पंजाब: स्कूलों में आप विधायकों के औचक निरीक्षण का विरोध, मास्टर काडर ने कहा- अध्यापकों को बदनाम न करें
मास्टर काडर का कहना है कि अगर राजनीतिक नुमाइंदों को छापे मारने हैं तो वह नशे के सौदागरों और अवैध खनन के अड्डों पर मारें। स्कूलों में न तो कोई अध्यापक नशा बेचता है और न ही अवैध खनन होता है।
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पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक अस्पतालों व सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करने में जुटे हैं। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के जिला प्रधान अतिंदरपाल घग्गा व सचिव हरविंदर रखड़ा का कहना है कि आप विधायकों को अपने समर्थकों व अन्य लोगों के साथ दबिश देकर स्कूलों में दहशत का माहौल नहीं बनाना चाहिए, बल्कि शिक्षा के माहौल को और बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए। साथ ही कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय को भीड़तंत्र जरिये प्रभावित करना गलत है।
डीटीएफ के ओहदेदारों रामशरण, अमनदीप देवीगढ़, जसपाल चौधरी और कुलदीप गोबिंदपुरा ने कहा कि पंजाब सरकार को पहले शिक्षा शास्त्रियों और अध्यापक संगठनों के साथ बैठक कर प्रदेश के शिक्षण ढांचे में कमियों के बारे जानकारी हासिल करनी चाहिए। उसके बाद पटरी से उतरे शिक्षा तंत्र में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लाइव होकर अध्यापकों को आरोपी साबित करने की मंशा किसी भी कीमत पर सही नहीं है। आगे कहा कि पंजाब की नई सरकार को कारपोरेट पक्षीय केंद्र की नई शिक्षा नीति 2020 रद्द कर प्रदेश की जरूरतों के अनुसार अपनी शिक्षा नीति तैयार करनी चाहिए। साथ ही छात्रों की वर्दी, किताबों व अन्य शिक्षण जरूरतें समय पर पूरी हों।
सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों पर भर्ती हो और अध्यापकों की गैर-शिक्षण ड्यूटी लगाने पर पाबंदी लगे। कच्चे अध्यापक नियमित हो और पुरानी पेंशन स्कीम बहाल हो और कंप्यूटर अध्यापकों की विभाग में रेगुलर शिफ्टिंग की जाए। इसके अलावा स्कूल प्रमुखों व क्लर्कों पर एक से ज्यादा स्कूलों का बोझ न डाला जाए। उनसे गैर-शिक्षण काम न लिया जाएं और स्कूल में सफाई सेवकों व फंडों की कमी को दूर किया जाए।
झूठी शोहरत की खातिर अध्यापकों को बदनाम न करें ‘आप’ विधायक: मास्टर काडर
पठानकोट में बुधवार को मास्टर काडर यूनियन की प्रदेश स्तरीय बैठक प्रदेश अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह रियाड़ की अध्यक्षता में की गई। इसमें पूर्व अध्यक्ष बलदेव सिंह बुट्टर, प्रदेश महासचिव बलजिंदर सिंह धालीवाल और प्रदेश वित्त सचिव रमन कुमार ने कहा कि पंजाब में सत्तासीन हुई आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों ने अपने वालंटियर और समर्थकों को साथ लेकर सरकारी स्कूलों में अराजकता फैलानी शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर झूठी शोहरत कमाने के चक्कर में विधायकों के स्कूली दौरे को दबिश का नाम दे रहे हैं। पार्टी के कुछ विधायक अध्यापकों को डरा धमका रहे हैं, जिससे प्रदेश भर के अध्यापकों में रोष की लहर है। यूनियन के फाउंडर सदस्य वाशिंगटन सिंह, हरबंस लाल, हरमंदर सिंह उप्पल ने बताया कि स्कूलों में चेकिंग की जाती है, दबिश नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक नुमाइंदों को छापे मारने हैं तो वह नशे के सौदागरों और अवैध खनन के अड्डों पर मारें। स्कूलों में न तो कोई अध्यापक नशा बेचता है और न ही अवैध खनन होता है। उन्होंने कहा कि विद्या के मंदिर को बदनाम न किया जाए। बच्चों के भविष्य को संवारने वाले अध्यापकों को जलील न करें, नहीं तो मास्टर काडर यूनियन ऐसे विधायकों के खिलाफ तीखा संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ ‘आप’ विधायकों और नेताओं ने दबिश जैसे शब्दों की निंदा की है। ऐसे नेताओं का वह स्वागत करते हैं। अगर आम आदमी पार्टी पंजाब में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाना चाहती है तो ‘पढ़ो पंजाब’ जैसे फिजूल प्रोजेक्ट को बंद करे।