फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sukhdev Singh Dhindsa said, Sukhbir Badal became party president non-democratic way

ढींढसा बोले- गैर लोकतांत्रिक ढंग से अध्यक्ष बने सुखबीर, पटियाला रैली में नहीं जाएंगे परमिंदर

Wed, 18 Dec 2019 06:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर) Published by: ajay kumar Updated Wed, 18 Dec 2019 06:40 PM IST
विज्ञापन
Sukhdev Singh Dhindsa said,  Sukhbir Badal became party president non-democratic way
सुखदेव सिंह ढींढसा

संगरूर में अपने निवास स्थान पर पहुंचे कार्यकर्ताओं का जोश देखकर राज्यसभा सदस्य व अकाली दल के दिग्गज नेता रहे सुखदेव सिंह ढींढसा की बांछें खिल गईं। समर्थकों के नारों की गूंज, ढींढसा को सियासी खुराक देती प्रतीत हुई।

विज्ञापन


उपस्थित नेताओं ने ढींढसा का समर्थन करते हुए अपने पदों से त्यागपत्र देने की पेशकश की। हालांकि ढींढसा ने ऐसा नहीं करने की अपील करते स्पष्ट किया कि भविष्य में वह किसी तरह का चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन पंजाब व अकाली दल को मजबूत करने के लिए उनकी जद्दोजहद जारी रहेगी। 
विज्ञापन


बुधवार को समर्थकों को संबोधित करते ढींढसा ने कहा कि आज भी अकाली दल का प्राथमिक सदस्य हूं। पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा के सुर से सुर मिलाते हुए उन्होंने अकाली दल में भारी संख्या में पदाधिकारियों की नियुक्तियां करने पर सवाल उठाए और सवाल किया क्या किसी पदाधिकारी के पास फैसले लेने की अधिकार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां तक कि उन्होंने पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया पर भी अंगुली उठाते हुए उसे गैर लोकतांत्रिक बताया। ढींढसा ने कहा कि पंजाब के कई जिलों में डेलिगेटस को चुना ही नहीं गया। ढींढसा ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार की दूसरी पारी में सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी के सभी सिद्धांतों को दरकिनार कर दिया। 

जनता के भीतर से अकाली दल के प्रति भरोसा टूट गया है और पार्टी बुरी तरह से विधानसभा चुनाव हार गई। बावजूद इसके सुखबीर बादल ने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र नहीं दिया। उस भरोसे को दोबारा से कायम करके पार्टी व पंजाब को बचाने की कोशिश जारी रहेगी। 

कांग्रेस सरकार ने पंजाब को बर्बादी की तरफ धकेल दिया है। जनता ने निजी तौर पर उन्हें फर्श से अर्श पर पहुंचाया और उनकी भावना है कि पंजाब व पार्टी के हित में काम किया जाए। पार्टी को उन्हीं उद्देश्यों से जोड़ने की इच्छा है जिस उद्देश्य से अकाली दल को पैदा किया गया था।

अकाली दल, इस मौके पर अमनवीर सिंह चैरी, एसजीपीसी सदस्य मनजीत सिंह, हरदेव सिंह रोगला व जयपाल सिंह, पूर्व डीजीपी इजहार आलम, अजीत सिंह चंदूराइयां, सतवंत सिंह सराओ, सुनीता शर्मा, परमजीत कौर विर्क समेत भारी संख्या में पदाधिकारी हाजिर रहे।

‘सुखबीर बादल की पटियाला रैली में नहीं जाएंगे परमिंदर’

पटियाला में सुखबीर सिंह बादल के सम्मान में 20 दिसंबर को होने वाली रैली में पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा के शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाते हुए उनके पिता व राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि परमिंदर उस रैली में नहीं जाएंगे और वह उनके साथ ही रहेंगे। 

उन्होंने कहा कि अकाली दल की साख गिरने के जिम्मेदार सुखबीर बादल ही हैं और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद तो लोगों का गुस्सा ज्यादा बढ़ गया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी सियासी संरक्षण से मुक्त होनी चाहिए और श्री अकाल तख्त की मर्यादा कायम रहनी चाहिए। अगले एक वर्ष के समागम की घोषणा जल्द होगी। अकाली दल की परंपराओं पर पहरा देते हुए धार्मिक व सियासी चुनाव को अलग रखा जाएगा। 

उन्होंने कहा अकाली दल से नाराज होकर सैकड़ों नेता घरों में बैठे हैं, जिनसे संपर्क किया जा रहा है, वह अपना दर्द बया कर रहे हैं। जल्द ऐसे नेता सामने आएंगे। बुधवार की बैठक में जिले के हलका प्रभारियों के नहीं आने के संबंध में ढींढसा ने कहा कि उन्हें जनता की ताकत की जरूरत है। राज्यसभा सदस्यता नहीं छोड़ने पर उन्होंने कहा कि बीबी राजिंदर कौर भट्ठल यह पद हासिल करना चाहती हैं। उनके लिए वह यह पद नहीं छोड़ेंगे। अकाली दल के किसी नेता को यह पद मिलता तो वह यह पद भी त्याग देते। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed