चंडीगढ़ : कोरोना योद्धाओं को समर्पित होगा इस बार का रोज फेस्टिवल, रोज गार्डन के विकास पर खर्च होगा फंड
चंडीगढ़ में हर साल मनाया जाने वाला रोज फेस्टिवल इस बार कुछ अलग तरीके से मनाया जाएगा। इस साल का रोज फेस्टिवल कोरोना योद्धाओं को समर्पित होगा वहीं फेस्टिवल पर खर्च होने वाला फंड रोज गार्डन के विकास कार्य और गुलाबों को सहेजने पर खर्च होगा।
इसके अलावा फेस्टिवल में कोरोना महामारी के दौरान लोगों की सेवा में लगे माली, सफाईकर्मी व डॉक्टरों को भी सम्मानित किया जाएगा। रोज फेस्टिवल के प्रारूप को तैयार करने के लिए जल्द एक कमटी बनेगी। चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक में यह निर्णय लिए गए।
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सदन की बुधवार को हुई बैठक में रोज फेस्टिवल के आयोजन का एजेंडा लाया गया था। कोरोना के कारण इस बार पहले रोज फेस्टिवल मनाने की योजना नहीं थी। बाद में इसे सदन में लाया गया। इस दौरान कांग्रेस पार्षद देवेंदर सिंह बबला ने कहा कि यह फेस्टिवल शहर की शान है, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार बड़े स्तर पर आयोजन ठीक नहीं है। सतीश कैंथ ने कहा कि इस फंड को बचाकर शहर के अन्य विकास कार्यों में लगा सकते हैं।
उसके बाद भाजपा पार्षद राजेश कालिया, गुरप्रीत ढिल्लों, विनोद अग्रवाल, आशा जसवाल, कांग्रेस पार्षद गुरुबख्श रावत और शीला देवी ने इस फेस्टिवल को न मनाने की अपील की। मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह ने कहा कि कुछ प्रतियोगिताओं को कम करके इसे मनाया जा सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि इस आयोजन को सीमित करके इसके खर्च को रोज गार्डन पर लगाएं और इस आयोजन को कोरोना योद्धाओं को समर्पित करें। इस बात पर सभी ने सहमति जताई। उसके बाद निगम आयुक्त केके यादव ने भी इस सुझाव की सराहना की। मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि आयोजन के लिए एक कमेटी बनाकर इसके प्रारूप को बनाया जाएगा, ताकि यह प्रथा भी न छूटे और कोरोना महामारी के मानकों का भी पालन हो सके।
प्रशासन से भी लें आयोजन के पैसे
कांग्रेस पार्षद गुरुबख्श रावत ने कहा कि कल्चरल मिनिस्ट्री से इस तरह के आयोजन के लिए काफी फंड आता है। प्रशासन अपने कार्यक्रम में इस फंड को लगाकर खत्म कर देता है। पूर्व में एक बार निगम ने प्रशासन से इस आयोजन के लिए 35 लाख रुपये लिए थे। हमें फिर से अपने आयोजनों के लिए प्रशासन से पैसे लेने चाहिएं।
चार एजेंडे पास, एक टेबल एजेंडे पर भी मुहर
बैठक में इस बार पांच एजेंडा आए थे। इसमें से वित्त एवं अनुबंध कमेटी के लिए सर्वसहमति से कमेटी बना दी गई। इसमें सतीश कैंथ, सुनीता धवन, राजेश कालिया, अनिल कुमार दुबे और विनोद अग्रवाल को सदस्य बनाया गया। इसके साथ तीन प्रमुख सब-कमेटियों ने पेयजल आपूर्ति व सीवरेज समस्या निस्तारण सब-कमेटी, रोड सब-कमेटी और संपत्ति कर असेसमेंट सब-कमेटी गठित करने के लिए मेयर को अधिकार दिया गया।
रोज फेस्टिवल के लिए कमेटी बनाने के साथ मनीमाजरा स्थित राणा की हवेली के लिए नियम व शर्तें तय करने का एजेंडा भी पास कर दिया गया। बीएसएनएल को तार डालने के लिए बैंक गारंटी में छूट देने का एजेंडा सदन ने रद्द कर दिया। वहीं एलआईसी को वायर एनआईसी के तहत लाइन डालने के लिए बैंक गारंटी में छूट देने की बात कही गई। हालांकि रिस्टोरेशन शुल्क लेने की बात कही गई।
स्मार्ट सिटी को मुफ्त में ऑफिस देगा निगम
निगम आयुक्त ने बताया कि सेक्टर-17 में जो स्मार्ट सिटी का ऑफिस बना है, उस पर ऑडिट ने आपत्ति लगाई है। आयुक्त ने बताया कि ऑडिट में कहा कि गया है कि सेक्टर-17 में जहां स्मार्ट सिटी ने ऑफिस बनाया है, वह न उसकी स्वयं की जगह है और न लीज पर है। ऐसे में पैसा व्यर्थ किया गया है। सदन ने स्मार्ट सिटी को बिना किसी शुल्क के वह जगह लीज पर देने का निर्णय लिया। अब निगम 1 अक्तूबर 2018 से इस जगह को स्मार्ट सिटी को मुफ्त में देगा।