{"_id":"666e5ab5c2524c8f530f5527","slug":"supporters-of-amritpal-who-is-lodged-in-dibrugarh-jail-reached-out-to-meet-the-president-2024-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के समर्थक राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे, जेल से रिहाई देने की मांग उठाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के समर्थक राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे, जेल से रिहाई देने की मांग उठाई
Sun, 16 Jun 2024 08:53 AM IST
नवीन दलाल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 16 Jun 2024 08:53 AM IST
सार
अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब से पंजाब में सबसे ज्यादा मतों के साथ लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है। अब अमृतपाल सिंह के समर्थक शनिवार को राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली पहुंचे और जेल से रिहाई देने की मांग की, ताकि वह बतौर सांसद के रूप में शपथ ले सकें।
विज्ञापन
अमृतपाल सिंह
- फोटो : फाइल
विस्तार
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद ''वारिस पंजाब दे'' के प्रमुख अमृतपाल सिंह के समर्थक शनिवार को राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली पहुंचे। शिरोमणि अकाली दल फतेह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अमृतपाल को जेल से रिहाई देने की मांग की, ताकि वह बतौर सांसद के रूप में शपथ ले सकें और संसदीय प्रक्रिया में शामिल हो सकें। इस पर राष्ट्रपति ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले में न्यायपूवर्क उचित कदम उठाया जाएगा।
विज्ञापन
राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने इस संदर्भ में उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा है। शिरोमणि अकाली दल फतेह के अध्यक्ष जसकरण सिंह काहन सिंह वाला ने कहा कि अमृतपाल पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत केस चल रहा है। यह केस पहले राज्य सरकार चलाती है, उसके बाद केंद्र सरकार इसे आगे बढ़ाती है। दोनों सरकारों की मिलीभगत से अमृतपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जसकरण सिंह ने कहा कि अगर सरकार उन्हें शपथ ग्रहण के लिए समय नहीं देती है, तो हम संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे।
विज्ञापन
बता दें अमृतपाल सिंह ने खडूर साहिब से प्रदेश में सबसे ज्यादा मतों के साथ लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है। वह डिब्रूगढ़ जेल में एनएसए के तहत बंद है। बीते दिनों अमृतपाल की मां और पत्नी ने असम की जेल में उससे मुलाकात की थी। अमृतपाल के वकील ने जेल प्रबंधन और पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखकर रिहाई के लिए पत्र लिखा था, ताकि अमृतपाल बतौर सांसद रूप में शपथ ले सके।
विज्ञापन