स्वच्छता सर्वेक्षण 2019: नौवें पायदान पर पहुंचा हरियाणा, पंजाब ने भी मारी बाजी
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में हरियाणा के शहरी क्षेत्रों की रैंकिंग पहले की तुलना में सुधरी है। नगर पालिकाओं की संख्या में बढ़ोतरी और प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद हरियाणा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पूर्व सर्वेक्षण में राज्यों में दसवें स्थान पर रहा हरियाणा वर्तमान सर्वेक्षण में एक पायदान के सुधार के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गया है।
25 से 50 हजार आबादी वाले क्षेत्रों में उत्तर भारत में असंध ने स्वच्छता में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार जीता है। नगर निगम करनाल की रैंकिंग 41 में सुधरकर 24, नगर निगम रोहतक की रैंकिंग 89 से सुधरकर 69, नगर निगम पंचकूला की रैंकिंग 142 में बेहतर होकर 71 और गुरुग्राम नगर निगम की रैंकिंग 105 से सुधरकर 83 हो गई है।
बीते साल सर्वेक्षण में 100 स्वच्छ शहरों में हरियाणा के दो निगमों को स्थान मिला था। जबकि इस बार चार निगम शामिल हुए हैं। नगर निगम अंबाला की रैंकिंग 159 से 146, नगर निगम पानीपत की रैंकिंग 255 से 188, नगर निगम यमुनानगर की रैंकिंग 313 से 218 पर पहुंची है।
सफाई में बेस्ट परफॉर्मिंग सूबा बना पंजाब
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में पंजाब को सफाई के मामले में देश का बेस्ट परफॉर्मिंग सूबा चुना गया है। इस वर्ष सर्वेक्षण में सूबे की रैंकिंग में सुधार हुआ है, यह नौवें से सातवें स्थान पर पहुंच गया है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसके लिए वाटर सप्लाई व सैनिटेशन विभाग को बधाई दी। 37.48 फीसदी शहरी आबादी वाले पंजाब को सर्वश्रेष्ठ बनाने में कई कारकों ने भूमिका निभाई।
अटल मिशन के तहत चुने गए 16 अमृत शहरों में 62 फीसदी को पेयजल और 88 प्रतिशत लोगों को सीवरेज सुविधा उपलब्ध है। 150 निकाय ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) हो चुके हैं और दो जल्द होने वाले हैं। यही नहीं 150 निकायों में रहने वाले 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर साफ टॉयलेट उपलब्ध है।
एक लाख से ज्यादा आबादी वाले 16 निकायों के घरेलू शौचालयों में पानी उपलब्ध था। इन्होंने एसबीएम टॉयलेट को गूगल मैप पर अपलोड कर रखा था। 70 फीसदी निकायों ने 25 वर्करों वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स पर शौचालय बनाए थे।
पहली बार टॉप-100 में आए दो शहर
जब से सफाई सर्वेक्षण शुरू हुआ है पंजाब के दो शहर पहली बार टॉप 100 में आए हैं। एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बठिंडा 31वें और पटियाला 72वें स्थान पर रहे। पिछले साल सबसे ऊपर बठिंडा 104वें स्थान पर था तो मोहाली 109, पटियाला 183 और बटाला 438 पर रहा था। वहीं, एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में नवांशहर को नंबर वन क्लीनेस्ट सिटी चुना गया है।
नॉर्थ जोन में चमका पंजाब
नॉर्थ जोन में पंजाब का जलवा रहा है। इस बार भी वह पहले स्थान पर रहा। यहां से टॉप 100 निकायों में सूबे के 32 निकाय हैं। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में नवांशहर को सबसे साफ, दिड़बा, संगरूर को फास्टेस्ट मूवर चुना गया।
50 हजार से एक लाख आबादी में खरड़ को सिटीजन फीडबैक और रोपड़ को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मामले में सर्वश्रेष्ठ चुना गया। 25-50 हजार आबादी में जीरा, फिरोजपुर को सिटीजंस फीडबैक के मामले में बेस्ट चुना गया। 25 हजार से कम आबादी वालों में भोगपुर को सिटीजंस फीडबैक और भाई रूपा (रामपुरा फूल) को इनोवेशंस और बेस्ट प्रैक्टिस में सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
दो कैंट को अवार्ड
सर्वेक्षण पंजाब के दो कैंटोनमेंट को भी अवार्ड मिला है। जालंधर को फास्टेस्ट मूविंग और अमृतसर को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ चुना गया। देश के टॉप 20 कैंट में अमृतसर सातवें, जालंधर 12वें और फिरोजपुर 15वें स्थान पर रहे।
500 की फौज ने बदली तस्वीर
पिछले साल तक सफाई सर्वेक्षण में पंजाब की स्थिति खास अच्छी नहीं थी। स्थानीय निकाय विभाग ने एक साल पहले 500 लोगों को बतौर कम्युनिटी फेसिलिटेटर व मोटिवेटर नियुक्त किया जिन्होंने घर, स्कूल, दुकान, संस्थान, हर जगह जाकर लोगों को जागरूक किया। इससे सूबे की तस्वीर बदली।