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Chandigarh News: जल संसाधनों का प्रबंधन और भूजल संचय पर होगा मंथन
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चंडीगढ़ में आज से शुरू होगी तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला, वित्तायुक्त अनुराग रस्तोगी होंगे मुख्यातिथि
क्षेत्रीय कार्यशाला में हरियाणा भू-अभिलेख विभाग और जल संसाधन विभाग तैयार करेगा जल चुनौतियों पर रियल टाइम डाटा रिपोर्ट
चंडीगढ़। हरियाणा में गिरता भू-जल चुनौती बना हुआ है। ऐसे में जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग और प्रबंधन को लेकर भू-लेख हरियाणा विभाग की ओर से तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला हो रही है। 26 से 28 दिसंबर तक चंडीगढ़ में जल संचय, जल संसाधनों का प्रबंधन और पानी बचाव पर मंथन होगा। 26 दिसंबर को वित्तायुक्त अनुराग रस्तोगी मुख्य अतिथि होंगे, जबकि लघु सिंचाई सांख्यिकी प्रकोष्ठ भारत सरकार की उप महानिदेशक प्रियंका कुलश्रेष्ठ अध्यक्षता करेंगी।
भू-अभिलेख के सहायक निदेशक और क्षेत्रीय कार्यशाला के नोडल अधिकारी राजकुमार ने बताया कि कार्यशाला में भू-अभिलेख हरियाणा विभाग के निदेशक डॉ. यशपाल सहित नदी विकास और गंगा संरक्षण, लघु सिंचाई सांख्यिकी प्रकोष्ठ के अधिकारी हिस्सा लेंगे। प्रदेश में जल संबंधी गंभीर चुनौतियों, जिनमें अत्यधिक भूजल दोहन, घटता जल स्तर, असक्षम सिंचाई पद्धतियां और जल स्त्रोतों के प्रदूषण पर चर्चा होगी। यही नहीं अंतर-राज्यीय नदी विवाद, सीमित वर्षा जल संचयन, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव और बढ़ती जनसंख्या के लिए जल प्रबंधन पर भी मंथन होगा।
नोडल अधिकारी ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षकों को मोबाइल वेब एप्लिकेशन में शेड्यूल भरने, उपयोगकर्ता निर्माण और प्रबंधन मॉड्यूल के साथ-साथ परिभाषाओं की अवधारणाओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे सभी चार गणनाओं के लिए रियल-टाइम डेटा संग्रह सुनिश्चित हो सके। कार्यशाला में निदेशक पवन कुमार, सहायक निदेशक, निहारिका सिंह, संयुक्त निदेशक आईटी रितिका सेठी व परियोजना प्रबंधक अनूप शर्मा का भी विशेष सहयोग रहेगा।
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क्षेत्रीय कार्यशाला में हरियाणा भू-अभिलेख विभाग और जल संसाधन विभाग तैयार करेगा जल चुनौतियों पर रियल टाइम डाटा रिपोर्ट
चंडीगढ़। हरियाणा में गिरता भू-जल चुनौती बना हुआ है। ऐसे में जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग और प्रबंधन को लेकर भू-लेख हरियाणा विभाग की ओर से तीन दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला हो रही है। 26 से 28 दिसंबर तक चंडीगढ़ में जल संचय, जल संसाधनों का प्रबंधन और पानी बचाव पर मंथन होगा। 26 दिसंबर को वित्तायुक्त अनुराग रस्तोगी मुख्य अतिथि होंगे, जबकि लघु सिंचाई सांख्यिकी प्रकोष्ठ भारत सरकार की उप महानिदेशक प्रियंका कुलश्रेष्ठ अध्यक्षता करेंगी।
भू-अभिलेख के सहायक निदेशक और क्षेत्रीय कार्यशाला के नोडल अधिकारी राजकुमार ने बताया कि कार्यशाला में भू-अभिलेख हरियाणा विभाग के निदेशक डॉ. यशपाल सहित नदी विकास और गंगा संरक्षण, लघु सिंचाई सांख्यिकी प्रकोष्ठ के अधिकारी हिस्सा लेंगे। प्रदेश में जल संबंधी गंभीर चुनौतियों, जिनमें अत्यधिक भूजल दोहन, घटता जल स्तर, असक्षम सिंचाई पद्धतियां और जल स्त्रोतों के प्रदूषण पर चर्चा होगी। यही नहीं अंतर-राज्यीय नदी विवाद, सीमित वर्षा जल संचयन, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव और बढ़ती जनसंख्या के लिए जल प्रबंधन पर भी मंथन होगा।
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नोडल अधिकारी ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षकों को मोबाइल वेब एप्लिकेशन में शेड्यूल भरने, उपयोगकर्ता निर्माण और प्रबंधन मॉड्यूल के साथ-साथ परिभाषाओं की अवधारणाओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे सभी चार गणनाओं के लिए रियल-टाइम डेटा संग्रह सुनिश्चित हो सके। कार्यशाला में निदेशक पवन कुमार, सहायक निदेशक, निहारिका सिंह, संयुक्त निदेशक आईटी रितिका सेठी व परियोजना प्रबंधक अनूप शर्मा का भी विशेष सहयोग रहेगा।

सिरोही। समीपवर्ती आवल गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन हुआ।
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