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पंजाब 'आप' में घमासान जारी, हाईकमान के फैसले को सुखपाल खैरा ने बताया गैर लोकतांत्रिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 Jul 2018 10:03 AM IST
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प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए सुखपाल सिंह खैरा
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आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में हाईकमान के खिलाफ बगावत के सुर बुलंद हो गए हैं। गुरूवार को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाए गए सुखपाल खैरा ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि वह चुपचाप इसे बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। उल्टे, आठ विधायकों का समर्थन जुटा कर उन्होंने हाईकमान पर दबाव बनाने की तैयारी कर ली है। हालांकि अलग पार्टी बनाने के लिए उन्हें कम से कम 14 विधायकों की जरूरत पड़ेगी।
सभी आठ समर्थक विधायकों के साथ खैरा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी हाईकमान के फैसले को गैर लोकतांत्रिक बताया। आठों विधायकों ने पार्टी प्रधान अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया को पत्र लिख कर मांग की है कि इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए। साथ ही खैरा गुट ने दो अगस्त को बठिंडा में वालंटियर्स कांफ्रेंस करने का एलान करके हाईकमान को सीधे चुनौती दे दी है। पूरे पंजाब के नेताओं और वालंटियर्स को इसमें शामिल होने के लिए कहा गया है।
खैरा की प्रेस कांफ्रेंस में कंवर संधू, निर्मल सिंह मानशाइयां, पिरमल सिंह, जगदेव कमालू, रूपिंदर रूबी, मास्टर बलदेव सिंह, जय किशन रोड़ी, जगतार सिंह मौजूद थे। पिछले दिनों इस्तीफा देने वाले करनवीर टिवाणा समेत कई नेता भी वहां पहुंच गए। खैरा ने कहा कि उनको पद से हटाना बिल्कुल गैर लोकतांत्रिक था, इसमें प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया। सिर्फ एक ट्वीट के जरिये उन्हें हटाने की घोषणा कर दी गई। न कोई मीटिंग हुई और न ही उन्हें कोई नोटिस दिया गया।
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खैरा ने कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे, लेकिन गलत बातों का विरोध करते रहेंगे। जितनी ईमानदारी और लगन से वह काम कर रहे थे, उसकी सजा दी गई है। लेकिन वह और सरगर्मी से पार्टी में काम करते रहेंगे। जानकारी के मुताबिक पहले खैरा के निजी आवास पर विधायकों की बैठक हुई। जिसमें सभी पहलुओं पर विचार किया गया। जिसके बाद यह स्टैंड लिया गया।
बाकी विधायकों से की साथ आने की अपील
प्रेस कांफ्रेंस के बाद खैरा ने फेसबुक पर लाइव होकर बाकी विधायकों से भी साथ आने की अपील की। विधायकों और अन्य नेताओं से साथ खैरा ने अपने समर्थकों से कहा कि पंजाब के मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी, ओहदा महत्वपूर्ण नहीं है। कुछ लोग उनके और दिल्ली के बीच टकराव पैदा करने की साजिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि पंजाब के लोगों को 2022 में तीसरा विकल्प दें। जो विधायक नहीं आए, उनकी कुछ मजबूरी होगी। उनसे अपील है कि इकट्ठे होकर चलें। लोगों की भावनाएं समझें। जब भी किसी विधायक से कोई विवाद हुआ, मैंने पीछे छोड़ दिया, गुंडा टैक्स हो या माइनिंग विवाद, हमेशा साथ दिया।
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सभी आठ समर्थक विधायकों के साथ खैरा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी हाईकमान के फैसले को गैर लोकतांत्रिक बताया। आठों विधायकों ने पार्टी प्रधान अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया को पत्र लिख कर मांग की है कि इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए। साथ ही खैरा गुट ने दो अगस्त को बठिंडा में वालंटियर्स कांफ्रेंस करने का एलान करके हाईकमान को सीधे चुनौती दे दी है। पूरे पंजाब के नेताओं और वालंटियर्स को इसमें शामिल होने के लिए कहा गया है।
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खैरा की प्रेस कांफ्रेंस में कंवर संधू, निर्मल सिंह मानशाइयां, पिरमल सिंह, जगदेव कमालू, रूपिंदर रूबी, मास्टर बलदेव सिंह, जय किशन रोड़ी, जगतार सिंह मौजूद थे। पिछले दिनों इस्तीफा देने वाले करनवीर टिवाणा समेत कई नेता भी वहां पहुंच गए। खैरा ने कहा कि उनको पद से हटाना बिल्कुल गैर लोकतांत्रिक था, इसमें प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया। सिर्फ एक ट्वीट के जरिये उन्हें हटाने की घोषणा कर दी गई। न कोई मीटिंग हुई और न ही उन्हें कोई नोटिस दिया गया।
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खैरा ने कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ेंगे, लेकिन गलत बातों का विरोध करते रहेंगे। जितनी ईमानदारी और लगन से वह काम कर रहे थे, उसकी सजा दी गई है। लेकिन वह और सरगर्मी से पार्टी में काम करते रहेंगे। जानकारी के मुताबिक पहले खैरा के निजी आवास पर विधायकों की बैठक हुई। जिसमें सभी पहलुओं पर विचार किया गया। जिसके बाद यह स्टैंड लिया गया।
बाकी विधायकों से की साथ आने की अपील
प्रेस कांफ्रेंस के बाद खैरा ने फेसबुक पर लाइव होकर बाकी विधायकों से भी साथ आने की अपील की। विधायकों और अन्य नेताओं से साथ खैरा ने अपने समर्थकों से कहा कि पंजाब के मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी, ओहदा महत्वपूर्ण नहीं है। कुछ लोग उनके और दिल्ली के बीच टकराव पैदा करने की साजिश कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि पंजाब के लोगों को 2022 में तीसरा विकल्प दें। जो विधायक नहीं आए, उनकी कुछ मजबूरी होगी। उनसे अपील है कि इकट्ठे होकर चलें। लोगों की भावनाएं समझें। जब भी किसी विधायक से कोई विवाद हुआ, मैंने पीछे छोड़ दिया, गुंडा टैक्स हो या माइनिंग विवाद, हमेशा साथ दिया।