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पंजाब कला भवन में गूंजा 'मैं चादर कडदी नी तोपे गिण-गिण पावां'
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:40 AM IST
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punjab kala bhawan
- फोटो : amar ujala
गांव-कस्बा हो या शहर त्योहारों की धूम हर जगह रहती है। गुरुवार को सिटी ब्यूटीफुल के सेक्टर 16 स्थित पंजाब कला भवन के ओपन एअर थिएटर में भी तीज उत्सव को लेकर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां पंजाब कला परिषद की और से तीआं तीज दियां त्योहार बड़े उत्साह और जोश से मनाया गया। फेस्टिवल में पंजाब के लोक गीत और लोक नृत्य गिद्दा पेश किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सिमरनजीत कौर ने मैं चादर कडदी नी तोपे गिण गिण पावां लोक गीत से की। इसके बाद लड़कों ने चरखा रौंदा वेखया मैं मुटियार बिना लोक गीत को ग्रुप में पेश किया। इन गीतों में कहीं भाई-बहन का प्यार झलक रहा था तो कहीं सास-बहू की नोक-झोंक और कहीं पिया से मिलन की कामना। लोक गीतों के बाद पंजाब का लोक नृत्य लुड्डी देखने को मिला। उसके बाद ओपन एयर थिएटर में मौजूद सभी महिलाओं ने गिद्दा पेश किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत सिमरनजीत कौर ने मैं चादर कडदी नी तोपे गिण गिण पावां लोक गीत से की। इसके बाद लड़कों ने चरखा रौंदा वेखया मैं मुटियार बिना लोक गीत को ग्रुप में पेश किया। इन गीतों में कहीं भाई-बहन का प्यार झलक रहा था तो कहीं सास-बहू की नोक-झोंक और कहीं पिया से मिलन की कामना। लोक गीतों के बाद पंजाब का लोक नृत्य लुड्डी देखने को मिला। उसके बाद ओपन एयर थिएटर में मौजूद सभी महिलाओं ने गिद्दा पेश किया।
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