जानकारी लीक हो रही है। मोबाइल नाके का फायदा यह होगा कि अगर एक जगह नाके की जानकारी लीक हो जाती है और पुलिस आधे घंटे बाद दूसरी जगह पर नाका लगा देती है तो ऐसे में जानकारी इतनी जल्दी से लीक नहीं होगी और ज्यादा से ज्यादा शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा जा सकेगा।
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ट्रैफिक पुलिस के अनुसार मोबाइल नाकों के लिए 30 मार्शल भी अलग अलग टीम के साथ नियुक्त किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के नए एसएसपी ने शहर में ड्रंक एंड ड्राइविंग के नाकों की गिनती भी बढ़ा दी है। मोबाइल नाका लगने से लोकेशन की संख्या भी ज्यादा बढ़ जाएगी। मालूम हो कि जब से होटल और रेस्तराओं में शराब परोसना शुरू हुआ है, तब से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की तादाद भी बढ़ गई है। साथ ही हादसों में भी इजाफा हुआ है।
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एसएसपी ट्रैफिक शंशाक आनंद का कहना है कि सिस्टम को बेहतर किया जा रहा है। जिस कारण मोबाइल नाकों की व्यवस्था की गई। 5 मिनट पहले ही नाके की लोकेशन बदलने की सूचना दी जाएगी। इससे एक टीम एक से ज्यादा जगह पर नाके लगाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा जा सकता है। इस सारे सिस्टम को वह खुद ही मानीटरिंग करेंगे ताकि नाके की जानकारी लीक न हो।