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सुखना लेक पर दिल को सुकून
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Oct 2013 09:06 PM IST
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सिटी ब्यूटीफुल अर्थात चंडीगढ़ के उत्तर पूर्व में स्थित है सुखना लेक यह मानव निर्मित कृत्रिम झीलों में से एक है। इसे लवर प्वाइंट भी कहा जाता है। इसका निर्माण चंडीगढ़ के वास्तुकार ली कॉबूजिए और उनके दल ने नियोजित किया था।
रॉक गार्डन के पास मानव निर्मित सुखना झील तीन वर्ग किमी के क्षेत्र में फैली हुई है। हिमालय की तराइयों में इसे कृत्रिम रूप से बनाया गया है।
1958 में इसे बारिश के पानी को एकत्रित करके बनाया गया था। हिमालय की शिवालिक हिल्स से इसमें बारह महीने पानी आता रहता है।
यह झील विदेशी पक्षियों का भी ठिकाना है। झील में बोटिंग का आनंद लेते समय दूर-दूर फैले पहाड़ियों के सुंदर नजारों के साथ-साथ सूर्यास्त के नजारे भी यहां से बड़े मनमोहक दिखाई देते हैं।
इस झील का प्राकृतिक सौंदर्य बड़ी संख्या में पैदल चलने वालों, फोटोग्राफरों और पेंटरों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
सुखना झील में एशियन रोइंग चैंपियनशिप का भी आयोजन किया जाता था। एशिया के सबसे लंबे रोइंग और याटिंग चैनल के रूप में भी इस झील की प्रसिद्धि है।
यह झील स्कीइंग, सर्फिंग और स्कलिंग जैसे अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए भी काफी लोकप्रिय है।
नवंबर से फरवरी माह तक ठंड के दौरान यहां प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इससे यह बर्डवाचिंग के लिए भी एक आदर्श स्थान बन जाता है।
झील के निर्मल वातावरण में आप पिकनिक, बोटिंग और मेडिटेशन के लिए जा सकते हैं।
क्यों देखें : मानव निर्मित कृत्रिम झील, विदेशी पक्षियों का ठिकाना, बोटिंग का आनंद, पहाड़ियों का सुंदर नजारा, सूर्य उदय और सूर्यास्त के नजारे, स्कीइंग, सर्फिंग और स्कलिंग जैसे अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए, बर्डवाचिंग और मेडिटेशन के लिए
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रॉक गार्डन के पास मानव निर्मित सुखना झील तीन वर्ग किमी के क्षेत्र में फैली हुई है। हिमालय की तराइयों में इसे कृत्रिम रूप से बनाया गया है।
1958 में इसे बारिश के पानी को एकत्रित करके बनाया गया था। हिमालय की शिवालिक हिल्स से इसमें बारह महीने पानी आता रहता है।
यह झील विदेशी पक्षियों का भी ठिकाना है। झील में बोटिंग का आनंद लेते समय दूर-दूर फैले पहाड़ियों के सुंदर नजारों के साथ-साथ सूर्यास्त के नजारे भी यहां से बड़े मनमोहक दिखाई देते हैं।
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इस झील का प्राकृतिक सौंदर्य बड़ी संख्या में पैदल चलने वालों, फोटोग्राफरों और पेंटरों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
सुखना झील में एशियन रोइंग चैंपियनशिप का भी आयोजन किया जाता था। एशिया के सबसे लंबे रोइंग और याटिंग चैनल के रूप में भी इस झील की प्रसिद्धि है।
यह झील स्कीइंग, सर्फिंग और स्कलिंग जैसे अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए भी काफी लोकप्रिय है।
नवंबर से फरवरी माह तक ठंड के दौरान यहां प्रवासी पक्षियों को देखा जा सकता है। इससे यह बर्डवाचिंग के लिए भी एक आदर्श स्थान बन जाता है।
झील के निर्मल वातावरण में आप पिकनिक, बोटिंग और मेडिटेशन के लिए जा सकते हैं।
क्यों देखें : मानव निर्मित कृत्रिम झील, विदेशी पक्षियों का ठिकाना, बोटिंग का आनंद, पहाड़ियों का सुंदर नजारा, सूर्य उदय और सूर्यास्त के नजारे, स्कीइंग, सर्फिंग और स्कलिंग जैसे अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए, बर्डवाचिंग और मेडिटेशन के लिए