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सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी की बैठक आज, उठेगा नीड बेस चेंज का मुद्दा
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चंडीगढ़। कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1952 में संशोधन के प्रस्ताव के बाद शहर में नीड बेस्ड चेंज (जरूरत के अनुसार किए गए बदलाव) को नियमित करने की मांग तेज हो गई है। व्यापारियों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एस्टेट ऑफिस की कमेटी में भी ये मुद्दा उठेगा। वीरवार को होने जा रही है इस बैठक की अध्यक्षता सांसद किरण खेर करेंगी।
बता दें बीते दिनों डीसी विनय प्रताप सिंह के साथ उद्योगपतियो और व्यापारियों की हुई बैठक में भी नीड बेस चेंज का मुद्दा छाया रहा। इसके बाद डीसी ने कहा था कि सभी लोग सांसद खेर को इस संबंध में अपने सुझाव दें ताकि कमेटी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया जा सके। सभी संगठनों ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं। व्यापारियों ने कहा कि चंडीगढ़ को बने हुए 70 साल हो चुके हैं। इस दौरान कई पीढ़ियां आ चुकी हैं। कई तरह के बदलाव हो चुके हैं इसलिए नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी दी जानी चाहिए। अगर प्रशासन ऐसा करता है तो शहर के हजारों लोगों की कई तरह की समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी। नीड बेस्ड चेंज को लागू करने के बाद भवन नियमों के उल्लंघन व दुरुपयोग को देखना चाहिए। अब सांसद खेर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बता दें कि एस्टेट ऑफिस की सभी सेवाओं को आसान बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस कमेटी का गठन किया गया है। 11 सदस्यीय इस समिति में अध्यक्ष सांसद किरण खेर व सदस्यों में चंडीगढ़ की मेयर सरबजीत कौर, डीसी विनय प्रताप सिंह, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल, सीएचबी के सचिव आरके पोपली, असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर, नगर निगम एस्टेट ऑफिसर, फाइनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद शामिल हैं।
भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों में राहत दिए जाने की मांग
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने आवश्यकता अनुसार बदलाव व भवन नियमों के उल्लंघन आदि के मामलों में व्यापारियों को राहत दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन में व्यावसायिक संपत्तियों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने, बूथों के ऊपर अतिरिक्त मंजिल बनाए जाने की मंजूरी दिए जाने, अलॉटमेंट वाली संपत्ति से अनअर्जित लाभ को समाप्त करने, बिल्डिंग बायलॉज को सरल बनाने, एफएआर बढ़ाने, कमर्शियल प्लॉट का अधिकतम इस्तेमाल किए जाने के उद्देश्य से सभी फ्लोर पर सेल और डिस्प्ले की अनुमति दिए जाने जाने की मांग है। इसके अलावा कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 में संशोधन न किए जाने की मांग की है। इसमें कहा है कि नीड बेस चेंज के बारे में जब तक कोई ठोस फैसला नहीं होता तब तक चंडीगढ़ एस्टेट रूल्स के तहत दिए गए सभी नोटिसों को वापस लिया जाए।
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बता दें बीते दिनों डीसी विनय प्रताप सिंह के साथ उद्योगपतियो और व्यापारियों की हुई बैठक में भी नीड बेस चेंज का मुद्दा छाया रहा। इसके बाद डीसी ने कहा था कि सभी लोग सांसद खेर को इस संबंध में अपने सुझाव दें ताकि कमेटी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया जा सके। सभी संगठनों ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं। व्यापारियों ने कहा कि चंडीगढ़ को बने हुए 70 साल हो चुके हैं। इस दौरान कई पीढ़ियां आ चुकी हैं। कई तरह के बदलाव हो चुके हैं इसलिए नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी दी जानी चाहिए। अगर प्रशासन ऐसा करता है तो शहर के हजारों लोगों की कई तरह की समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी। नीड बेस्ड चेंज को लागू करने के बाद भवन नियमों के उल्लंघन व दुरुपयोग को देखना चाहिए। अब सांसद खेर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बता दें कि एस्टेट ऑफिस की सभी सेवाओं को आसान बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस कमेटी का गठन किया गया है। 11 सदस्यीय इस समिति में अध्यक्ष सांसद किरण खेर व सदस्यों में चंडीगढ़ की मेयर सरबजीत कौर, डीसी विनय प्रताप सिंह, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल, सीएचबी के सचिव आरके पोपली, असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर, नगर निगम एस्टेट ऑफिसर, फाइनेंस एंड प्लानिंग ऑफिसर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद शामिल हैं।
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भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों में राहत दिए जाने की मांग
उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने आवश्यकता अनुसार बदलाव व भवन नियमों के उल्लंघन आदि के मामलों में व्यापारियों को राहत दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन में व्यावसायिक संपत्तियों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने, बूथों के ऊपर अतिरिक्त मंजिल बनाए जाने की मंजूरी दिए जाने, अलॉटमेंट वाली संपत्ति से अनअर्जित लाभ को समाप्त करने, बिल्डिंग बायलॉज को सरल बनाने, एफएआर बढ़ाने, कमर्शियल प्लॉट का अधिकतम इस्तेमाल किए जाने के उद्देश्य से सभी फ्लोर पर सेल और डिस्प्ले की अनुमति दिए जाने जाने की मांग है। इसके अलावा कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1952 में संशोधन न किए जाने की मांग की है। इसमें कहा है कि नीड बेस चेंज के बारे में जब तक कोई ठोस फैसला नहीं होता तब तक चंडीगढ़ एस्टेट रूल्स के तहत दिए गए सभी नोटिसों को वापस लिया जाए।
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