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सुखपाल खैरा ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- राम रहीम के खिलाफ केस सुखबीर बादल ने खत्म कराया
Mon, 29 Jul 2019 01:11 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 29 Jul 2019 01:11 PM IST
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सुखपाल खैरा
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाबी एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा ने आरोप लगाया है कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ केस को तहस-नहस करने के पीछे सुखबीर बादल की भूमिका थी। एसआईटी द्वारा पेश किए गए चालान से यह बात साबित होती है। खैरा ने कहा कि सुखबीर आज सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। लेकिन उन्होंने ही 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले डेरा प्रमुख के खिलाफ बेअदबी के केस को खत्म करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।
एसआईटी के चालान के मुताबिक 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पांच दिन पहले गृहमंत्री सुखबीर ने डेरा प्रमुख के खिलाफ बठिंडा कोतवाली में दर्ज केस कैंसल करवाया था। यह केस डेरा प्रमुख द्वारा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी जैसे कपड़े पहनने को लेकर दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस प्रमुख का तबादला कर उनके स्थान पर एक जूनियर अफसर आरके जायसवाल की तैनाती के पीछे भी सुखबीर, तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी और डेरा के लोगों का हाथ था।
पूर्व एसपी तरलोचन सिंह ने एसआईटी को बताया है कि डेरा प्रमुख का माफीनामा उसने ड्राफ्ट किया था। जिस पर उनके दस्तखत लेकर उसे अमृतसर ले जाया गया। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने उसे मानने से इंकार कर दिया।
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एसआईटी के चालान के मुताबिक 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पांच दिन पहले गृहमंत्री सुखबीर ने डेरा प्रमुख के खिलाफ बठिंडा कोतवाली में दर्ज केस कैंसल करवाया था। यह केस डेरा प्रमुख द्वारा श्री गुरु गोबिंद सिंह जी जैसे कपड़े पहनने को लेकर दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस प्रमुख का तबादला कर उनके स्थान पर एक जूनियर अफसर आरके जायसवाल की तैनाती के पीछे भी सुखबीर, तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी और डेरा के लोगों का हाथ था।
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पूर्व एसपी तरलोचन सिंह ने एसआईटी को बताया है कि डेरा प्रमुख का माफीनामा उसने ड्राफ्ट किया था। जिस पर उनके दस्तखत लेकर उसे अमृतसर ले जाया गया। लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने उसे मानने से इंकार कर दिया।
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