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मॉर्चरी विवाद: डॉक्टरों पर एफआईआर से आईएमए में रोष, प्रतिनिधिमंडल ने डीसी से की मुलाकात
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। ओरिसन अस्पताल के डॉक्टरों और निदेशकों पर मॉर्चरी विवाद के तहत दर्ज एफआईआर के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) लुधियाना चैप्टर ने मंगलवार को उपायुक्त लुधियाना से मुलाकात की। करीब 300 डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया और इसे प्रशासनिक चूक करार दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईएमए के संरक्षक डॉ. मनोज कुमार सोबती, अध्यक्ष डॉ. पवन ढींगरा, पंजाब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुनील कट्याल, उपाध्यक्ष डॉ. आशीष ओहरी और पूर्व अध्यक्ष डॉ. गौरव सचदेवा ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि एफआईआर में नामजद डॉक्टरों में से डॉ. निर्मलजीत एस. मल्ही और डॉ. राजीव ग्रोवर केवल इलाज करने वाले चिकित्सक हैं, जबकि निदेशक डॉ. सुनील मित्तल और डॉ. मनीषा मित्तल के पास मॉर्चरी संचालन पर प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं था।
आईएमए ने कहा कि मॉर्चरी सेवाओं का संचालन ऑपरेशनल और सपोर्ट स्टाफ द्वारा होता है, इसलिए डॉक्टरों और निदेशकों को आपराधिक मामलों में घसीटना न्यायसंगत नहीं है। उपायुक्त लुधियाना ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पुनः जांच आईएएस डॉ. प्रगति वर्मा को सौंपी जाएगी। आईएमए ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी सही स्तर पर तय की जाएगी और पेशेवरों को अनावश्यक रूप से अपराधी ठहराया नहीं जाएगा।
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लुधियाना। ओरिसन अस्पताल के डॉक्टरों और निदेशकों पर मॉर्चरी विवाद के तहत दर्ज एफआईआर के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) लुधियाना चैप्टर ने मंगलवार को उपायुक्त लुधियाना से मुलाकात की। करीब 300 डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने इस कार्रवाई पर कड़ा एतराज जताया और इसे प्रशासनिक चूक करार दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आईएमए के संरक्षक डॉ. मनोज कुमार सोबती, अध्यक्ष डॉ. पवन ढींगरा, पंजाब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुनील कट्याल, उपाध्यक्ष डॉ. आशीष ओहरी और पूर्व अध्यक्ष डॉ. गौरव सचदेवा ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि एफआईआर में नामजद डॉक्टरों में से डॉ. निर्मलजीत एस. मल्ही और डॉ. राजीव ग्रोवर केवल इलाज करने वाले चिकित्सक हैं, जबकि निदेशक डॉ. सुनील मित्तल और डॉ. मनीषा मित्तल के पास मॉर्चरी संचालन पर प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं था।
आईएमए ने कहा कि मॉर्चरी सेवाओं का संचालन ऑपरेशनल और सपोर्ट स्टाफ द्वारा होता है, इसलिए डॉक्टरों और निदेशकों को आपराधिक मामलों में घसीटना न्यायसंगत नहीं है। उपायुक्त लुधियाना ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पुनः जांच आईएएस डॉ. प्रगति वर्मा को सौंपी जाएगी। आईएमए ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी सही स्तर पर तय की जाएगी और पेशेवरों को अनावश्यक रूप से अपराधी ठहराया नहीं जाएगा।
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