{"_id":"5d7405448ebc3e01376a84ed","slug":"students-make-model-to-save-electricuty-monitoring-by-mobile-app-chandigarh-news-pkl34994121","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बचाने को स्टूडेंट ने बनाया मॉडल, मोबाइल एप से कर सकेंगे मॉनिटरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बचाने को स्टूडेंट ने बनाया मॉडल, मोबाइल एप से कर सकेंगे मॉनिटरिंग
विज्ञापन
चंडीगढ़। बिजली बचाने के लिए अब युवा भी नए नए प्रयोग शुरू कर रहे हैं। इंजीनियरिंग भवन में इलेक्ट्रिक एंड कम्यूनिकेशन व रिन्यूअल एनर्जी विजन-2040 पर आयोजित इंटरनेशन कॉन्फ्रेंस में शनिवार को चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकभनानॉली के तीन विद्यार्थियों ने एक मॉडल प्रस्तुत किया। इस मॉडल के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि कैसे मोबाइल के माध्यम से बिजली के अपव्यय को रोका जा सकता है। इससे लोगों के बिजली बिल की भी बचत होगी। इसका खर्च मात्र 2 हजार रुपए है। बच्चों का मॉडल देख देश भर से जुटे विशेषज्ञों ने काफी सराहना की।
चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकभनानॉली में इलेक्ट्रिक एंड कम्यूनिकेशन ब्रांच के तृतीय वर्ष की छात्रा गौरी खन्ना, छात्र आकाश त्यागी और गुनप्रीत सिंह ने एक मॉडल तैयार किया है। इसके लिए विद्यार्थियों ने ब्लिंग एप और आईएफटीटीटी (इफदिसदेटदेन) एप तैयार किया है। एप को मोबाइल में डाउनलोड करने केबाद घर के उपकरण सीधे मोबाइल से जुड जाएंगे। यदि गलती से लोग घर की लाइट जलती हुई छोड़ देंगे तो मोबाइल के माध्यम से कहीं से भी बंद कर सकते हैं। इसमें विद्यार्थियों ने नॉन एमसीयू एंड रिले मॉड्यूल हार्डवेयर का प्रयोग किया है। विद्यार्थियों ने बताया कि यह केवल एक कमरे का मॉडल है। जैसे जैसे घर का लोड बढ़ेगा मशीनरी की क्षमता बढ़ानी होगी। इस मॉडल के अनुसार एक कमरे की बल्ब, टीवी, एसी, पंखा, नाइट लैंप सहित सभी सजावटी बल्ब को भी आसानी से कहीं से भी बंद किया जा सकेगा। इस मॉडल में कॉलेज की प्रोफेसर डॉ शिल्पा जिंदल ने भी विद्यार्थियों का सहयोग किया।
अब हिंदी में भी उपलब्ध होगा एप
विद्यार्थियों ने बताया कि अब तक बड़ी कंपनियों ने जो मॉडल बनाए हैं वह लगभग 25 से 30 हजार रुपए के हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक ऐसा कोई मॉउल नहीं बना जो हिंदी में भी आपके अनुसार काम कर सके। इस मॉडल में गूगल में जितनी भाषाएं हैं सभी को एक्सेप्ट करने की क्षमता है। इसलिए भारतीय लोगों के हिसाब से सबसे बेहतर मॉडल है।
विज्ञापन
अगले चरण में मोबाइल पर आएगा मैसेज
विद्यार्थियों ने बताया कि अगले चरण में इस मॉडल को अपडेट करेंगे। जिसमें दरवाजा बंद होते ही कमरे के सभी उपकरण बंद हो जाएंगे। यदि कोई उपकरण खुला रह जाता है तो उसका मैसेज मोबाइल पर आएगा। वहीं यदि किसी उपकरण को चालू करना है तो उसे भी मोबाइल से ही एक्टिव किया जा सकेगा। इसमें गैसे सहित अन्य उपकरणों को भी जोड़ेंगे। ताकि फायर सेफ्टी के हिसाब से भी यह उपयुक्त हो सके।
8 इंटरनेशन डेलीगेट्स ने प्रस्तुत किए रिसर्च पेपर
