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मौली गांव में अवैध बने मकान तोड़ने गई टीम को गंदगी में मिला थोड़ा बनता
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मनीमाजरा। मौली गांव में नाले के पास बने रहे कुछ नये मकानों को गिराने के लिए शनिवार को नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच की टीम पहुंची। टीम को वहां गंदगी में शौचालय के पास भारी मात्रा में इडली-डोसा बनाते कुछ लोग मिले। पूछने पर पता चला कि यह सामान बनाकर लोगों को पंचकूला के सेक्टरों में जाकर बेचा जाता है।
जिस जगह यह साउथ इंडियन व्यंजन बनाए जा रहे थे, वहां पास में ही खुला शौचालय बना हुआ था और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तय किए गए मानकों की अनदेखी की जा रही थी। बिल्डिंग ब्रांच की टीम की छापेमारी के दौरान वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ लोग सामान वहीं छोड़कर फरार हो गए और जब निगम की टीम ने उनके बर्तन उठाने शुरू किए तो इन व्यंजनों को बनाने वाले लोग फिर अपना सामान रेहड़ी पर रखकर भागने लगे।
टीन ने अभी उस शेड को तोड़ा नहीं है जिसके नीचे यह व्यंजन बनाए जा रहे थे। एसडीओ बलराज छिकारा ने बताया कि बिल्कूल नाले के ऊपर बने मकानों में यह लोग रहे थे। इसलिए इन लोगों को दो दिन का समय दिया गया है कि वह इस जगह को खाली कर दें। जिसके बाद फिर इनको गिराया जाएगा।
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एसडीओ बलराज छिकारा ने बताया कि शनिवार को नगर निगम एडिशनल कमिश्नर तिलक राज और चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के निर्देश पर मौली गांव के पीछे बने नाले के पास और ऊपर बनाए जा रहे दो अवैध मकानों की दीवारें गिराई हैं। क्योंकि इनको निगम ने पहले भी चेतावनी दी थी। लेकिन नाले के पास पंचायती सरकारी जमीन पर मकान बनाने का काम बंद नहीं किया गया। एडिशनल कमिश्नर और चीफ इंजीनियर ने 10 दिन पहले मौके का दौरा कर अवैध मकान बनाने से मना किया था। एसडीओ ने बताया कि गांव के अंदर हाई टेंशन वायरों के नीचे बन रही एक मकान की तीसरी मंजिल भी उन्होंने गिराई है और दूसरी मंजिल हटाने के लिए मकान मालिक को निर्देश दिए हैं। इस टीम में एसडीओ बलराज छिकारा के साथ सुपरवाइजर गुरदेव सिंह, 15 लेबर कर्मचारी, एक जेसीबी मशीन और दो ट्रक शामिल थे। सुबह 11 बजे से 2 बजे तक निगम की टीम ने इन मकानों को गिराने की कार्रवाई की।
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जिस जगह यह साउथ इंडियन व्यंजन बनाए जा रहे थे, वहां पास में ही खुला शौचालय बना हुआ था और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तय किए गए मानकों की अनदेखी की जा रही थी। बिल्डिंग ब्रांच की टीम की छापेमारी के दौरान वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ लोग सामान वहीं छोड़कर फरार हो गए और जब निगम की टीम ने उनके बर्तन उठाने शुरू किए तो इन व्यंजनों को बनाने वाले लोग फिर अपना सामान रेहड़ी पर रखकर भागने लगे।
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टीन ने अभी उस शेड को तोड़ा नहीं है जिसके नीचे यह व्यंजन बनाए जा रहे थे। एसडीओ बलराज छिकारा ने बताया कि बिल्कूल नाले के ऊपर बने मकानों में यह लोग रहे थे। इसलिए इन लोगों को दो दिन का समय दिया गया है कि वह इस जगह को खाली कर दें। जिसके बाद फिर इनको गिराया जाएगा।
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एसडीओ बलराज छिकारा ने बताया कि शनिवार को नगर निगम एडिशनल कमिश्नर तिलक राज और चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह के निर्देश पर मौली गांव के पीछे बने नाले के पास और ऊपर बनाए जा रहे दो अवैध मकानों की दीवारें गिराई हैं। क्योंकि इनको निगम ने पहले भी चेतावनी दी थी। लेकिन नाले के पास पंचायती सरकारी जमीन पर मकान बनाने का काम बंद नहीं किया गया। एडिशनल कमिश्नर और चीफ इंजीनियर ने 10 दिन पहले मौके का दौरा कर अवैध मकान बनाने से मना किया था। एसडीओ ने बताया कि गांव के अंदर हाई टेंशन वायरों के नीचे बन रही एक मकान की तीसरी मंजिल भी उन्होंने गिराई है और दूसरी मंजिल हटाने के लिए मकान मालिक को निर्देश दिए हैं। इस टीम में एसडीओ बलराज छिकारा के साथ सुपरवाइजर गुरदेव सिंह, 15 लेबर कर्मचारी, एक जेसीबी मशीन और दो ट्रक शामिल थे। सुबह 11 बजे से 2 बजे तक निगम की टीम ने इन मकानों को गिराने की कार्रवाई की।