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Chandigarh News: पीजीआई में रजिस्ट्रार की नियुक्ति का खेल फिर शुरू, चयन के बाद विज्ञापन रद्द
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मार्च में शुरू हुई प्रक्रिया और इंटरव्यू के बाद 17 अक्तूबर को पुराना विज्ञापन निरस्त, उसी दिन नए सिरे से मांगे आवेदन
प्रशासन ने बताया- फैसला लेने के पीछे हैं प्रशासनिक कारण
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पीजीआई में रजिस्ट्रार की नियुक्ति प्रक्रिया अचानक नए सिरे से शुरू होने से सवाल उठ रहे हैं। संस्थान ने मार्च में रजिस्ट्रार पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। सूत्रों के अनुसार इसके बाद इंटरव्यू सहित चयन से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद 17 अक्तूबर को पुराने विज्ञापन को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इसी दिन पद के लिए नया विज्ञापन भी जारी कर आवेदन मांगे गए। निदेशक के आदेश में पुराने विज्ञापन को रद्द करने के पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं लेकिन उनका विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
पीजीआई के निवर्तमान रजिस्ट्रार उन्मेद माथुर का डेपुटेशन कार्यकाल 6 सितंबर को पूरा हो चुका है। उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले ही मार्च में नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। चयन प्रक्रिया पूरी होने की चर्चा के बीच विज्ञापन रद्द होने से नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
मनपसंद अधिकारी नहीं मिलने की चर्चा
संस्थान में यह चर्चा भी है कि पसंद का अधिकारी नहीं मिलने के कारण पुराना विज्ञापन रद्द कर प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। प्रशासन ने विज्ञापन रद्द करने के लिए केवल प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है। फिलहाल सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. अरुण अग्रवाल को रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस मामले पर जानकारी लेने के लिए निदेशक प्रो. विवेक लाल, डीडीए पंकज राय और जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
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प्रशासन ने बताया- फैसला लेने के पीछे हैं प्रशासनिक कारण
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पीजीआई में रजिस्ट्रार की नियुक्ति प्रक्रिया अचानक नए सिरे से शुरू होने से सवाल उठ रहे हैं। संस्थान ने मार्च में रजिस्ट्रार पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। सूत्रों के अनुसार इसके बाद इंटरव्यू सहित चयन से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद 17 अक्तूबर को पुराने विज्ञापन को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इसी दिन पद के लिए नया विज्ञापन भी जारी कर आवेदन मांगे गए। निदेशक के आदेश में पुराने विज्ञापन को रद्द करने के पीछे प्रशासनिक कारण बताए गए हैं लेकिन उनका विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
पीजीआई के निवर्तमान रजिस्ट्रार उन्मेद माथुर का डेपुटेशन कार्यकाल 6 सितंबर को पूरा हो चुका है। उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले ही मार्च में नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। चयन प्रक्रिया पूरी होने की चर्चा के बीच विज्ञापन रद्द होने से नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
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मनपसंद अधिकारी नहीं मिलने की चर्चा
संस्थान में यह चर्चा भी है कि पसंद का अधिकारी नहीं मिलने के कारण पुराना विज्ञापन रद्द कर प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। प्रशासन ने विज्ञापन रद्द करने के लिए केवल प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया है। फिलहाल सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. अरुण अग्रवाल को रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस मामले पर जानकारी लेने के लिए निदेशक प्रो. विवेक लाल, डीडीए पंकज राय और जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
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