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हरियाणा: किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की प्रक्रिया तेज, गृह विभाग ने उपायुक्तों से एफआईआर पर मांगी टिप्पणी
Fri, 24 Dec 2021 10:18 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 24 Dec 2021 10:18 PM IST
सार
आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज एफआईआर पर जिला न्यायवादी की टिप्पणी व एसपी की राय भी भेजनी होगी।
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किसान आंदोलन
- फोटो : Self
विस्तार
हरियाणा सरकार ने किसानों पर आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। गृह विभाग ने सभी जिलों के डीसी से दर्ज एफआईआर पर टिप्पणी मांगी हैं। इस पर जिला न्यायवादी की टिप्पणियां व एसपी की राय भी भेजने को कहा है।
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गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा की ओर से लिखे गए पत्र में 9 सितंबर 2020 से आंदोलन खत्म होने तक दर्ज हुए मामलों के संबंध में जानकारी मांगी गई है। इसमें केस की वर्तमान स्थिति, केस किन परिस्थितियों में दर्ज हुआ, जनहित में इन मामलों को कैसे वापस लिया जा सकता है, यह बताना होगा।
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डीसी को कहा गया है कि वे सबसे डाटा लेकर अपनी स्वतंत्र रिपोर्ट तुरंत भेजें। आदेश की कॉपी डीसी के साथ ही डीजीपी, पुलिस आयुक्तों को भी भेजी गई है। फरीदाबाद सहित अनेक डीसी ने शुक्रवार से ही इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
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किसानों के केस वापसी की यह स्थिति
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अनुसार अभी तक किसान आंदोलन के दौरान पुलिस रिकॉर्ड में 276 केस दर्ज हुए हैं। इनमें से 4 केस अति गंभीर प्रकृति के हैं। 272 केसों में से 178 में चार्जशीट तैयार की गई है। 158 केस अभी तक अनट्रेस हैं। 8 को रद्द करने की रिपोर्ट तैयार की गई है। चार केस को रद्द करने की रिपोर्ट फाइल कर दी गई है। 29 केस के रद्द करने की प्रक्रिया जारी है।