{"_id":"5f76298e8ebc3e9be1055a9b","slug":"teachers-acted-warriors-during-kovid-ramesh-pokhriyal-chandigarh-news-pkl3896416123","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोविड के दौरान शिक्षकों ने योद्धाओं की तरह काम कियाः रमेश पोखरियाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोविड के दौरान शिक्षकों ने योद्धाओं की तरह काम कियाः रमेश पोखरियाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वीरवार को पीयू के मानव संसाधन विकास केंद्र (एचआरडीसी) का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान शिक्षकों ने दिन-रात योद्धाओं की तरह काम किया। शिक्षकों से कहा कि अपनी इस गति को कम न होने दें। शिक्षक देश का राष्ट्र निर्माता होते हैं। देश को आगे ले जाने में शिक्षक समाज का बड़ा योगदान है।
उन्होंने पीयू के साउथ कैंपस में केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि एचआरडीसी केंद्र आत्मनिर्भर भारत का आधार साबित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिस तरह बदलती प्रौद्योगिकी के कारण समाज और सामाजिक परिवेश दिन-प्रतिदिन बदल रहा है, हमें शिक्षण शिक्षा को भी गतिशील बनाना होगा’। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा प्रणाली में किए जा रहे मूलभूत परिवर्तनों के केंद्र में होना चाहिए। शिक्षा की नई नीति को हर स्तर पर शिक्षकों को समाज के सबसे सम्मानित और अपरिहार्य सदस्यों के रूप में पुन: स्थिति में लाने में मदद करनी चाहिए, क्योंकि शिक्षक ही वह होते हैं जो सही मायने में हमारी अगली पीढ़ी के नागरिकों को आकार देते हैं।
डॉ. पोखरियाल ने बताया कि एनईपी को पूरे देश में पूरे दिल से स्वीकार किया गया है और लगभग 8-10 देशों ने अपने शिक्षा मंत्री के साथ हमसे संपर्क किया है जो इसे अपने देशों में लागू करने की इच्छा दिखा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के साथ राष्ट्र एक शिक्षा शक्ति केंद्र के रूप में उभरेगा और मंत्रालय दुनियाभर के छात्रों को आकर्षित करने के लिए देशों की विरासत को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
विज्ञापन
पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने शिक्षा मंत्री का आभार जताया। साथ ही नई शिक्षा नीति की प्रशंसा की। डीयूआई प्रो. आरके सिंगला, डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर ने भी विचार रखे। प्रो. तोमर ने एचआरडीसी में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। इस दौरान पीयू के सामाजिक पहल वाली पुस्तक का भी विमोचन किया।
विज्ञापन
उन्होंने पीयू के साउथ कैंपस में केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि एचआरडीसी केंद्र आत्मनिर्भर भारत का आधार साबित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिस तरह बदलती प्रौद्योगिकी के कारण समाज और सामाजिक परिवेश दिन-प्रतिदिन बदल रहा है, हमें शिक्षण शिक्षा को भी गतिशील बनाना होगा’। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा प्रणाली में किए जा रहे मूलभूत परिवर्तनों के केंद्र में होना चाहिए। शिक्षा की नई नीति को हर स्तर पर शिक्षकों को समाज के सबसे सम्मानित और अपरिहार्य सदस्यों के रूप में पुन: स्थिति में लाने में मदद करनी चाहिए, क्योंकि शिक्षक ही वह होते हैं जो सही मायने में हमारी अगली पीढ़ी के नागरिकों को आकार देते हैं।
विज्ञापन
डॉ. पोखरियाल ने बताया कि एनईपी को पूरे देश में पूरे दिल से स्वीकार किया गया है और लगभग 8-10 देशों ने अपने शिक्षा मंत्री के साथ हमसे संपर्क किया है जो इसे अपने देशों में लागू करने की इच्छा दिखा रहे हैं। नई शिक्षा नीति के साथ राष्ट्र एक शिक्षा शक्ति केंद्र के रूप में उभरेगा और मंत्रालय दुनियाभर के छात्रों को आकर्षित करने के लिए देशों की विरासत को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
विज्ञापन
पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने शिक्षा मंत्री का आभार जताया। साथ ही नई शिक्षा नीति की प्रशंसा की। डीयूआई प्रो. आरके सिंगला, डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर ने भी विचार रखे। प्रो. तोमर ने एचआरडीसी में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। इस दौरान पीयू के सामाजिक पहल वाली पुस्तक का भी विमोचन किया।