इंजीनियरिंग भवन में इलेक्ट्रिक एंड कम्यूनिकेशन व रिन्यूअल एनर्जी विजन-2040 पर आयोजित इंटरनेशन कॉन्फ्रेंस में देशभर से कई विशेषज्ञ शामिल होने पहुंचे थे। इंस्टीट्यृट ऑफ इंजीनियर्स, पंजाब एंड चंडीगढ़ स्टेट सेंटर की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन केचेयरमैन डॉ केके अग्रवाल ने किया। इस मौके पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स केनेशनल चेयरमैन डॉ गुनराजा व हिमाचल प्रदेश लोड डिस्पेच अथॉरिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील ग्रोवर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। दो दिवसीय सेमीनार के पहले दिन विशेषज्ञों के 6 टेकिभनकल सेशन हुए जिसमें बिजली बचाने और एनर्जी सेव करने केबारे में जानकारी दी। वहीं 8 इंटरनेशल डेलीगेट्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेकभनानॉली में इलेक्ट्रिक एंड कम्यूनिकेशन ब्रांच के तृतीय वर्ष की छात्रा गौरी खन्ना, छात्र आकाश त्यागी और गुनप्रीत सिंह ने एक मॉडल तैयार किया है। इसके लिए विद्यार्थियों ने ब्लिंग एप और आईएफटीटीटी (इफदिसदेटदेन) एप तैयार किया है। एप को मोबाइल में डाउनलोड करने केबाद घर के उपकरण सीधे मोबाइल से जुड जाएंगे। यदि गलती से लोग घर की लाइट जलती हुई छोड़ देंगे तो मोबाइल के माध्यम से कहीं से भी बंद कर सकते हैं। इसमें विद्यार्थियों ने नॉन एमसीयू एंड रिले मॉड्यूल हार्डवेयर का प्रयोग किया है। विद्यार्थियों ने बताया कि यह केवल एक कमरे का मॉडल है। जैसे जैसे घर का लोड बढ़ेगा मशीनरी की क्षमता बढ़ानी होगी। इस मॉडल के अनुसार एक कमरे की बल्ब, टीवी, एसी, पंखा, नाइट लैंप सहित सभी सजावटी बल्ब को भी आसानी से कहीं से भी बंद किया जा सकेगा। इस मॉडल में कॉलेज की प्रोफेसर डॉ शिल्पा जिंदल ने भी विद्यार्थियों का सहयोग किया।
विज्ञापन
अब हिंदी में भी उपलब्ध होगा एप
विद्यार्थियों ने बताया कि अब तक बड़ी कंपनियों ने जो मॉडल बनाए हैं वह लगभग 25 से 30 हजार रुपए के हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक ऐसा कोई मॉउल नहीं बना जो हिंदी में भी आपके अनुसार काम कर सके। इस मॉडल में गूगल में जितनी भाषाएं हैं सभी को एक्सेप्ट करने की क्षमता है। इसलिए भारतीय लोगों के हिसाब से सबसे बेहतर मॉडल है।
विज्ञापन
अगले चरण में मोबाइल पर आएगा मैसेज
विद्यार्थियों ने बताया कि अगले चरण में इस मॉडल को अपडेट करेंगे। जिसमें दरवाजा बंद होते ही कमरे के सभी उपकरण बंद हो जाएंगे। यदि कोई उपकरण खुला रह जाता है तो उसका मैसेज मोबाइल पर आएगा। वहीं यदि किसी उपकरण को चालू करना है तो उसे भी मोबाइल से ही एक्टिव किया जा सकेगा। इसमें गैसे सहित अन्य उपकरणों को भी जोड़ेंगे। ताकि फायर सेफ्टी के हिसाब से भी यह उपयुक्त हो सके।
8 इंटरनेशन डेलीगेट्स ने प्रस्तुत किए रिसर्च पेपर
इंजीनियरिंग भवन में इलेक्ट्रिक एंड कम्यूनिकेशन व रिन्यूअल एनर्जी विजन-2040 पर आयोजित इंटरनेशन कॉन्फ्रेंस में देशभर से कई विशेषज्ञ शामिल होने पहुंचे थे। इंस्टीट्यृट ऑफ इंजीनियर्स, पंजाब एंड चंडीगढ़ स्टेट सेंटर की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन केचेयरमैन डॉ केके अग्रवाल ने किया। इस मौके पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स केनेशनल चेयरमैन डॉ गुनराजा व हिमाचल प्रदेश लोड डिस्पेच अथॉरिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील ग्रोवर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। दो दिवसीय सेमीनार के पहले दिन विशेषज्ञों के 6 टेकिभनकल सेशन हुए जिसमें बिजली बचाने और एनर्जी सेव करने केबारे में जानकारी दी। वहीं 8 इंटरनेशल डेलीगेट्स ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।