स्मार्ट सिटी योजना के तहत 100 करोड़ के टेंडर जारी, इस तरह होगा चंडीगढ़ का कायाकल्प
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चुनाव आचार संहिता खत्म होते ही प्रशासन ने शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत सोमवार को डंपिंग ग्राउंड सहित कई प्रोजेक्टों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए। इस संदर्भ में स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि करीब 100 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। इनका प्रकाशन दो दिन बाद होगा, जिसकी तैयारियां की जा रही हैं।
डंपिंग ग्राउंड को साफ करने के लिए 40 करोड़ का टेंडर
डड्डूमाजरा में लगभग 20 साल पुराना डंपिंग ग्राउंड हैं। यहां लगभग 5 लाख टन से ज्यादा कचरा जमा है। काफी प्रयासों के बावजूद नगर निगम डंपिंग ग्राउंड से अब तक इस कचरे को हटा नहीं सका। उसके बाद इसकी जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी लिमिटेड को सौंपी गई। अब स्मार्ट सिटी योजना के तहत डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड से कचरे का पहाड़ हटाने के लिए 40 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है।
आईसीसीसी प्रोजेक्ट के लिए 19 करोड़
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का प्रोजेक्ट अहम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, सर्विलांस कैमरा एवं ई-गवर्नेंस इत्यादि का प्रोजेक्ट शामिल है। योजना के तहत शहर में जगह-जगह कुल 943 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें मुख्य तौर पर गवर्नमेंट स्कूलों, हास्पिटल, कम्युनिटी सेंटर और 288 लोकेशन पर वॉटर वर्क्स और ट्यूबवेलों पर कैमरे लगेंगे।
स्मार्ट स्कूल के लिए 4.8 करोड़
शहर के चार स्कूलों को स्मार्ट स्कूल प्रोजेक्ट के तहत चुना गया है। सेक्टर-22 के सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-35 के हायर सेकेंडरी स्कूल और सीनियर सेकेंडरी स्कूल जबकि सेक्टर-43 के हायर सेकेंडरी स्कूल के 90 कमरों को स्मार्ट बनाने की तैयारी है। इसके तहत 4.8 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं।
मृत पशुओं के निस्तारण के लिए 4.99 करोड़
स्मार्ट सिटी योजना के तहत मृत पशुओं के शव के निस्तारण के लिए डड्डूमाजरा में एक एकड़ भूमि ली गई है। यहां मशीनों के माध्यम से मृत पशुओं का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत 4.99 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं।
पब्लिक बाइक शेयरिंग के लिए 20 करोड़
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में पांच हजार साइकिलें चलाई जाएंगी। 670 स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनेंगे। स्मार्ट कार्ड लेने वाले लोगों को 5 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से चार्ज किया जाएगा और जिनके पास कार्ड नहीं होगा उन्हें 10 रुपये देने होंगे। ऐप के माध्यम से ऑनलाइन साइकिल भी बुकिंग करा सकेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए 20 करोड़ के टेंडर जारी हुए हैं।
स्काडा सिस्टम के लिए 5 करोड़
शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए स्मार्ट सिटी पानी की पाइप लाइनों पर सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वेजिशन (स्काडा सिस्टम) लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत पाइपों में अंदर तीन स्थानों पर डिसॉल्ड ऑक्सीजन सेंसर, क्लोरीन सेंसर और प्रेशर सेंसर लगाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं।
एसयूई मैपिंग के लिए 5 करोड़
अब स्मार्ट सिटी सबसर्फेस यूटिलिटी इंजीनियरिंग (एसयूई मैपिंग) की टेक्निकल का उपयोग करने जा रही है। स्मार्ट सिटी जीएम के अनुसार जिस तरह अल्ट्रासाउंड से शरीर के अंदर के हर भाग की जानकारी मिल जाती है, उसी प्रकार मशीनों के माध्यम से पूरे शहर की मैपिंग की जा सकेगी। इसके लिए 5 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं।