निगम की बैठक में खूब हुई तू-तू-मैं-मैं, फिर अकेली रह गई मेयर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हंगामे और वाकआउट के बाद भी पंचकूला के विकास कार्य नहीं रुके। पंचकूला नगर निगम की मेयर उपिंदर अहलूवालिया ने चंद पार्षदों के हंगामे के बीच मीटिंग की और कई मुद्दों पर हाउस की सहमति भी मिली।
कई ऐसे मुद्दे रहे जो कि निगम की बैठक में दोबारा रखे गए, जिनको लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई और इन मुद्दों को दोबारा इसमें शामिल न करने को कहा।
इस मीटिंग में संगत सिंह नंदा, सोमनाथ, रविकांत स्वामी, सीमा देवी, सुरजीत कौर, ममता मित्तल, भावना गुप्ता, लिली बावा, दलबीर कौर, कुलजीत वड़ैच मौजूद रहीं।
सिटी की मुख्य मार्केट में नाइट स्वीपिंग के मुद्दे पर 11 पार्षदों ने सहमति जताई और इसे मंजूरी प्रदान करते हुए कहा कि इसके लिए सफाई कर्मचारी रखे जाएं। एजेंडे में रखे गए मुद्दे गांव ऊपरवाली से सड़क निर्माण पर पार्षदों ने कहा कि सड़कें कई हैं।
अगर इस सड़क को बनाने की कोई खास वजह है तो बताएं। साथ ही पब्लिक टायलेट्स के मुद्दे पर पार्षदों ने कहा कि यह पुराना मसला है। गांव कुंडी में कम्युनिटी सेंटर के मसले पर सभी ने आम राय जताई।
कालका में सब कार्यालय के मुद्दे पर पार्षदों ने कहा कि पहले पंचकूला निगम कार्यालय बनाया जाना चाहिए। पार्षदों ने कहा कि जो मुद्दे प्रशासनिक हैं उनको बैठक के एजेंडे में क्यों शामिल किया गया। आगे से ऐसे मुद्दे इसमें नहीं रखे जाने चाहिए। पार्षदों ने कहा कि डेढ़ सौ से ज्यादा सफाई कर्मचारियों का मसला और आउटसोर्सिंग का मसला सैनिटेशन कमेटी के सामने रखा जाना चाहिए।
सिटी की सफाई के लिए उपकरणों की खरीद फरोख्त के मसले पर पार्षदों ने कहा कि जितना सामान निगम के पास है, उसके उपयोग की पूरी डिटेल दें। इस सामान में कमी होने पर उसकी जानकारी दी जाए और उपकरणों की खरीद फरोख्त पर चर्चा की जाए। पार्षदों ने कहा कि सीएम द्वारा चौक के नाम की घोषणा को हाउस मीटिंग में दिखाएं। पार्षदों ने कहा कि सीएम की घोषणाओं का हाउस सम्मान करता है।