{"_id":"625dcdd2c082346e0955ad1f","slug":"traders-industrialists-reached-ut-secretariat-dc-to-hold-meeting-to-resolve-dispute-chandigarh-news-pkl448039356","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूटी सचिवालय पहुंचे व्यापारी-उद्योगपति, विवाद सुलझाने के लिए बैठक करेंगे डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूटी सचिवालय पहुंचे व्यापारी-उद्योगपति, विवाद सुलझाने के लिए बैठक करेंगे डीसी
विज्ञापन
चंडीगढ़। कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 में संशोधन कर भवन नियमों के उल्लंघन व दुरुपयोग पर जुर्माने की राशि को 400 गुना बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ शहर की करीब 20 संस्थाओं के प्रतिनिधि सोमवार को यूटी सचिवालय पहुंचे। प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। तय हुआ है कि डीसी इनके साथ बैठक करेंगे ताकि इस विवाद को सुलझाया जा सके।
चंडीगढ़ कोआर्डिनेशन कमेटी की अगुवाई में सोमवार को शहर के व्यापारी, उद्योगपति व अन्य सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में इकट्ठे हुए। यह साझा मंच 20 से अधिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है जो इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। सभी ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। कमेटी के सदस्यों ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को जुर्माने की राशि में वृद्धि से अवगत कराया। यूटी प्रशासन ने जुर्माने को मौजूदा 500 रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की सिफारिश की है, जबकि प्रतिदिन के जुर्माने को 20 रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है।
फैसला वापस लेने और व्यापारियों को राहत देने के लिए सभी सदस्य यूटी सचिवालय में प्ले कार्ड लेकर पहुंचे और उन्होंने रोष प्रदर्शन किया। प्ले कार्ड्स पर इस प्रस्ताव को वापस लिए जाने के स्लोगन लिखे थे। अधिकारियों से मिलने के बाद व्यापारियों ने दावा कि प्रशासन ने सुझाव व आपत्ति दर्ज कराने का समय बढ़ाकर 6 मई तक कर दिया है।
विज्ञापन
इन संस्थाओं के पदाधिकारी पहुंचे यूटी सचिवालय
कोआर्डिनेशन कमेटी में मुख्य रूप से चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, फॉसवेक, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज, कनवर्टेड प्लाट ओनर्स एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, चंडीगढ़ शेड वेलफेयर एसोसिएशन, क्रॉफ्ड, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन, ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल यूथ एसोसिएशन, फर्नीचर एसोसिएशन आदि हैं। सभी ने मिलकर चंडीगढ़ कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई है। इसी के बैनर तले सभी प्रदर्शन कर रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि आने वाले दिनों में विरोध स्वरूप कैंडल मार्च, कार रैली भी निकाली जाएगी।
वर्जन---
वर्ष 1952 में जुर्माने की राशि तय की गई थी। अब स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। फिर भी व्यापारियों की मांगों को सुनने के लिए डीसी को निर्देश दिए हैं कि उनके साथ बैठक कर मामले को सुलझाएं।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
विज्ञापन
चंडीगढ़ कोआर्डिनेशन कमेटी की अगुवाई में सोमवार को शहर के व्यापारी, उद्योगपति व अन्य सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में इकट्ठे हुए। यह साझा मंच 20 से अधिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व कर रहा है जो इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। सभी ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। कमेटी के सदस्यों ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को जुर्माने की राशि में वृद्धि से अवगत कराया। यूटी प्रशासन ने जुर्माने को मौजूदा 500 रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने की सिफारिश की है, जबकि प्रतिदिन के जुर्माने को 20 रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है।
विज्ञापन
फैसला वापस लेने और व्यापारियों को राहत देने के लिए सभी सदस्य यूटी सचिवालय में प्ले कार्ड लेकर पहुंचे और उन्होंने रोष प्रदर्शन किया। प्ले कार्ड्स पर इस प्रस्ताव को वापस लिए जाने के स्लोगन लिखे थे। अधिकारियों से मिलने के बाद व्यापारियों ने दावा कि प्रशासन ने सुझाव व आपत्ति दर्ज कराने का समय बढ़ाकर 6 मई तक कर दिया है।
विज्ञापन
इन संस्थाओं के पदाधिकारी पहुंचे यूटी सचिवालय
कोआर्डिनेशन कमेटी में मुख्य रूप से चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, फॉसवेक, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज, कनवर्टेड प्लाट ओनर्स एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, चंडीगढ़ शेड वेलफेयर एसोसिएशन, क्रॉफ्ड, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन, ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल यूथ एसोसिएशन, फर्नीचर एसोसिएशन आदि हैं। सभी ने मिलकर चंडीगढ़ कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई है। इसी के बैनर तले सभी प्रदर्शन कर रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि आने वाले दिनों में विरोध स्वरूप कैंडल मार्च, कार रैली भी निकाली जाएगी।
वर्जन---
वर्ष 1952 में जुर्माने की राशि तय की गई थी। अब स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। फिर भी व्यापारियों की मांगों को सुनने के लिए डीसी को निर्देश दिए हैं कि उनके साथ बैठक कर मामले को सुलझाएं।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक