विश्व टीबी दिवस : कोविड ने 10 साल पीछे धकेली टीबी उन्मूलन की रफ्तार, बढ़ गया है संक्रमण का खतरा
- कोरोना के कारण बढ़ा टीबी के संक्रमण का खतरा
- 2019-20 के अभियान के दौरान देश से तीन लाख से ज्यादा मरीज हुए लापता
- लक्षणों के सामने आते ही करवाएं टीबी की जांच
विस्तार
कोरोना ने जहां भारत को अनजानी महामारी की चपेट में पहुंचा दिया है। वहीं दूसरी तरफ इसके कारण टीबी के संक्रमण का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ गया है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार देश में 2019-20 के अभियान के दौरान लगभग तीन लाख से ज्यादा मरीज लापता हो गए हैं। ऐसे में उन मरीजों की ट्रेसिंग न होने के कारण उनके संपर्क में आने वालों पर टीबी संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के एडवाइजर डॉ. रमणीक सिंह बेदी का कहना है कि देश में कोरोना के दौरान टीबी के मरीजों की समुचित स्क्रीनिंग न हो पाने से टीबी उन्मूलन लगभग 10 साल पीछे चला गया है। ऐसे में जरूरी है कि लक्षणों के सामने आते ही तत्काल टीबी की जांच करवाई जाए, जिससे जल्द स्क्रीनिंग कर इसके संक्रमण को रोकने में मदद मिले।
डॉ. बेदी ने बताया कि इस बार विश्व टीबी दिवस की थीम द क्लॉक इज टिकिंग यानी समय गुजर रहा है, तय की गई है। इसका अर्थ है कि समय के साथ ही टीबी के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि कोविड-19 के साथ ही टीबी पर काबू के लिए भी प्रयास पूर्ववत जारी रहे, जिससे टीबी उन्मूलन के 2025 के लक्ष्य को जल्द पूरा करने में सफलता मिल सके।
ये लक्षण हैं खतरनाक
3 हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी आना, खांसी में खून आना, सीने में दर्द या सांस लेने व खांसने में दर्द होना, लगातार वजन कम होना, चक्कर आना, रात में पसीना आना, ठंड लगना, भूख न लगना।
बीमारी होने व फैलने के मुख्य कारण
टीबी हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। इसके अलावा कुछ और भी मुख्य कारण है जिससे व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है। इसमें मुख्य रूप से एचआईवी, एड्स, मधुमेह, किडनी की बीमारी, कैंसर और अंग प्रत्यारोपण के बाद दी जाने वाली दवाइयां व कुपोषण शामिल है।
मुफ्त इलाज की है सुविधा
टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है। इसके लिए जरूरी है कि टीबी का पूरी तरह इलाज करवाया जाए। बीच में दवा छोड़ देने से बैक्टीरिया में दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है और इसका इलाज मुश्किल हो सकता है।